सवाल ये है कि क्या सरकारें (किसी की भी) वाकई चाहती हैं कि पेपर लीक रुके?
सबसे बड़ा पेपर लीक माफिया बेदी राम, उत्तर प्रदेश की विधानसभा का सदस्य बन गया. 30 साल पेपर लीक का अनुभव है. आजतक कुछ न हुआ.
NEET, BPSC का पेपर लीक कराने वाले संजीव मुखिया को जमानत मिल गई क्योंकि CBI, 90 दिन में चार्जशीट नहीं डाल पाई.
RO/ARO, यूपी पुलिस का पेपर लीक कराने वाले कुख्यात पेपर लीक माफिया राजीव नयन मिश्रा को भी जमानत मिल गई.
पेपर लीक होने के बाद 4 दिन हंगामा होता है. कोई कहेगा, ऐसी कार्रवाई करेंगे सात पुश्तें याद रखेंगी. कोई कहेगा, धरती के नीचे से खोद निकालेंगे. लेकिन पेपर लीक माफियाओं को इससे घंटा फर्क नहीं पड़ता.
आज जेल, कल बेल, परसों से फिर वही खेल...
#paperleak
ये सामान्यीकरण की कोशिश है.
देखो सबके साथ हो रहा. बड़े-बड़े लोगों के साथ हो रहा. प्रोसेस में ऐसा ही होता है. घबराने की जरूरत नहीं है. प्रोसेस फॉलो करिए...
ताकि लोगों को लगे हां ऐसे ही होता है. जब कपिल सिब्बल और आडवाणी को नोटिस मिल सकता है तो हम किस खेत की मूली हैं. लगो लाइन में
अभी तक ग़रीब साधारण लोगों के नाम कटने की ख़बर आ रही थी। बीच-बीच में कुछ सेवानिवृत्त और वयोवृद्ध नामवर लोगों के नाम कटने की ख़बर छपी और ग़ायब हो गई। दिल्ली में तो उन्हें भी नोटिस मिला है जिन्होंने SIR को नाक का सवाल बना लिया था। जो कहते थे विदेशी का पता लगाने के लिए SIR ज़रूरी है। अब ख़ुद का नाम आया तो बता भी नहीं रहे। किसी और को लिस्ट से नाम निकाल कर बताना पड़ रहा है। उम्मीद करनी चाहिए कि दिल्ली की अदालतों के जजों को नोटिस नहीं मिला होगा। सुप्रीम कोर्ट में SIR की सुनवाई कर रहे जस्टिस को नोटिस नहीं मिला होगा। काश कोर्ट ने बिहार के समय ही रोक दिया होता। करोड़ों के नाम कट गए। जिन केंद्रों पर लोग नोटिस का जवाब देने जा रहे हैं, अगर सारे पत्रकार कैमरे लेकर खड़े हो जाएँ तो इस प्रक्रिया का सामूहिक चेहरा नज़र आ जाएगा।
Some gestures remain very special!
#AshirwadKaDiya is one such expression of affection that has deeply touched me.
Every blessing strengthens my resolve to serve our beloved Bharat with even greater devotion.
ये जो नोट छपाई का पैसा बच रहा है, उसका क्या करेंगे? किराना लेना है, तो अपना ही पैसा खर्च करने पर टैक्स दो. कुछ बचत मार्केट में लगानी है, अपना ही पैसा खर्च करने पर टैक्स दो. ये कौन चित्रकार है भाई? जितने ट्रिलियन का मामला हो गया है, उसमें से निकालो न थोड़ा सा पैसा यूपीआई के लिए!
प्रयागराज में सपा नेता पवन यादव का पार्थिव शरीर रखकर परिजनों ने घंटों तक NH-19 को जाम कर दिया था जिसे अब पुलिस ने खुलवा दिया है ।
बड़ी संख्या में लोगों ने पार्थिव शरीर के पास इकट्ठा होकर हाईवे को जाम कर दिया ।
परिजनों को समझाने में पुलिस के पसीने छूट गए । परिजनों की माँग है कि आरोपियों के घर पर बुलडोजर चले और जैसे पवन को मारा गया वैसे ही आरोपियों को भी मारा जाए ।
#prayagraj
This is an underpass in Mirzapur, UP. Commuters were dealing with this for years but today the local BJP MLA Ratnakar Mishra's car got stuck in the pile of mud near the the underpass. A tractor was called in to pull the car out.
