जय जोहार 🙏में आदिवासी भारत ,आँनर आँफ **,,Indigenous ,भारत इंडिया का **मूलवंशज हूं नागरिक नही **
**"AdivasiTribleReligions
Census2021**
*स्वतंत्र आदिवासी सांस्कृतिक दार्शनिक
पहचान कै लिए आदिवासी धर्म काँलम का समर्थन करता हूं 🌱🌱✊✊🏹🏹
@collectorjhabua@JansamparkMP@CMMadhyaPradesh@comindore@GADdeptmp हम भी खेतों में गिरदावरी का काम बड़ी हँसी खुशी के साथ कर रहे हैं। थोड़ा हमारी तरफ भी ध्यान दे दीजिए श्री मान हम सर्वेयर अपनी जान पर खेलकर फसलों की गिरदावरी कर रहे हैं। बिना सेफ्टी किट,बिना बीमा,बिना मासिक मानदेय के 8 रुपए प्रति खसरे में अपना जीवन दाव पर लगा रहे हैं।
1500+ वीरों की शहादत का कर्ज चुकाने निकले हैं, अपने आत्मसम्मान का परचम लहराने निकले हैं। न झुकेंगे, न रुकेंगे, इतिहास बदल कर दम लेंगे, संतों के सपनों का भील प्रदेश हम छीन कर लेंगे।।।
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
बीजेपी सरकार ने शिक्षक भंवरलालजी परमार समाज सुधार के लिए किये गए प्रयास को समाज विरोधी और सरकार विरोधी बताकर निलंबित करने की घटना बीजेपी सरकार की ता��ाशाही फेसलो में से एक है @BhajanlalBjp सरकार से मांग करते है भंवरलालजी परमार को पुनः बहाल किया जाये!
#भंवरदादा_निलंबन_वापस_लो
डूंगरपुर समाजसेवी शिक्षक भंवरलाल परमार द्वारा आदिवासी क्षेत्र में शराब बंदी को लेकर दिए गया वक्तव्य भी भजनलाल सरकार को सरकार विरोधी लगेगा क्यूंकि आदिवासी बाहुल्य में शराब बड़ी मात्रा में हर दिन खपत होती है!!
#भंवरदादा_निलंबन_वापस_लो@BhajanlalBjp@RajCMO@Madandilawar
पहले काली बाई भील को पाठ्यक्रम से हटाया गया। अब जलियाबाला बाग से भी बड़ें मानगढ़ हत्याकांड 1913 को हटा दिया गया है।
मीणाओं के आंदोलन को कभी पाठ्यक्रम में शामिल ही नहीं किया गया था। सहरियाओं अथवा बाकि आदिवासियों के बारें में तो सोचा ही नहीं गया था।
इसके बावजूद राजस्थान सरकार ये जो आदिवासी इतिहास के दो अध्याय थे इन्हें भी अब एक एक करके इतिहास की किताबों से हटा दिया गया है।
ग़ज़�� बात ये है कि राजस्थान की राजनीति और प्रशासन में आदिवासियों की संख्या खूब है लेकिन BAP को छोड़कर बाकी किसी ने भी आवाज तक नहीं उठाई है।
आदिवासी इतिहास को मिटाने की साजिश करने वाले BJP के लोग है नीचे दी गई चिट्ठी आप पढ़ सकते है। मन्नालाल रावत जैसे लोग आदिवासी समाज को अंदर से खोखला कर रहे है। ये आदिवासी समाज के दुश्मन है।
राणा पूंजा भील मेरपुर के जमाने में भी सामाजिक गद्दार थे!
भील संत सुरमाल खराड़ी महाराज के जमाने में भी सामाजिक गद्दार थे
संत गोविन्द गुरु महाराज के जमाने में भी सामाजिक गद्दार थे!
काली बाई कलासुआ के जमाने में भी सामाजिक गद्दार थे
आज भी सामाजिक गद्दार हैं #आदिवासी_इतिहास_विरोधी_BJP