इन चारों ब्राह्मणों ने ऐसा काम किया कि किसी न्यूज चैनल वालों में नहीं दिखाया, ये मामले ज्यादा दिन पुराने नहीं हुए....
👉 जितेंद्र पाठक में 1.5 साल के बच्चे को पटक पटक कर बेरहमी से मार डाला !
👉 डॉ शैलेंद्र शर्मा ने हॉस्पिटल में ईलाज कराने आई , एक नाबालिक लड़की का रेप किया!
👉 अभिषेक मिश्रा ने लड़की को नसीली दवा देकर ,ब्लैकमेल किया, अश्लील वीडियो बनाया, रेप किया!
👉 विनय पंडित पुजारी ने मंदिर के अंदर 10 साल की लड़की का रेप करने को कोशिक की , जब गिरफ्तारी हुई तो ब्राह्मणों ने प्रोटेस्ट किया !
ब्राह्मण जाति की वज़ह से , न्यूज चैनलों में बैठे जाति वादी ब्राह्मण न्यूज एंकर ऐसे खबर नहीं दिखाते!
कोइरी समाज को कमजोर समझने की भूल मत करो।
जो लोग #कोइरी_भगाओ_मऊ_बचाओ व #कोइरी_भगाओ_यूपी_बचाओ जैसे नफरती नारे लगाकर हमारे आत्मसम्मान को चुनौती दे रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि कोइरी समाज अन्याय, अपमान और भेदभाव के सामने झुकने वाला नहीं है।
27 में 16% कोइरी अपना बदला लेगा।
जाति देखकर बलात्कारी, आतंकवादी, नक्सली और गुंडे माफियाओं का समर्थन ही ब्राह्मणवाद है, जिसका अंत होना निश्चित हैं।
बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के परिवारजनों की हत्या की धमकी दी जा रही हैं।
समझिए एक राज्य मुख्यमंत्री को मारने की धमकी दी जा रही हैं। योगी आदित्यनाथ ने कई लोगों का एनकाउंटर कराया तब इनके जुबान से एक शब्द भी नहीं निकला ।
इन मनुवादियों को सम्राट चौधरी जी इतना तकलीफ हो गया हैं।
हैलो @bihar_police कृपया इस मामले को संज्ञान में लीजिए किसी अनहोनी होने से पहले ।
चौबे जी, लड़का आपकी बिरादरी का था तो 'ब्रह्म हत्या' का पाप लगने लगा..? यह 'ब्रह्म हत्या के पाप' का जिक्र संविधान के किस अनुच्छेद में है..? कोई मेरे जैसे शूद्र की हत्या कर देगा तो ऐसा कोई पाप तो नहीं लगेगा..?
#बिहार 🚨 मृतक भरत तिवारी का पुराना वीडियो वायरल
👉 भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र ग्राम बिलौटी में फर्जी एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी और पुलिस के बीच मारपीट का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
👉 वीडियो में भरत तिवारी पुलिस वाले से कह रहा है, मारा क्यों, हाथ क्यों उठाया, मौके पर दो पुलिस कर्मी और दो आर्मी के जवान भी है जो बीच बचाव करते दिखाई दे रहे हैं।
👉 वहीं भरत तिवारी के माता पिता भरत को शांत कराने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं, जब मामला शांत होते नहीं दिखा तो पिता ने भरत तिवारी को तीन चार तमाचा मार दिए, इतने में भरत गुस्सा होकर पुलिस की गाड़ी में बैठने लगता है।
👉 बताया जा रहा है भरत तिवारी कोई शिकायत लेकर SDM कार्यालय पहुंचे थे, जहां गर्म जोशी के साथ बातचीत के दौरान पुलिस कर्मी ने थप्पड़ मार दिया जिसके बाद भरत तिवारी अपने आपको कंट्रोल नहीं कर पाए और पुलिस कर्मी का गिरेबान पकड़कर पूछने लगा क्यों मारा हाथ क्यों उठाए।
📍हिन्द न्यूज लाइव चैनल इस खबर की पुष्टि नहीं करता।
तलवार से केक काटने पर FIR हो जाता है
घोड़ी चढ़ने पर गला काट दिया जाता है
मूंछ रखने पर गोली मार दिया जाता है
मंदिर जाने पर अछूत कहकर राजगीर में पीट पीटकर हत्या की जाती है
और अवैध बंदूक से SDM,CM को हत्या की धमकी देने वाला क्रांतिकारी हो जाता है ?
