भारत में चार किस्म के हिंदू हैं।
पहला, जो कहते हैं, गर्व से कहो हम हिंदू हैं।
दूसरा जो कहते हैं, गर्व की क्या बात है।
तीसरे जो कहते हैं, धीरे बोलो हिंदू हैं।
चौथा वो जो भूल गए हैं कि वो हिन्दू हैं।
: डॉ मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
अंग्रेजी से हमारा बैर नहीं है। जहां अंग्रेजी के बिना काम नहीं चलता, वहां हम अंग्रेजी भाषा का उपयोग करते हैं। पर हमारा प्रयास रहता है कि अपनी मातृभाषा या फिर हिन्दी भाषा का ही प्रयोग करें।
- डॉ. मोहन भागवत जी
#NewHorizons
संघ का सरसंघचालक कोई ब्राह्मण नहीं बन सकता, कोई क्षत्रिय नहीं बन सकता, कोई अन्य जाति का नहीं बन सकता, हां जो कोई भी बनेगा वह हिन्दू ही होगा।
- डॉ. मोहन भागवत जी
#NewHorizons
प्राचीनतम साहित्य - वेद, पुराण, रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों का गहन अध्ययन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भारतवर्ष की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक एकता केवल एक विचार नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की एक वस्तुनिष्ठ सत��यता है।#AkhandBharatSankalpDivas #विभाजन_की_विभीषिका