Imagine telling someone you were thinking of them and missed them… only for their reply to remind you why solitude was ever your favourite place to begin with✨
A little boy walked into school with a tiffin box, No one knew why at first 🥺
What happened next melted everyone’s heart ❤️
Such a simple moment, yet so heartwarming,
Pure sibling love that touched everyone’s heart ✨
चंद गज की शहरियत किस काम की ,
उड़ना आता है तो छत किस काम की ... > 2
जब तुम्हें चेहरे बदलने का है शौक ,
फिर तुम्हारी असलियत किस काम की..!!
~ महशर अफरीदी
दम घोटती उमीद को जिन्दा रखने के क्रम में बस अब उदास ही हुआ जा सकता है रो नही सकते. रोने के लिए आँख में आंसू का होना बहुत बड़ी शर्त है .
- नीरज नीर
मुंबई📍
Audio/ poetry @FarOutAkhtar@Javedakhtarjadu ❤
Film - Zindagi Na milegi dobaara 🍁
हम लंबे समय तक किसी बोझ को ढोने के इतने आदी हो जाते हैं कि खालीपन के डर से बोझ तक को उतारने से डरते हैं। ठीक वैसे ही हम रिश्तों का अंत स्वीकार नहीं कर पाते, बार-बार लौटना चाहते हैं उस तक जिसे हमारी परवाह तक नहीं होती। हम उसके बेरुखेपन से दुःखी भी होते हैं और उसके अपने जीवन में बने रहने की प्रार्थना भी करते हैं।
~गौरव गुप्ता 🌻 (देर रात तक 📚)
वो दमकती हुई लौ कहानी हुई
वो चमकदार शोला फ़साना हुआ
वो जो उलझा था वहशी हवा से कभी
उस दिये को बुझे तो ज़माना हुआ
अब तो अमज़द जुदाई के उस मोड़ तक
दर्द की धुंध है और कुछ भी नहीं
जानेमन अब वो दिन लौटने के नहीं
छोड़िये अब वो किस्सा पुराना हुआ
-अमज़द इ. अमज़द