ये कहां का संविधान है भाई ?
सरनेम का प्रभाव :—
ब्राह्मणों ने ठाकुर समाज के 3 लोगों भरत सिंह, नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह को जिंदा जल दिया।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की यह घटना बेहद दर्दनाक है।
मतभेद चाहे कितने भी बड़े हों, किसी को जिंदा जलाकर मार देना सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
न्याय दो।😡
माननीय सम्राट चौधरी जी के परिवारजनों की हत्या की धमकी दी जा रही हैं।
समझिए एक राज्य मुख्यमंत्री को मारने की धमकी दी जा रही हैं।
इन मनुवादियों को सम्राट चौधरी जी इतना तकलीफ हो गया हैं।
हैलो @bihar_police कृपया इस मामले को संज्ञान में ले, नहीं तो राज्य का माहौल बिगड़ सकता हैं।
मधेपुरा के यादव बहुल इलाके में हूँ। यहाँ के यादव मुखिया काफी मित्रवत हैं, लेकिन इलाका बेहद पिछड़ा नज़र आता है। एक सरकारी अस्पताल की बाउंड्री का निर्माण चल रहा है। स्थानीय लोग तरह-तरह की बाधाएँ खड़ी कर रहे हैं। ठेकेदार कह रहा था कि किसी तरह काम पूरा करके निकल जाए,
ब्राह्मण अपने भक्तों - ओबीसी, वैश्य, क्षत्रिय को बोल रहा हैं, आओ हम सब मिल कर सवर्ण पार्टी बनाए 😂😂
सवर्ण पार्टी तो बना लेगा, फिर UGC में समर्थन करेगा ब्राह्मण समाज😂
ये पोस्ट वाला ब्राह्मण OBC समाज को क्या समझता होगा??🤔
ये तीनो जातंकी नेता अपने अपने ज़ात के बारे मे बोल लिए की वो निर्दोष था उसका एनकाउंटर फर्जी है, लेकिन राजगीर मे 2 पासवान समाज के लडको का हत्या मे इनकी बोली नहीं निकल रही है क्योकि मारने वाला ब्राह्मण पुजारी था, पुजारी ने मोब लिंचिंग कर के दोनों का हत्या कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में मऊ में....
"कोइरी भगाओ, मऊ बचाओ" जैसे नारे लगाए गए!
भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य का राजनीतिक विरोध करो लेकिन पूरे कोइरी (कुशवाहा), मौर्य और सैनी समाज को निशाना बनाना तुम्हारी भूल है !
उत्तरप्रदेश में कुशवाहा, मौर्या, शाक्य, सैनी, सरकारी आंकड़ों के अनुसार 14 से 16 प्रतिशत है , जबकि वास्तविक संख्या 22 से 25% है !
उत्तरप्रदेश में कोइरी समाज इतना भी आर्थिक कमजोर नहीं है जो तुमलोगों का मुंह तोड़ जवाब नहीं दे सकता!
आज भाजपा की सरकार यूपी, बिहार, हरियाणा, मध्यप्रदेश, में कुशवाहा मौर्या समाज के सहारे टिकी हुई है !
