🦚💙 श्री कृष्ण जन्���ाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ 💙🦚
मुरली की धुन से महके हर पल,
कान्हा की कृपा से खुशियों से भर जाए जीवन।
श्री कृष्ण आपके घर-आँगन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएँ। 🙏✨
जय श्री कृष्ण! राधे राधे! 🦚🙏
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माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को जन जन तक पहुंचा रहे प्रदेश के सीएचओ के लिए एमडी एनएचएम ने हमारी समस्याओं के निराकरण करने की बजाय उनके द्वार तक पहुचने पर भी पाबंदी लगा दी है! ये रवैया हमारे हित में कतई नहीं है!
आदरणीय चिकित्सा मंत्री जी @JPNadda जी आपसे मिलकर अपनी बात रखने के लिए नर्सिंग छात्र और उनके प्रतिनिधि आपके आवास पर आए हुए हैं। पिछले वर्षों में कई बार हमने "आज ही के दिन लागू हुए 80:20 काले कानून" का विरोध दर्ज कराया लेकिन कभी कोई Reply तक नहीं ��या। आज आपके आवास के अधिकारी कह रहे है कि मंत्री जी Protocol से मिलते हैं या बड़े लोगों की approach से लेकिन Protocol के माध्यम से हमने कई बार कोशिश की है और बेरोजगार बड़े लोग कहाँ से लाए? इसलिए हमें आपसे उम्मीद है कि आप समय देकर हमसे मिलेंगे और संवाद करेंगे। क्योंकि आपने NEET के छात्रों की आवाज को सुना NORCET की भी सुनोगे । जैसे किसान कृषि मंत्री के पास जाते है, मजदूर लेबर मिनिस्ट्री के पास वैसे ही नर्सिंग अभ्यर्थी आपसे मिलने नहीं आयेंगे तो कहाँ जाएंगे!
#Save_male_nurses
नियमितीकरण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO)
राजस्थान में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का आंदोलन तेज हो गया है। प्रदेशभर से करीब 3000 से अधिक CHO जयपुर में ��कत्र होकर नियमितीकरण, स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू करने और मूल जॉइनिंग तिथि 27 मार्च 2022 मानने की मांग कर रहे हैं। धरने पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि वे पिछले चार वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी संविदा कर्मी के रूप में कार्य कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे CHO का आरोप है कि उनकी मूल जॉइनिंग तिथि 27 मार्च 2022 थी, लेकिन विभाग द्वारा इसे बदलकर जुलाई 2023 कर दिया गया, जिससे उनके करीब दो वर्षों की सेवा अवधि प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि सरकार ने तीन वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमितीकरण का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक न तो नियमितीकरण के लिए कोई प्रक्रिया शुरू की गई और न ही स्क्रीनिंग को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी हुआ।
राजस्थान एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (RACHO) ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर करीब 9700 संविदा CHO के हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की है। संगठन का कहना है कि कोरोना काल से लेकर आज तक CHO ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं और लाखों लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचा रहे हैं।
CHO ने नियमितीकरण के साथ-साथ NHM नियमों के अनुसार लॉयल्टी बोनस और सेवा सुरक्षा की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायित्व और कैरियर सुरक्षा ���हीं मिल पाई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सरकार ��नकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो इससे न केवल हजारों स्वास्थ्यकर्मियों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं भी और अधिक मजबूत होंगी। अब सभी की नजर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है।