आज Creative freedom के नाम पर हो रहे अधर्म के ‘तांडव’ को रोकने के लिए अति आवश्यक है, कि सर्वोच्च गुरु का दर्जा प्राप्त चारों पीठों के शंकराचार्य इकट्ठे होकर आगे आए��, और सभी हिन्दुओं को एक सूत्र में बांधकर उन्हें अपनी आस्था, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए जागरुक करें...