#Mau
27 में 16% कोइरी अपना जवाब देगा।
कोइरी समाज को कमजोर समझने की भूल मत करो।
जो लोग #कोइरी_भगाओ_मऊ_बचाओ व #कोइरी_भगाओ_यूपी_बचाओ जैसे नफरती नारे लगाकर हमारे आत्मसम्मान को चुनौती दे रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि कोइरी समाज अपमान का जवाब लोकतांत्रिक ताकत, एकता और जनमत से देगा।
कैसे रो रहा है ये लड़का फिर भी ये पंडित पुजारी कैसे मार रहा है आपको इन पंडित पुजारी का एनकाउंटर कर देना चाहिए था।
2 दलित कि जान चली गई।।
@bihar_police@BJP4India
महानुभाव @EinstYdv जी का कहना हैं कि बेगूसराय में जो सामूहिक महिला दुष्कर्म वाली घटना हुई हैं वो सम्राट चौधरी के जाति वालों ने किया है।
तो मैं महोदय से अनुरोध करूंगा कि आप सच्चाई के और तह तक जाएंगे तो आपको पता चलेगा कि ये आरोपी कुशवाहा समाज से नहीं बल्कि बिंद नोनिया समाज से हैं।
कुख्यात अपराधी भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद पूरा सवर्ण मीडिया उसे मसीहा बनाने में लग गया है ।
बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के परिवार पर इस व्यक्ति द्वारा अभद्र टिप्पणी की जा रही है ।
@bihar_police ऐसे लोगो का इलाज कीजिए
“ब्राह्मण रूठा” यानी ब्राह्मण वोट का झूठा नैरेटिव।
2019 के लोकसभा चुनावों से पहले राहुल गांधी, राजस्थान के पुष्कर धाम के “ब्रह्मा मंदिर” में जाकर दत्तात्रेय गोत्र के ब्राह्मण बने। और फिर ब्राह्मण महानता का ढोल पीटा जाने लगा। यानी मान लिया था कि सारा वोट ब्राह्मण ही देता या दिलवाता है।
नतीजा—2019 के चुनावों में ना केवल कांग्रेस बुरी तरह से हारी बल्कि राहुल गाँधी अपनी परंपरागत सीट अमेठी भी हार गए।
2022 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों में योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध ब्राह्मण लॉबी उतर पड़ी। और बहाना था कानपुर का एक अपराधी विकास दुबे जिसने पुलिस वालों तक की हत्या की थी।
उसकी गाड़ी पलटने की दुर्घटना में हुई मृत्यु को लेकर ब्राह्मण सर्वोच्चता का वह तमाशा किया गया कि भूमिहारों के पूज्य भगवान परशुराम उपयोग करके उनका फरसा लहराया जाने लगा।
जिसका एकमात्र कारण योगी को सन्यास पूर्व की जाति के कारण नीचा दिखाना था।
ब्राह्मण एकदम योगी के प्रति अपनी पूर्ण घृणा उगल रहे थे और साथ मिला अखिलेश का, जिन्हें आरएसएस पीछे से चला रही थी, और इस बार भी है।
नतीजा—योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश राज्य के इतिहास के मात्र दूसरे ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो सत्ता में रहने के बाद चुनाव लड़कर पूर्ण बहुमत से वापस जीतकर आए हैं। और यह कारनामा उन्होंने 37 साल बाद किया।
लेकिन यही नहीं योगी आदित्यनाथ लगातार 5 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहने के बाद दोबारा पूर्ण बहुमत से जीत हासिल करने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं। यानी योगी आदित्यनाथ ने बिना ब्राह्मण वोट के उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास में नाम दर्ज कर दिया।
तो ब्राह्मण वोट जमीन पर कहीं नहीं है। ना वह वोट डालकर कुछ बड़ा बदलाव ला सकता है। और ना ही उसके कहने से बाकी जनता वोट देती है।
यह केवल चित्रा त्रिपाठियों, रजत शर्माओं, बृजेश मिश्राओं, अमिताभ अग्निहोत्रियों, अभिसार शर्माओं, राजदीप सरदेसाई के नैरेटिव में है।
#नैरेटिव_के_किस्से