आरक्षण-विरोधी भाजपाई ज़रा ये भी बताएं - उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कितने दलित, पिछड़े और आदिवासी कुलपति बनाए गए हैं? या सत्ता और शिक्षा के इन सबसे ऊँचे पदों पर आज भी उनका प्रतिनिधित्व नगण्य ही है?
वर्चस्व की ‘मेरिट’ देखिए - खुद ज़ीरो पर, सवाल OBC-SC-ST पर!
ये आँकड़े NEET-PG 2023 की काउंसलिंग और दाखिलों से जुड़े हैं, जिनका विश्लेषण Times of India ने 7 फ़रवरी 2026 को NMC की उपलब्ध admission list के आधार पर प्रकाशित किया।
NEET-PG 2023 में शुरुआती qualifying cut-off General/EWS के लिए 291/800 और OBC/SC/ST के लिए 257/800 था। सितंबर 2023 में खाली सीटें भरने के लिए qualifying percentile सभी वर्गों के लिए Zero कर दिया गया।
इसके बाद हुए दाखिलों के आँकड़े देखिए - न्यूनतम स्कोर General: 0, OBC: 5, SC: 10 और ST: 33 रहा। इतना ही नहीं, शुरुआती cut-off से नीचे स्कोर पर दाखिला पाने वालों में 56% से अधिक General category के उम्मीदवार थे।
फिर भी आरक्षण की बात आते ही दलित-पिछड़े-आदिवासियों को ‘कम मेरिट वाला’ बताने का ज्ञान बाँटा जाता है!
यही बताता है कि ‘मेरिट’ का यह शोर अक्सर योग्यता की चिंता नहीं, बल्कि सामाजिक वर्चस्व को सही ठहराने का हथियार बन जाता है।
आरक्षण में ‘सुधार’ या आरक्षण पर प्रहार की तैयारी?
कमाल की राजनीति है! जो जातिवादी-वर्चस्ववादी लोग SC-ST-OBC आरक्षण का विरोध करते हैं, वही जाति जनगणना से भी परेशान हैं।
लेकिन अब नया शब्द उछाला जा रहा है - आरक्षण में “सुधार”। सवाल है, बिना सही जातिगत आँकड़ों के सुधार किस आधार पर होगा? आँकड़े नहीं, तो समीक्षा नहीं - फिर यह “सुधार” है या आरक्षण को कमजोर करने का रास्ता?
किसकी कितनी आबादी है, शिक्षा-नौकरियों और सत्ता-संसाधनों में किसकी कितनी हिस्सेदारी है - यह जाने बिना आरक्षण पर कोई ईमानदार बहस संभव ही नहीं।
भाजपा ने दबाव में जाति जनगणना की हामी तो भर दी, लेकिन यदि उसकी पद्धति ही ऐसे आँकड़े पैदा न करे जिनसे वास्तविक सामाजिक प्रतिनिधित्व समझा जा सके, तो पूरी कवायद का अर्थ क्या बचेगा?
शंका इसलिए गहरी है - कहीं “सुधार” की सुंदर पैकिंग में आरक्षण को कमजोर या खत्म करने की राजनीति तो नहीं चल रही?
इसलिए माँग साफ़ होनी चाहिए - पहले सही, वैज्ञानिक और उपयोगी जाति जनगणना कराओ; आँकड़े सार्वजनिक करो, फिर आरक्षण पर बात करो।
महाराष्ट्र के नासिक और नागपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनुसूचित जाति (SC) आरक्षण के उप-वर्गीकरण के विरोध में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने मिलकर एक विशाल 'एल्गार महामोर्चा' निकाला है. देखिए वीडियो...
Agar khilaaf hain hone do, jaan thodi hai
Yeh sab dhuwan hai, koi aasmaan thodi hai
Lagegi aag toh aayenge ghar kai zad mein
Yahan pe sirf humara makan thodi hai"
"Rahat Indori"
मदरसा में पढ़ने वाले मुस्लिम युवक का कहना है कि ट्रेन में सफर के दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट एवं बदसूलुकी कि.
क्या मुसलमानों के लिए सफर भी अब आसान नहीं रह गया है?
जीवन में एक सितारा था
माना वह बेहद प्यारा था
वह डूब गया तो डूब गया
अम्बर के आँगन को देखो
कितने इसके तारे टूटे
कितने इसके प्यारे छूटे
जो छूट गए फिर कहाँ मिले
पर बोलो टूटे तारों पर
कब अम्बर शोक मनाता है
जो बीत गई सो बात गई।
~ हरिवंशराय बच्चन
नालंदा में बच्चों को मिड-डे मील में सर्फ़ खिलाए सप्ताह नहीं बीता और अरवल के 75 सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील में कीड़े परोसे गए!
शिक्षा मंत्री झाड़ फूंक से सब ठीक करवा देंगे! “कीड़ा” पनीर बन जाएगा और “सर्फ़” प्रोटीन!
गरीब बच्चों को कीड़ा समझ रखे है?
शर्म नहीं आती @mkrtiwari_bjp
हिंदुओं को खतरे से बाहर लाने के लिए चीनी महंगी करना जरूरी था वरना रक्षा बंधन में मिठाई खाकर हिंदू डायबिटीज का शिकार हो सकता था. मिलावटी पेट्रोल डालकर गाड़ियाँ भी इसीलिए ख़राब की गई हैं ताकि हिंदू पैदल चले और उसकी सेहत ठीक रहे…चीनी वही-सोच नई💪
@narendramodi