स्वस्थ जीवन की शुरुआत सही पोषण स��� होती है!
एनीमिया से बचाव हेतु अपने आहार में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे गुड़, दाल, हरी सब्जियां, तिल और मूंगफली शामिल करें और शरीर को मजबूत बनाएं। 🌿
Iron rich foods | Foods high in iron | Healthy diet for anemia prevention | Iron rich Indian foods
#IronRichDiet #HealthyNutrition #AnemiaPrevention #NHMUP
🥗 नियमित रूप से संतुलित और पौष्टिक आहार लेने से शरीर में आयरन और विटामिन की कमी नहीं होती। इससे थकान, चिड़चिड़ापन, कमजोरी, ध्यान की कमी और त्वचा या चेहरे का रंग फीका पड़ना- जैसी समस्याएं कम होती ह��ं। याद रखें, सही और संतुलित आहार अपनाकर आप न केवल अपनी सेहत बल्कि पूरे परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं। 💪
Iron Rich Foods | Healthy Diet | Healthy Eating
#NutritionMatters #AnemiaAwareness #IronRichDiet #NHMUP
उपभोक्ता ध्यान दें !
रेस्तरां बिल में सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते
और ना ही उसे “Optional” लिखकर दिखा सकते हैं।
यदि सर्विस चार्ज जबरदस्ती लिया जाए तो 1915 पर शिकायत करें या 8800001915 पर WhatsApp करें। #ConsumerAwareness#NCH1915#ServiceCharge#JagoGrahakJago
“सेहतमंद रहने के लिए हर रोटी का सही चुनाव”
.गेहूं की रोटी – शरीर को ऊर्जा देती है और देर तक भूख नहीं लगने देती।
.मक्के की रोटी – इसमें रेशा अधिक होता है, पाचन के लिए अच्छी होती है।
.बाजरे की रोटी – इसमें आयरन और कैल्शियम होता है, हड्डियों को मजबूत बनाती है।
.ज्वार की रोटी – मधुमेह (डायबिटीज) में लाभकारी, शुगर नियंत्रित रखती है।
.जौ की रोटी – वजन और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करती है।
.रागी की रोटी – कैल्शियम से भरपूर, दाँत और हड्डियों के लिए अच्छी।
.सोया की रोटी – प्रोटीन से भरपूर, मांसपेशियों को मजबूत बनाती है।
.चना आटा की रोटी – पे�� देर तक भरा रखती है और ताकत देती है।
.कुट्टू की रोटी – व्रत में खाई जाती है और पचने में हल्की होती है।
.मिस्सी रोटी – स्वादिष्ट होती है और पाचन में सहायक।
.चावल की रोटी – जल्दी पच जाती है, कमजोर पाचन वालों के लिए अच्छी।
.ओट्स की रोटी – दिल के लिए अच्छी और वजन घटाने में मददगार।
.सिंघाड़े की रोटी – यह ग्लूटेन-फ्री होती है, व्रत में खाई जाती है और शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है।
‘सभी के लिए एआई’ — 6 निःशुल्क कोर्स, अब पूरी तरह हिंदी में।
एआई सीखें, वो भी बिना किसी कोडिंग या पूर्व एआई ज्ञान के। आईआईटी मद्रास के ‘सभी के लिए एआई’ के तहत 6 कोर्स - एआई फॉर एजुकेटर्स, एआई इन फिजिक्स, एआई इन केमिस्ट्री, एआई इन अकाउंटिंग, क्रिकेट एनालिटिक्स विद एआई और एआई/एमएल यूजिंग पायथन— अब मुफ़्त और हिंदी में उपलब्ध हैं।
