"दान करते समय सोचा था की हमारे राम के काम आएगा, इसलिए मैंने ज़मीन बेचकर ₹1 करोड़ दिए थे।"
हालांकि जब दान दिया था तो लोगों ने कहा भी कि पंडा लोग लूट ल���ंगे।
मगर अब ये सब देखकर बड़ा दुख हो रहा है।
- राम जन्मभूमि ट्रस्ट को ₹1 करोड़ दान करने वाले समाजसेवी सियाराम उमरवैश्य
This is peak journalism. Indian express has started exposing all the corrupt BJP ministers.
This is what we need from the Indian media. If the media starts working properly, No politician would dare to cheat the public.
आ ही गई उस माँ की गवाही!!
लखनऊ के भीषण अग्निकांड में झुलसकर मरे आदित्य श्रीवास्तव की माँ की गवाही।
ये कहा था, योगी आदित्यनाथ ने-
“जो पूछ रहे हैं, वो बताओ, भाष��� मत दो।
हम भाषण सुनने नहीं आए हैं!”
यही वो हिस्सा था जिसके बीच PTI ने audio mute कर दिया था।
ABP News के सीतापुर संवाददाता पंकज सिंह गौर ने इसे सामने लाकर पत्रकारिता का धर्म निभा दिया।
आप एक पल के लिए सब माफ कर दीजिए।
हिंदू-मुस्लिम के पर्दे के पीछे जारी प्रचंड भ्रष्टाचार को माफ कर दीजिए!
सत्ता की ��गों का ग्लूकोज़ बन चुके उन्मुक्त जातिवाद को माफ़ कर दीजिए!
बुलडोज़र के कहीं पाशविक आक्रमण तो कहीं भीगी बिल्ली से समर्पण को माफ़ कर दीजिए!
कानून की टाँग और सीने में धँसे संदेहास्पद एनकाउंटरों को माफ़ कर दीजिए!
पर क्या आप कभी भ्रष्टाचार की आग में अपना बेटा खोकर ज़ार-ज़ार बिलखती इस माँ के साथ की गई,
सत्ता के अहंकार की ऐसी बदसलूकी को माफ़ कर सकेंगे?
सोचिएगा!!
@PMOIndia @narendramodi @RSSorg
Family members of Lucknow fire victims who were muted by Media
Reporter: What did CM Adityanath said to when u went to meet him
Lady: When we said that the system was bad & need improvement, CM said "Is samay bhashan sunne ke mood mein nahi hu"
This is the reality of Ram Rajya
दुनियाभर के सिंधी समाज ने 200 KG चांदी की ईंटें जनवरी–2021 में राम मंदिर पहुंचकर चंपत राय बंसल को सौंपी थीं। ये ईंटें कहां हैं, आज तक कुछ नहीं पता। सिंधी समाज को इसकी रसीद तक नहीं दी गई। चंदा चोरी के बाद सिंधी समाज भी जानना चाहता है कि चांदी की ईंटें कहां गईं?
"Kabhi hum gadde mein gir ke marr rahe hai, kabhi aag mein jal ke marr rhe hai kabhi paper leak se marr rahe aur neta log bas Hindu Muslim kar rahe hai
aur ab Police bhaga rahi hai taake log kuch bol na paaye media ke saamne"
This is the reality ot Double Engine Ram rajya !!
"यही मुख्यमंत्री जी ने कहा था कि बुलडोजर चल जाएगा 24 घंटे में, क्या उस बिल्डिंग पर बुलडोजर चला आज तक? यह सरकार तो वह है जो अहंकार में चूर है। उन्हें कुछ नहीं दिखाई देता है, ना समझते हैं।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अब अपने उच्च अधिकारी जो की IPS एवं PPS रैंक के होते हैं उनके द्वारा किए गये घोटाले एवं उनकी पोल सिपाही लगातार खोल रहे है
योगी सरकार में IPS एवं PPS अधिकारियों पर कई घोटाले के आरोप सामने आए एवं सिपाहियों शोषण किया गया है
This was the muted part of Yogi’s conversation yesterday with a parent who had just lost their child.
The parent’s grief was met with: “Bhashan mat dijiye.”
And this was the response from the Chief Minister.
सोचिए मुख्यमंत्री हडका रहे थे उस दुखी को
इन्ही में से एक चैनल था जो Mute कर गया, आवाज रोक दी, नही तो मुख्यमंत्री जी का भाषण न जाने कैसा होता
आज के जमाने मे आवाज नही बंद क�� जा सकती, ये सोशल मीडिया का जमाना है, हर नौजवान एक रिपोर्ट है
बीजेपी की पोल खुल गई
•~अखिलेश यादव 🔥🚲
बिहार के एक हॉस्पिटल में लगी आग में भी 10 लोगों की मौत हुई थी, दिल्ली के तुगलकाबाद में एक बिल्डिंग में आग लगने 5-6 लोगों की मौत हुई है जून में ही।
ले��िन क्या फर्क पड़ता है आम लोगों की जिंदगी की क्या कीमत है सरकार की नजरों में कुछ मुआवजा बस....
लखनऊ अग्निकांड मे अपना बेटा खोने वाली महिला :- योगी जी हम भाजपा सपोर्टर है बलरामपुर से है!
योगी आदित्यनाथ :- ज्यादा भाषण मत दो
महिला :- सर सर सर और इसके बाद @PTI_News ने ऑडियो म्यूट करदिया संभवतः उसके बाद धमकाया ही गया होगा उस महिला को!
ऐसी पत्रकारिता की वजह से पत्रकारिता पर आये दिन कलंक लग रहे है और सत्ता मे बैठे हुए लोगो के अहंकार और घमंड का तो अंदाजा लगाना ही मुश्किल है जहां गद्दी पर बैठा हुआ आदमी जनता के दुख दर्द को भाषण बता रहा है!
ये न्याय की नई परिभाषा है.
जहां जवाबदेही कम और मौन ज्यादा है.
लखनऊ आगजनी कांड में छोटे अधिकारियों के निलंबन और बिल्डिंग मालिक की गिरफ्तारी भर को अगर न्याय कहा जा रहा है तो फिर ये मान कर चलना चाहिए कि विभागीय मंत्री और तमाम IAS स्तर के अधिकारी या तो निकम्में हैं या फिर प्रशासनिक काम काज में उनका अब कोई आधार नहीं है. तभी तो उनकी कभी कोई जवाबदेही तय नहीं की जाती.
अग्निशमन विभाग गृह मंत्रालय के अधीन है, यानी खुद सीएम योगी आदित्यनाथ के अधीन है. साथ ही शहरी आवास नियोजन विभाग, जिसके तहत बिल्डिंग खड़ी करने की नियमावली तय करने से लेकर इसके क्रियान्वयन तक की जिम्मेदारी होती है, ये भी सीएम योगी आदित्यन���थ के पास ही है. तो फिर क्या वो लखनऊ अग्निकांड को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं?
जिस तरीके PTI ने सीएम योगी के आगे इस अग्निकांड में पीड़ित परिवारों की शिकायतों को म्यूट किया है, उससे ये समझना मुश्किल नहीं है कि सरकार भी इस घटना को लेकर अपनी जिम्मेदारी म्यूट कर के बैठ चुकी है. जांच आयोग बना दिया गया है, कुछ निलंबन हो ही चुके हैं, कुछ दिनों तक विभागीय सख्ती दिखेगी फिर सब ठन-ठन गोपाल.. और अगले हादसे का इंतजार!!