*प्रदेश अध्यक्ष सनत सिंह ने संयुक्त वार्ता प्रमुख सचिव मैडम की अध्यक्षता में, MD mam,GM CP Mam, GM नोडल HR, GM HR के साथ डेलिगेशन की वार्ता के बाद साथियो के सामने बात रखा।*
@PMOIndia@CMOfficeUP@nhm_up
@UPGovt@CMOfficeUP@myogiadityanath @UPHealthMinistry
माननीय मुख्यमंत्री जी,लखनऊ के ईको गार्डन में उत्तर प्रदेश के CHO साथी पिछले 13 दिनों से अपने स्थायी कैडर निर्माण,नियमितीकरण एवं 4800ग्रेड पे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।आखिर कब तक CHO साथियों की मांगों की अनदेखी होगी?
CHO को न्याय दीजिए,स्थायी कैडर बनाइए और नियमितीकरण का लिखित आदेश जारी कीजिए। अब आश्वासन नहीं,ठोस निर्णय चाहिए! ✊
@narendramodi@JPNadda@brajeshpathakup@RahulGandhi@Mayawati@yadavakhilesh@BhimArmyChief
#UP_CHO_Cadre_Nirman #RegularizeUPCHO #permanentCHO
आदरणीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, ग्रामीण स्वास्थ्य की रीढ़ बने CHOs के सेवा समर्पण को देखते हुए कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण की प्रक्रिय�� शुरू करने की कृपा करें।
आपकी संवेदनशील सरकार पर हमें पूर्ण भरोसा है।
@Brajeshabhiup @UPGovt
#UP_CHO_Cadre_Nirman #RegularizeUPCHO
#Permanent CHO आदरणीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, ग्रामीण स्वास्थ्य की रीढ़ बने CHOs के सेवा समर्पण को देखते हुए कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की कृपा करें।
आपकी संवेदनशील सरकार पर हमें पूर्ण भरोसा है। 🙏🩺@brajeshpathakup@UpNhm@myogiadityanath@Up CHO
आदरणीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, ग्रामीण स्वास्थ्य की रीढ़ बने CHOs के सेवा समर्पण को देखते हुए कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की कृपा करें।
आपकी संवेदनशील सरकार पर हमें पूर्ण भरोसा है। 🙏🩺
@Brajeshabhiup @UPGovt#UP_CHO_Cadre_Nirman#CHOpermanent
���्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पहली बार प्राइमरी, सेकेंडरी और टर्शियरी हेल्थ केयर के बीच बेहतर लिंकेज और संतुलित दृष्टिकोण अपनाया गया।
1.81 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से देशभर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का पहला संपर्क बिंदु मजबूत किया गया, ताकि लोगों को सही समय पर सही इलाज और रेफरल मिल सके।
“उत्तर प्रदेश में बढ़ती मातृ मृत्यु दर सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चेतावनी है।गांव की अंतिम पंक्ति तक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाले CHO आज भी स्थायी कैडर से वंचित हैं। @myogiadityanath@myogioffice@brajeshpathakup@AmitGhoshIAS