इस ऐतिहासिक पहल को संभव बनाया है आईआईटी मद्रास के डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म SWAYAM Plus ने, ताकि भाषा कभी भी सीखने में बाधा न बने।
देशभर के विद्यार्थी, शिक्षक और प्रोफेशनल्स अब अपनी चुनिये भा��ा में एआई की बुनियादी समझ से लेकर वास्तविक जीवन में उसके उपयोग तक सीख सकते हैं।
आईआईटी मद्रास इकोसिस्टम के विशेषज्ञों द्वारा डिज़ाइन किए गए ये कोर्स रियल डेटा, केस स्टडी और प्रैक्टिकल लर्निंग पर आधारित हैं— जो सीखने के साथ-साथ रोज़गार-योग्यता और स्किल्स भी बढ़ाते हैं।
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यह सिर्फ एक कोर्स लॉन्च नहीं, बल्कि ��आई शिक्षा को सच में “सभी के लिए” बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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इलायची एक महंगी और महत्त्वपूर्ण मसाला है, जिसे आप घर पर भी उगा सकते हैं। अगर आपकी रसोई में पड़ी इलायची के दाने साबुत और कच्चे (unprocessed) हैं, तो उनसे पौधा लगाया जा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं इलायची लगाने का तरीका:
इलायची का पौधा कैसे लगाएँ (Rasoi ki Ilachi se Plant Banane ka Tarika)
1. बीज का चुनाव
• रसोई में पड़ी साबुत इलायची (हरी इलाय��ी) लें।
• ध्यान रहे कि इलायची पुरानी, प्रोसेस्ड या ज्यादा सूखी न हो, क्योंकि उससे अंकुरण नहीं होगा।
• फली को हल्का तोड़कर उसके अंदर के काले बीज निकाल लें।
2. बीज की तैयारी
• बीजों को 24 घंटे गुनगुने पानी में भिगो दें।
• चाहें तो बीजों को टिश्यू पेपर मेथड से भी अंकुरित कर सकते हैं – गीले कपड़े या टिश्यू में रखकर 5–7 दिन में ��ंकुरण शुरू हो जाएगा।
3. गमले की मिट्टी
• इलायची को नमी वाली, उपजाऊ और जैविक खाद युक्त मिट्टी चाहिए।
• मिट्टी तैयार करने का सही मिश्रण:
• 50% बगीचे की मिट्टी
• 30% गोबर की खाद/कम्पोस्ट
• 20% रेत या कोकोपीट (ड्रेनेज के लिए)
4. गमले का चुनाव
• 10–12 इंच का गमला या ग्रोबैग लें।
• नीचे छेद जरूर हो ताकि पानी जमा न हो।
5. बीज लगाना
• तैयार मिट्टी में बीज को 1–2 सें.मी. गहराई पर बो दें।
• ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर प���नी छिड़क दें।
6. पौधे की देखभाल
• इलायची छायादार जगह में अच्छी तरह बढ़ती है।
• सीधी धूप से बचाएँ, इसे आधी धूप–आधी छाँव चाहिए।
• मिट्टी हमेशा हल्की गीली रखें लेकिन पानी जमा न हो।
• हर 20–25 दिन में गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट डालें।
7. बढ़ने का समय
• बीज से अंकुर निकलने में 20–30 दिन लग सकते हैं।
• पौधा बड़ा होकर 2–3 साल में फल (इलायची की फलियाँ) देना ��ुरू करता है
✅ टिप्स:
• इलायची नमी पसंद करती है, इसलिए गर्मियों में पत्तों पर पानी की स्प्रे करते रहें।
• यह पौधा घर के कोने, बालकनी या छत पर छायादार जगह में आसानी से लगाया जा सकता है।
क्या आपने कभी सोचा कि बाहर से बिल्कुल original दिखने वाला charger अंदर से नकली भी हो सकता है?
