वीडियो में दिख रही महिला के पिता का निधन हो ज��ता है।
यह अपने पिता की आत्मा की शांति के लिए रील वीडियो बनाकर रो रही हैं।
ईश्वर इनके पिता की आत्मा को शांति दें और इन्हें खूब फॉलोअर्स और व्यूज मिलें।
बिहार में आने वाली बाढ़ सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है। यह प्राकृतिक भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक कुप्रबंधन (Mismanagement) का घातक मिश्रण है।
इसे बहुत हद तक ठीक क���या जा सकता है।
सिस्टम ने बिहार के लोगों को इस तरह जीने के लिए जैसे अभिशप्त बना रखा है। इस दर्द को हेलिकॉप्टर में बैठकर कभी नहीं समझा जा सकता। इसके लिए पाँव ज़मीन पर रखने होंगे। ईमानदारी से काम करना होगा।
बिहार को बाढ़ का स्थायी समाधान चा��िए। सिर्फ घोषणा नहीं।
#BiharFlood
सरकारें आती हैं, जाती हैं, लेकिन नहीं बदलता है तो यह बिहार का बाढ़ और एक बिहारी का संघर्ष!
क्यों कोई भी सहायता नहीं पहुंचा रहा? क्या कारण हो सकता है?
#BiharFlood#BRICS2026
“हम तेरा बाप हैं रे, डॉ एसके आजाद तेरा…”
सहरसा सदर अस्पताल में प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक के साथ बदसलूकी और मारपीट. अभिषेक मिड-डे मील खाने से बीमार पड़े बच्चों के मामले की रिपोर्टिंग कर रहे थे, इसी दौरान अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी ���र मारपीट की. घटना के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल भी किया गया.
#Saharsa #BiharNews #SaharsaSadarHospital #Journalist #JournalistSafety #BiharHealth #BiharNews #prabhatkhabar @samrat4bjp @Nishantjdu81 @officecmbihar @BiharHealthDept
यह वही सुभाष गर्ग है जिनको आजकल कांग्रेसी अपना नया बाप बनाये घूम रहे हैं
और यह क्या बोल रहे हैं आप सुनिए
“ कांग्रेस की मनमोहन सिंह सरकार में प्रधानमंत्री की उनके मंत्री ही नहीं सुनते थे। PM को मंत्री वेट करवाते थे, मीटिंग में आते ही नहीं थे। प्रोजेक्ट, इन्वेस्टमेंट पर कोई फोकस ही नहीं था.. “ - पूर्व वित्त सचिव, सुभाष चंद्र गर्ग
सुलतानगंज देवघर कांवड़ यात्रा वाले मार्ग पर ज्यादा तर दूकानदार जैसा तैसा खाना इसलिए खिलाते है कि वो जानते हैं कि ये ग्राहक बम दुबारा हमारे दुकान पर तो आयेगा नहीं....
��ैने वो दौर देखा है जब हिदायत दी जाती थी - खबर किसी के भी खिलाफ चले सोनिया गांधी के खिलाफ नहीं चलनी चाहिए। - प्रधानमंत्री के खिलाफ चल सकती थी खबरें लेकिन सोनिया गांधी के खिलाफ नहीं। .. कहां है वो पत्रकार जो उस वक्त निष्पक्ष होने का दंभ भरते थे। मैं तब भी कहता था - अब भी कहता हूं - पत्रकारिता में निष्पक्षता, नपुसंकता है - बात जनपक्ष की जानी चाहिए
🚨 जब CJP के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस लाठियाँ चला रही थी, तब विजेता दहिया क्या कर रहे थे?
बर्गर खा रहे थे! 🍔
शर्म की भी हद होती है!
CJP के सारे लीडर तो प्रदर्शनकारियों को भड़काकर खुद सुरक्षित जगहों पर बैठे रहे, लेकिन विजेता दहिया सबसे बड़ा फ्रॉड निकला।
#VijetaDahiya #CJPExposed #NEETProtest #संसद_मार्च #BharatFirst #FakeLeaders
सिर्फ़ 8 साल का बच्चा... लेकिन बात ऐसी कि DM साहब भी प्रभावि��� हो गए।
लखीमपुर में तहसील दिवस के दौरान एक 8 वर्षीय बच्चा अपनी फरियाद लेकर डीएम के पास पहुंचा। उसकी शिकायत थी कि उसके चाचा-चाची ��े उसके घर पर ताला डाल रखा है, जबकि उसकी मां दूसरों के घरों में काम करके परिवार का पालन-पोषण करती हैं।
बच्चे ने बेझिझक कहा—
"सर, मेरे घर का ताला खुलवा दीजिए।"
डीएम ने तत्काल कोतवाल को निर्देश दिया कि बच्चे की समस्या का समाधान करें।
लेकिन इसके बाद बच्चे ने जो जवाब दिया, उसने सभी को चौंका दिया—
"दिखावा नहीं, ताला खुलवा दीजिए... टोपी लगाकर चले जाते हैं।"
इतना ही नहीं, बच्चे ने बातचीत में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का भी जिक्र किया। उसकी बेबाकी, आत्मविश्वास और मासूम अंदाज़ ने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींच लिया।
पूरा वीडियो सुनिए... बच्चे की बातें आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी। 👇
🚨Tension at India- Bangladesh Border
Border don't just divide land—they define responsibility.
A calm and professional interaction between 🇮🇳 BSF and 🇧🇩 BGB personnel at the border, where discipline, communication, and restraint help maintain peace and stability.
Professionalism is often the strongest line of defense.
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