22 राज्य में भाजपा की सरकार हैं 21 राज्य में दारू बिक रहा है लेकिन बिहार मे बंद हैं क्यों भाई ? ये कैसा प्रजातंत्र है ? क्या दारू सिर्फ बिहारवासियों के लिए हानिकारक है ?
नौमी तिथि मधु मास पुनीता। सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता॥
मध्यदिवस अति सीत न घा���ा। पावन काल लोक बिश्रामा॥
सियावर रामचन्द्र की जय 🙏
रामनवमी के अनंत मंगलमय शुभकामना जय श्री राम
जितने भी गाली गलौज वाला पोस्ट या जातिये छिंटा कशी वाला पोस्ट सब होता उसमें किसी भी जाति के सही लोगों का कुछ लेना-देना नहीं होता है सब सही लोग इससे आहत होतें हैं लेकिन हर जाति में कुछ निठल्ले और बेवकुफ टाइप लोग होते हैं जो बात बात पे गली गलौज वाला पोस्ट करने लगता है
#UGC_RollBack
“साला पंडित किसने बोला है?
नाम बताओ! नाम बताओ!!”
बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने स्वाभिमान का अभियान छेड़ दिया है!!
जिसे कुछ खोने का डर न हो, सत्ता को उससे डरना चाहिए!!
मैंने किसी एक मुद्दे पर पिछले एक दो दशक से जनरल समाज में इतना आक्रोश नहीं देखा जितना UGC के रूल्स के कारण दिखा है।
इनका सड़को पर उतरना मतलब वाक़ई में कुछ तो ग़लत है।
ग़लत को सही करना मोदी सरकार को आता है और वो होना ही चाहिए।
बिना समय गवायें यूजीसी क़ानून या तो वापस हो या उनमे सबको शामिल करके झूठी शिकायत पर दंड का प्रावधान हो।
UGC जैसे काले क़ानून वापस हो अन्यथा स्वर्ण समाज विशाल आंदोलन करेगा और देश को ऐसे काले क़ानूनों से मुक्ति दिलाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा!
~ किसान नेता ठाकुर पूरन सिंह
धर्मांतरण - कोई कानून नहीं ❌
लव जिहाद - कोई कानून नहीं❌
यूनिफॉर्म सिविल कोड - कोई कानून नहीं❌
जनसं��्या नियंत्रण - कोई कानून नहीं❌
मंदिर मुक्ति अभियान - कोई कानून नहीं ❌
यूजीसी के नए नियम हिंदू एकता का डेथ वारंट है।
#NoUGCRollBack_NoVote
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
सामान्य लड़की का UGC काला कानून पर 2 शब्दों में सीधा जवाब....
"हमको छेड़ोगे तो हम यूजीसी के नि��मों से अंदर जाने से बेहतर धारा 302 में अंदर जाना ज्यादा पसंद करेंगे..."
सरकार अब स्कूल कॉलेजों से अब छात्र नही सरकार प्रताड़ित अपराधी पैदा करेगी....
#NoUGCRollBack_NoVote
घर-गाँव-गली-नुक्कड़-चौराहा
स्कूल-कॉलेज-अस्पताल-दुकान
चारों तरह चर्चा है तो सिर्फ और सिर्फ UGC के नए नियमों की। लखनऊ से लेकर MP तक छात्रों के जबरदस्त आंदोलन देखने को मिल रहे हैं……..
UGC act में सवर्ण छात्राओं पर झूठे आरोप लगा कर विरोधी छात्र और कमेटी के लोग कंप्रोमाइज के नाम पर उनका शारीरिक शोषण करेंग���।
होनहार छात्रों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जाएगा। जिससे कि उनके कैरियर को समाप्त किया जा सके।
झूठे आरोप लगाने वालों पर कोई भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान नहीं है।
कालेज की कमेटी में सामान्य वर्ग से कोई भी प्रतिनिधि नहीं रखा जाएगा।
#यूजीसी का काला कानून वापस होना चाहिए।