आजकल fake charger की packing और look इतनी real होती है कि लोग आसानी से धोखा खा जाते हैं और बाद में phone गरम होना battery खराब होना या damage जैसी problem शुरू हो जाती है
हर original charger पर एक R number लिखा होता है ये R number charger के body या adapter पर छोटा सा छपा रहता है
इस R number से आप खुद पता कर सकते हैं charger असली है या नकली अपने phone में BIS Care app install करें App ख��लें और R Number Verification वाले option पर जाएँ
Charger का R number डालें और Go पर tap करें
अगर screen पर brand name manufacturer और product details दिख जाएँ तो charger original है अगर कोई जानकारी न दिखे तो charger नकली है
नकली charger थोड़ा सस्ता लगता है लेकिन phone और आपकी safety दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है
कमेंट में बताइए क्या आपने कभी अपने charger का R number check कि��ा है?
Disclaimer
यह जानकारी सामान्य consumer awareness के लिए है
Verification BIS database पर depend करता है
खरीदारी हमेशा trusted seller और official source से करें
क्या आपने कभी अपने रसोई गैस सिलेंडर की Expiry Date चेक की है?
हम दूध या ब्रेड खरीदते समय Date जरूर देखते हैं, लेकिन जिस गैस सिलेंडर पर पूरा घर खाना बनाता है उसकी Expiry को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
सिलेंडर के ऊपर की लोहे की तीन पट्टियों (Rings) पर एक कोड लिखा होता है, ��ैसे A-26, B-27, C-25 या D-28, इसे समझना बहुत जरूरी है-
1. सिलेंडर पर लिखे अक्षर महीनों को दर्शाते हैं!
A. जनवरी से मार्च (Jan - Mar)
B. अप्रैल से जून (Apr - Jun)
C. जुलाई से सितंबर (Jul - Sep)
D. अक्टूबर से दिसंबर (Oct - Dec)
2. साल की पहचान!
अक्षर के बाद लिखे हुए दो अंक साल बताते हैं। उदाहरण के लिए ��गर आपके सिलेंडर पर B-26 लिखा है तो इसका मतलब है कि जून 2026 में इसकी Testing Due है। इसके बाद उस सिलेंडर का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है।
3. क्यों है यह जरूरी?
समय बीतने के साथ सिलेंडर के Volve और उसकी बॉडी की मजबूती कम हो सकती है।
Testing Date निकलने के बाद सिलेंडर में गैस लीकेज या दबाव के कारण Blast होने का खतरा बढ़ जाता है। डिलीवरी लेते समय हमेशा यह कोड जरूर चेक करें।
• सीधी बात:-
पुराना कोड (जैसे D-24) = रिस्की सिलेंडर (वापस करें)
भविष्य का कोड (जैसे C-27) = सुरक्षित सिलेंडर
कमेंट में बताइए, आपके घर में जो सिलेंडर अभी लगा है उस पर क्या कोड लिखा है? और कॉमेंट में एक Disclaimer लिखा हुआ है जरूर पढ़े!!
बिहार से महागठबंधन का वादा ✨
✅ पलायन मुक्त बिहार
✅ 200 यूनिट बिजली मुफ्त
✅ 500 रुपए में गैस सिलेंडर
✅ महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा
✅ ₹25 लाख तक का मुफ्त इलाज
✅ परिवार के एक सदस्य को नौकरी
✅ महिलाओं को हर महीने ₹2,500
✅ जीविका दीदियों को सरकारी दर्जा
✅ आरक्षण की सीमा 50% से बढ़ाएंगे
✅ मनरेगा की मजदूरी ₹300 प्रतिदिन
✅ पुरानी पेंशन योजना लागू की ज��एगी
✅ बाढ़ और सूखे से निपटने के कड़े ��ंतजाम
✅ MSP पर फसल खरीदने की कानूनी गारंटी
✅ युवाओं के लिए फॉर्म फीस खत्म, परीक्षा तक यात्रा फ्री
✅ Contractual और आउटसोर्सिंग कर्मियों को स्थायी दर्जा
✅ वृद्ध, विधवा, दिव्यांगों को ₹1,500-₹3,000 मासिक पेंशन