>मैडम का नाम अंबिका जी
>मैडम GST डिप्टी कमिश्नर वाराणसी सेक्टर6
> मैडम ने मांगी 50000 घूस
> ओह शिट! मैडम को धर लिया विजिलेंस ने
> मैडम को पकड़ा गया रंगे हाथ बनारस के रेस्टोरेंट में
> मैडम पे हो गया मुकदमा
>मैडम बेचारी अब क्या करेंगी???
50000 के चक्कर में मैडम ने थू थू करा ली,
कम से कम 50 लाख होता तो भी समझ आता🤡
FSSAI has issued notices to several food business operators (FBOs) for violating provisions of the FSS Act, 2006 regarding misleading claims. FBOs are directed to strictly comply with the established regulations and to take corrective measures. #FSSAIAction#FSSAINotice
A Chennai-based taxpayer had not filed his ITR.
He was sent to jail for 1 year and fined ₹50,000.
Consequences of not filing ITR can be very rigorous in some cases.
Here's the importance of filing your ITR 🧵👇
20 years old 12th fail Siya Showing a middle finger to the society.
Now you can must imagine how much confident she is that she will come out very easily in next couple of days….
Jo ukhadna hai ukhad lo..
N yes .. as per her mother she is innocent and sober girl..
एक बार एक राजा ने अपने राज्य में व्यापारियों को बुलाकर गेहूँ के दाम 500 रुपये जबरन बढ़वा दिए। इससे ज���ता बहुत नाराज हो गई और सड़कों पर उतर आई। हालात बिगड़ते व्यापारी और राजा घबरा गए,
उसने तुरंत व्यापारियों के साथ एक नई बैठक की और दाम 50 रुपये कम कर दिए। घटे हुए दाम देखकर जनता खुशी से झूम उठी। राजा भी खुश था कि उसकी चालाकी काम कर गई और जनता का गुस्सा शांत हो गया और व्यापारी हमेशा मजे में रहता ही है,
इस कहानी से 1000 रुपये कमर्शियल सिलिंडर का रेट बढ़ने और 183 रुपये कम होने से कोई रिश्ता नहीं है।
नाम : मीसा भारती
पद : बस बन गयीं सांसद
योग्यता : पापा की परी
काम :कुछ नहीं करना
असली काम : केवल सांसद की सैलरी की रबड़ी खाना
इनके MPLADS को 6 महीने पहले EXPOSE किया लेकिन 2.5 साल बाद भी मैडम ने कुछ नहीं किया।
@KartiPC@NTA_Exams You should also shut down all the shopping malls since there might be a theft in one of them. And close the roads because I heard someone was speeding.
आपका नाम नितिन गडकरी है।
आप देश के परिवहन मंत्री हैं और आपको एथेनॉल से असीम प्रेम भी है।
20% एथेनॉल से शुरू हुआ “जनहित प्रयोग” अब 100% एथेनॉल तक पहुंच गया है।
जनता पूछ रही है - माइलेज घटेगी तो भरपाई कौन करेगा? इंजन पर असर पड़ेगा तो जिम्मेदारी किसकी होगी? पुराने वाहनों का क्या होगा?
लेकिन खैर , जनता सवाल पूछती रहे , नीति तो वही महान होती है जिसमें नुकसान आम आदमी का और प्रेजेंटेशन मंत्री जी का चमकदार हो।
आपकी सड़कें भी कमाल की हैं।
कागज पर स्पेस टेक्नोलॉजी से बनती हैं, उद्घाटन में वर्ल्ड क्लास दिखती हैं , और बारिश आते ही चार दिन में आत्मनिर्भर हो���र हवा हो जाती हैं।
टोल टैक्स पूरा , सड़क अधूरी।
वादा एक्सप्रेसवे का , अनुभव ऑफ-रोडिंग का।
ऊपर से एथेनॉल ऐसा कि गाड़ी भी सोचती होगी मुझे चलाना है या प्रयोगशाला में जमा करना है?
लेकिन कोई बात नहीं।
दुनिया क्या कहती है , उससे मतलब नहीं।
इंसान को खुद की नजर में अच्छा होना चाहिए।
और अगर एथेनॉल , टोल और टूटती सड़कें भी खुश हैं , तो फिर विकास सच में हाईवे पर दौड़ रहा है।