सेठ और गोदी सेठ में फ़र्क़ होता है। गोदी सेठ बाज़ार के नियमों से नहीं सरकार के नियमों और कृपा से बनता है। अगर इतना नहीं समझना चाहते तो आप समझना ही नहीं चाहते हैं। अब तो दिल्ली के नतीजे भी आ गए, गोदी मीडिया देखना बंद करें और इस वीडियो को देखना शुरू करें। https://t.co/lfqvQVPJd9
आप सभी का बहुत शुक्रिया। विनम्र हूँ। आपके प्यार का पहाड़ गोदी सेठ की दौलत से बहुत ऊँचा है। फ़ोन में आए हज़ारों संदेशों में गुम हो गया हूं। उन्हें पढ़ना और सहेजना है। गुज़ारिश है कि अब कुछ दिनों तक मैसेज न भेजें। ए��ांत ज़रूरी है। चार साल में बाल बाल-बाल भी न बचे! 2018 की तस्वीर।
माननीय जनता,
मेरे होने में आप सभी शामिल हैं। आपका प्यार ही मेरी दौलत है। आप दर्शकों से एकतरफ़ा और लंबा संवाद किया है। अपने यू- ट्यूब च���नल पर। यही मेरा नया पता है। सभी को गोदी मीडिया की ग़ुलामी से लड़ना है।
आपका
रवीश कुमार
https://t.co/39BKNJdoro
जो 70 साल मे नहीं हुआ वो 8 साल मे हो गया अल्लाह का शुक्र है की साहेब 18 घंटे ही काम किये 24 घंटे करते तो क्या होता?
@MonikaSinghSays
https://t.co/DuYQ0gdqcP…
https://t.co/IDfX1lRhAW
जो 70 साल मे नहीं हुआ वो 8 साल मे हो गया अल्लाह का शुक्र है की साहेब 18 घंटे ही काम किये 24 घंटे करते तो क्या होता?
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जालौर में दलित छात्र के हत्या मामले में सवर्णो ने जातिवादी अपराधी को बचाने के लिए सभा का आयोजन किया। दैनिक भास्कर (@DainikBhaskar) ने छापकर बताया है कि आयोजन में 36 कौम शामिल थी। लेकिन एक घंटे के वीडियो में भाषण देने वाले सभी सवर्ण थे तो 36 कौम कैसे हुई? #Boycott_DainikBhaskar
जालौर में दलित छात्र के हत्या मामले में सवर्णो ने जातिवादी अपराधी को बचाने के लिए सभा का आयोजन किया। दैनिक भास्कर (@DainikBhaskar) ने छापकर बताया है कि आयोजन में 36 कौम शामिल थी। लेकिन एक घंटे के वीडियो में भाषण देने वाले सभी सवर्ण थे तो 36 कौम कैसे हुई? #Boycott_DainikBhaskar