#CreatorCorner | क्या आप जानते हैं कि भारत में कई लोग रूफटॉप सोलर लगवाते समय एक छोटी सी गलती कर बैठते हैं, जो लंबे समय में करीब ₹2.5 लाख तक का नुकसान कर सकती है!
चौंकाने ��ाली बात ये है कि इसमें न सोलर पैनल खराब होते हैं और न ही इन्वर्टर-असल वजह होती है सिर्फ पैनल की सही दिशा (Direction) और टिल्ट एंगल (Tilt Angle)।
यही दो फैक्टर तय करते हैं कि अगले 20–25 साल में आपको ज्यादा फायदा मिलेगा या नुकसान। इंस्टॉलेशन के समय इन्हें सही करने में सिर्फ 10 मिनट लगते हैं, लेकिन बाद में सुधार करना महंगा और मुश्किल हो जाता है।
तो सही दिशा क्या होनी चाहिए? कौन सा टिल्ट एंगल देगा ज्यादा बिजली?
इस व���डियो में शाश्वत शर्मा,आसान भाषा में समझाएंगे, इसके पीछे की पूरी साइंस
पूरा कार्यक्रम देखें: https://t.co/1rMVhxdtYM
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🫀 हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक जैसे नहीं हैं!
हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज से रक्त रुक जाता है — पर दिल धड़कता रहता है।
वहीं, कार्डियक अरेस्ट में दिल की धड़कन ही अचानक रुक जाती है — और जान का खतरा तुरंत होता है।
लक्षण पहचानिए, भ्रम मत पालिए!
CPR और समय पर इलाज ही जीवन बचा सकता है।
जानकारी ही जीवन है।
सीपीआर (CPR) का पूरा नाम है: Cardiopulmonary Resuscitation
यह एक आपातकालीन जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जो किसी व्यक्ति का दिल या सांस रुक जाने की स्थिति में की जाती है।
🫀 CPR क्या करता है?
जब किसी व्यक्ति का हृदय धड़कना बंद कर देता है (जैसे कार्डियक अरेस्ट में), तो शरीर को ऑक्सीजनयुक्त रक्त नहीं मिलता।
CPR छाती को दबाकर और मुंह से सांस देकर कृत्रिम रूप से रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बनाए रखता है, ताकि मस्तिष्क और अन्य अंग जीवित रहें जब तक मेडिकल मदद न पहुंच जाए।
🔧 CPR में क्या किया जाता है?
🔹 C – Chest Compressions (छाती पर दबाव):
व्यक्ति को सीधा लेटा दें।
हाथों को एक-दूसरे पर रखकर छाती के बीचों-बीच दबाएं।
लगभग 100-120 बार प्रति मिनट की गति से दबाएं।
🔹 P – Pulmonary (सांस देना):
यदि ��्रशिक्षित हैं तो मुंह से मुंह (Rescue breaths) दें।
30 दबावों के बाद 2 सांसें दें।
🔹 R – Resuscitation (पुनर्जीवन):
यह पूरी प्रक्रिया हृदय और फेफड़ों को कृत्रिम रूप से क्रियाशील करने के लिए होती है
⚠️ CPR कब देना चाहिए?
जब कोई व्यक्ति बेहोश हो, सांस न ले रहा हो, और नाड़ी न महसूस हो।
आमतौर पर कार्डियक अरेस्ट, डूबने, करंट लगने, या दम घुटने जैसी स्थिति में।
🧠 महत्वपूर्ण बात:
प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा किया गया CPR, किसी की जान बचा सकता है।
आजकल स्कूलों, ऑफिसों और हेल्थ वर्कशॉप्स में CPR की ट्रेनिंग दी जाती है — हर किसी को यह आनी चाहिए।
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