केंद्र सरकार का SC/ST आरक्षण में 'क्रीमी लेयर' लागू न करने का फैसला बेहद निराशाजनक है। अगर OBC में क्रीमी लेयर का नियम सही है, तो SC/ST में क्यों नहीं ?
जब तक आरक्षण का लाभ समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक नहीं पहुँचता, तब तक सामाजिक न्याय अधूरा है। संपन्न वर्गों को ही बार-बार फायदा मिलना कहाँ का न्याय है ?
सरकार का यह रुख सिर्फ वोट बैंक की राजनीति को साधने के लिए है। जरूरतमंदों का हक मारकर संपन्न लोगों को आरक्षण का लाभ देना सामाजिक न्याय का मजाक उड़ाना है।
झारखंड के छात्रों ने AISA की अध्यक्ष न���हा बोरा का किया विरोध।
प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची नेहा को छात्रों ने मंच से नीचे उतार दिया।
छात्रों ने साफ कहा कि यहां राजनीति, जातिवादी नारों, आज़ादी के नारों या भारत-विरोधी नारों के लिए कोई जगह नहीं है।
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केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि SC/ST कोटा में ‘क्रीमी लेयर’ की अवधारणा नहीं लागू होगी क्योंकि वह केवल OBC के लिए थी। तो मोदी जी, OBC रिजर्वेशन तो पहले था ही नहीं, फिर वो क्यों आया और आपकी पार्टी ने उसका समर्थन क्यों किया था?
दूसरी बात, आपके वकील ने कहा कि ‘आय के आधार पर’ SC/ST आरक्षण बिलकुल नहीं होगा क्योंकि उसका आधार केवल ‘आर्थिक पिछड़ापन’ ही नहीं, ‘ऐतिह��सिक उत्पीड़न और अन्याय’ है। ‘केवल’ आर्थिक पिछड़ापन कहाँ, आप तो इनक��� को कहीं भी आधार नहीं मानते!
जिस EWS का आप ढोल पीटते हैं, उसमें न तो फॉर्म के दाम कम हैं, न हॉस्टल की फीस, न कोर्स फीस… तो ये दो कौड़ी का राजनैतिक झुनझुने का सामान्य वर्ग करे क्या? @narendramodi यह बताएँ कि सामान्य वर्ग के टैक्स के पैसों से फंड हो रही SC/ST आरक्षण सब्सिडी का लाभ, सामान्य वर्ग के EWS को ही क्यों नहीं मिलता?
कोई तर्क है इसका कि आप जिसे सर्टिफाइड गरीब मानते हैं, वो प्रमाण पत्र उससे माँगते हैं, उसे सत्यापित करते हैं और उसे नौ लाख से सोलह लाख तक का लोन ले कर पढ़ाई करनी पड़ती है। फिर आप 1000 SC और 1000 OBC जातियों के शून्य प्रतिनिधित्व पर मौन हो जाते हैं कि इन जातियों का आरक्षण कहाँ है?
सत्य यह है कि आपका ‘विकसित भारत’ टूटते हायवे और निम्न गुणवत्ता के 50% लोगों से भरे कॉलेजों और विद्यालयों से कभी पूरा नहीं हो सकता। आरक्षण की समीक्षा करनी ही होगी, उसे तार्किक रूप से लाना ही होगा।
१. शून्य प्रतिनिधित्व वाली जातियों की पहचान
२. EWS की SC के स्तर की आर्थिक छूट
३. न्यूनतम अंक का विधान, GC से 10% से अधिक का कटऑफ में अंतर न हो SC/ST में
४. सक्षम लोगों को फर्जी तर्क के कारण आरक्षण न दिया जाए
५. हर श्रेणी में सबसे गरीब, पिछड़े को ही आरक्षण मिले
६. हर दस वर्ष में जातियों ��ी समीक्षा और निष्कासन, नई जातियों को लिस्ट में जोड़ना बंद करें
मोदी सरकार को गाली देने वालो सुन लो ये हाल है झारखंड का। प्रोटेस्ट करो तो 307 लग जाता है, पेपर लीक करने वालों को कुछ नहीं। सिस्टम का असली चेहरा यही है।
झारखंड में JPSC-JSSC घोटाले के खिलाफ छात्र धरने पर बैठे हैं। वहाँ दो लड़कियाँ आईं और ���ोलीं भाई, पहले SSC CGL प्रोटेस्ट में सिर्फ बैठी थीं, एक तो बीमार भी थी, फिर भी 15 लोगों पर हत्या के प्रयास का केस ठोक दिया।
अंतरिम जमानत पर घूम रहे हैं। चेयरमैन का चेहरा तक नहीं देखा, फिर भी केस।
अपने हक़ के लिए लड़ो
लड़ नहीं सकते तो लिखो।
लिख नहीं सकते तो बोलो।
बोल नहीं सकते तो साथ दो।
साथ भी नहीं दे सकते तो जो लिख बोल और लड़ रहे है उनका सहयोग करो।
ये भी ना कर सको तो उनका मनोबल ना गिराये क्योकि वो आपके हिस्से की लड़ाई लड़ रहे है।
#studentmovement#studentmovement
#StudentProtestJharkhand
लगता है पाकिस्तान से आलीशान बंगले के लाखों के किराए के साथ नामक भी आता है
हमारे सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को आतंकवाद बंद करने की सीधी चेतावनी क्या दी, इन जनाब के तो पेट में मरोड़े उठ पड़ी थी
ऐसा दर्द तो एक एंटी-नेशनल दलाल को ही होगा
देश विरोधी एजेंडा की धीरे धीरे परते खुल रही👇🏼
भारी बारिश में झारखंड के छात्रों की तिरंगा यात्रा.
रांची में छात्रों के आंदोलन का आज बारहवां दिन है .
JPSC और JPSC -CGL में धांधली और घोटालों के खिलाफ डटे हैं छात्र.
कुछ देर पहले ही रांची पहुंचा हूं . अब मेरे यू���्यूब चैनल पर लगातार कवरेज देख सकते हैं .
जंतर मंतर
और झारखंड के स्टूडेंट्स का विरोध प्रदर्शन ! दोनों में जमीन आसमान का फर्क है।
झारखंड का प्रोटेस्ट पवित्र और ऑर्गेनिक है, जंतर मंतर पर क्या था, यह आप तय कीजिए, पर पूरे फैक्ट्स जानने के बाद। देखिए #DoTook