Heroes of Malviya Nagar ❤️
- Amir Khan
- Mohd Shoaib
- Wasim Raja
- Mohd Afzal
These are the people who rescued people trapped in fire in Malviya Nagar risking their own lives.
#Horrific A Brahmin man named Jitendra Pathak brutally murdered a 1.5 year old child and no mainstream media outlet raised its voice, the reason is caste. 🔥🔥
İsrail askerleri, Batı Şeria'da bir Filistinli genci annesinin yardım çığlıkları arasında bayılana kadar dövdü.🇵🇸💔
Bunu normalleştirmeyin ,
Bunu paylaşmaktan vazgeçmeyin.
इसका नाम नकुल है
इसने अपनी बहन को दो मुसलमान लड़के ज़ीशान और शावेज़ के पास जबरन भेजा ताकि उन्हें "लव जिहाद" और गैंग रेप के झूठे केस में फंसा सके और ₹10 लाख की उगाही की जा सके ।
फिर इसने अपनी बहन का वीडियो बनाया, और पुलिस को बुला ���िया। पुलिस जांच को लड़की ज्यादा देर तक झेल नहीं पाई और सारा सच उगल दिया। नकुल अब फरार है, पुलिस 3 टीमें लगाकर उसे पकड़ने की तलाश में है।
नकुल बजरंग दल से जुड़ा हुआ है और इस साजि�� में विश्व हिंदू परिषद के लोग भी शामिल थे।
'Harsh Reality'
China bans Indian rice
Japan bans Indian mangoes
Singapore, Hong Kong, Maldives, Nepal had earlier banned Indian packed spices.
RT bcoz Godi Media won't show you this.
असद, जो सूर्या की हत्या के मामले में आरोपी था, गाज़ियाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
सौरभ, जो अरबाज़ की हत्या में शामिल था उसे रिहा कर दिया गया।
दोनों घटनाएँ एक ही दिन हुईं।
आज से 3000 स���ल पहले एक बड़ी आबादी दलित और अछूत बन गई थी, वज�� थी उनके लिये न्याय ग़ायब था।
एक ही अपराध के लिये ख़ुद के लिये कोई सजा नहीं थी पर दूसरे के लिये थी।
यही मानसिकता जब आम हो गई तो समाज स्वर्ण और दलित में विभाजित हो गया।
नकुल गुर्जर ने कथित तौर पर अपनी बहन को ज़ीशान और शाहवेज़ के पास जबरन भेजा ताकि उन्हें यौन संबंधों के जाल में फँसाकर “लव जिहाद” के मामले में आरोपित किया जा सके और उनसे ₹10 लाख की उगाही की जा सके।
अब बताओ अंधभक्त क्या क्या कर रहे हैं
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में विजय पंडित नामक पुजारी ने मंदिर के अंदर एक 10 वर्षीय दलित लड़की के साथ बलात्कार की कोशिश की। जब आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, तो ब्राह्मण समुदाय ने आरोपी के समर्थन में पुलिस स्टेशन को घेर लिया।
उत्तर प्रदेश में न्याय का पैमाना आखिर तय कौन कर रहा है?
गाज़ियाबाद में सूर्या हत्याकांड का आरोपी असद पुलिस एनका���ंटर में मार दिया जाता है, मीडिया में वाह-वाही सोशल मीडिया पर जश्न।
फिरोजाबाद में जितेंद्र पर आरोप है कि उसने एक मासूम बच्चे को ज़मीन पर पटक-पटक कर मार डाला, यहाँ न कोई प्राइम टाइम बहस हुई।
न कोई राष्ट्रव्यापी गुस्सा दिखा, न कोई "एनकाउंटर" की मांग, आरोपी को पैरों में गोली मारकर ज़िंदा गिरफ्तार कर लिया जाता है।
उत्तर प्रदेश में कानून का व्यवहार भी नाम देखकर बदल जाता है? क्या एनकाउंटर का रास्ता सिर्फ़ उर्दू नाम वालों के लिए सुरक्षित है?
गिद्ध मीडिया का आक्रोश भी पहचान देखकर तय होता है? क्या एक मासूम की जान की कीमत उसके हत्यारे के नाम से तय होगी?
हम हर अपराधी के लिए एक ही कानून चाहते हैं, या तो सबको अदालत में पेश करो, या फिर मान लो कि इस देश में न्याय नहीं, पहचान के आधार पर अलग-अलग नियम-कानून रहे हैं। #UttarPradesh
दिन रात हिन्दू मुस्लिम करने वालों नफ़रती चिंतुओं, ये देखो एक मुस्लमान, तबरेज हुसैन की दिलेरी को जिसने अपनी जान पर खेलते हुए किसी की ज��िंदगी बचाई। सलाम है ऐसे नौजवानों को। ❤️
मस्जिदों के सामने नफ़रत भरे, भड़काऊ गानों पर नाचना धर्म की अभिव्यक्ति माना जाता है। लेकिन सिर्फ़ एक बैनर, जिस पर लिखा हो “आई लव मुहम्मद”, एफआईआर दर्ज करने की वजह बन जाता है। : पार्थ एम. एन. (भारतीय पत्रकार)
लोकेशन : सहारनपुर, उत्तरप्रदेश
#iLoveMuhammadﷺ का पोस्टर हाथ से
छीनकर पुलिस ने फाड़ा।
पुलिस ने जामा मस्जिद से बाहर निकले एक युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस उसे थाने ले गई और उसके हाथ से पोस्टर छीनकर फाड़ दिया जिससे पोस्टर के खिलाफ पुलिसकर्मियों की नफरत साफ उजागर होती है।
तुमने क्या सोचा लाठी चार्ज करके ज़ख्मी कर दोगे तो जुबानें बंद हो जायेंगी "बिल्कुल भी नहीं ये जुबानें कभी बंद नहीं होंगी दम में जब तक है दम ज़िक्र उनका ﷺ सुनाते जायेंगे!
#बरेली
मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने 5 मुस्लिम नौजवानों को सिर्फ़ इसलिए गिरफ़्तार कर लिया क्योंकि उन्होंने गाड़ियों और घरों पर “I Love Muhammad” के पोस्टर और स्टिकर लगाए थे, यहाँ तक कि प्रिंटर और कंप्यूटर भी ज़ब्त कर लिए गए।
क्या अब अपने पैग़म्बर मुहम्मद स० से मोहब्बत जताना भी जुर्म हो गया है? ये क़ानून है या सिर्फ़ मुसलमानों को डराने का नया हथकंडा?
@KraantiKumar आंध्र प्रदेश के आदोनी में आसिफ नाम के मासूम मुस्लिम युवक को जबरन धार्मिक
नारे लगाने, तिलक लगाने और देवी-देवताओं के सामने झुकने के लिए मजबूर किया गया।