आजकल कोई भी कुछ भी बोल सकता है! जैसे में कह दूँ के ज़्यादा ऑक्सीजन भी सांस में आए तो दम घुट सकता है! कहना है कह दो!
ठीक वैसे ही जैसे किसी ने कह दिया ज़्यादा तरलता (liquidity) की वजह से स्टॉकमार्केट नीचे है!
डेमोक्रेसी है जी! अभिव्यक्ति की आज़ादी है!
ज़िम्मेदारी लेकिन कहाँ?
Nirmala Sitharaman please #resign. You have destroyed Indian Capital market. Accept the truth and exit. We are is massive trouble in leadership of Nirmala Shitaraman.