यूपी के सहारनपुर में ₹20 के नकली सिक्के बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर 6,400 नकली सिक्के, 6 मशीनें और पूरा सेटअप बरामद किया। गैंग रोज करीब 12 हजार नकली सिक्के बनाता था, जिन्हें बाजार में खपाया जाता था और लोगों को ठगा जाता था।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सपा की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष माया वाल्मीकि और बीजेपी की वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष आशारानी कबीर के बीच मारपीट और हंगामा
नाली तोड़ने को लेकर दोनों के बीच हुई मारपीट,
हमीरपुर के कुरारा कस्बे का मामला, राजनीतिक गलियारों में सपा-भाजपा की भिड़ंत को लेकर तेज हुई चर्चा...
When the Captain and Vice-Captain meet, you can expect a whole lot of fun and banter! 😄
A wholesome chat between Ishan Kishan and Vaibhav Sooryavanshi post East Zone's memorable #DuleepTrophy triumph 🏆👏 - By @jigsactin#EZvSZ | @ishankishan51
A special tribute to @MdShami11 ✨
Praise for Vaibhav Sooryavanshi 👏
A historic win after 13 years 🏆
Two motivating speeches 🗣️
🎥 Step inside the East Zone huddle to catch all the precious moments 🙌
#DuleepTrophy | #EZvSZ
अमूमन मैं ऐसे पोस्ट का रिप्लाई नहीं करता, लेकिन @Editor_SanjayS जी, अब जवाब देना ज़रूरी हो गया है.
1. ये आरोप सरासर झूठ है कि लल्लनटॉप ने ख़बर के साथ 4 PM का ज़िक्र नहीं किया. लल्लनटॉप शो की क्लिप नीचे अपलोड की है, सुन लीजिए.
स्टोरी शाहीन और नफीसा थे, 4 PM नहीं. लेकिन आप अपने पत्रकारों से मारपीट के मामले को 4 PM के मार्केटिंग इवेंट में क्यों तब्दील करना चाहते हैं? क्या इसमें आपका कोई कमर्शियल फायदा है?
2. क्या आप इस घटना की पीड़िता शाहीन से असहमत हैं? क्योंकि शाहीन समझती हैं कि मैं उनके साथ खड़ा रहा. आपसे भी अधिक.
3 सितंबर को 11:45 पर मुझे सूचना मिली. 3 बजे बजे तक शाहीन AIIMS पहुंचीं. 5 मिनट बाद मैं AIIMS के ट्रॉमा सेंटर में था. MLC बनने में 8 बज गए. इन तमाम घंटों के दौरान मैं AIIMS में ही रहा. बतौर पत्रकार जो मदद बन पड़ी, मैंने की.
इस दौरान मैं, एक वकील साहब और शाहीन का परिवार एम्स में मौजूद थे. संजय जी, आप वहां नहीं थे. उसके बाद शाहीन-नफीसा के साथ मैं साकेत थाने गया. वहां भी शाहीन के परिवार और मोहल्ले के लोग थे. संजय जी, आप वहां नहीं थे. मैं रात 3 बजे साकेत थाने में रहा. लगातार रिपोर्ट कर रहा था. इसकी पुष्टि शाहीन की इंस्टाग्राम स्टोरी करती है, जिसमें वो मुझे शुक्रिया कह रही हैं. ये क्या बात हुई कि पीड़िता मुझे शुक्रिया कह रही हैं और पीड़िता का संपादक मुझ पर पक्षपाती रिपोर्टिंग का आरोप लगा रहा है? संपादक इस बहाने कहीं अपने ब्रांड को चमकाना तो नहीं चाहता?
3. इसी बीच संजय जी, आपने भी मेरे एक एक्स पोस्ट को रीशेयर करते हुए धन्यवाद लिखा था. शायद तब आप नहीं जानते थे कि मैं लल्लनटॉप का पत्रकार हूं.
मेरे लिए शाहीन और नफीसा की सेहत ज़्यादा ज़रूरी थी. लेकिन आपके लिए नफीसा के नाम की स्पेलिंग ज़्यादा ज़रूरी. आपके लिए ये ज़्यादा ज़रूरी था कि इस घटना के बहाने 4 PM का नाम कितनी बार चमक जाए.
इस मामले में अभी तक FIR नहीं लिखी गई है. उसके लिए भी आवाज़ उठाते रहेंगे. आपकी तरह प्रेस कांफ्रेंस के बाद घर जाकर नहीं बैठेंगे. जितने वीडियो आप मेरे लिए बनवा रहे उतने FIR करवाने के लिए बनवाते तो बेहतर होता.