अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर चीन ने हमारी सेना को पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है - यह बेहद चिंताजनक है।
लेकिन उससे भी ज्यादा चिंताजनक है राजनाथ सिंह जी, अमित शाह जी और नरेंद्र मोदी जी की ओर से पसरा सन्नाटा। उल्टा मोदी सरकार चीन को रोकने के बजाय इस खबर को रोकने के लिए मीडिया पर दबाव डाल रही है।
देश को आज भी गलवान के बाद प्रधानमंत्री का वह बयान याद है, जिसमें उन्होंने यह कहकर कि चीन ने हमारी जमीन का एक इंच भी नहीं लिया, भारत को भारी नुकसान पहुंचाया था।
आज भी अपनी छवि बचाने का वही ऑपरेशन जारी है - और देश की सुरक्षा से ऊपर अपनी नकली छवि को प्राथमिकता देने वाला प्रधानमंत्री देश के लिए बेहद खतरनाक है।
ये सर ने सरकार को टैक्स व्यवस्था पर रगड़ दिया ।
जब नागरिक पहले से ही बुनियादी ढांचे के नाम पर IT, GST, Road Tax, Petrol tax और Toll Tax चुकाते हैं। फिर भी, गड्ढों, दुर्घटनाओं और NHAI के बढ़ते कर्ज पर एक तीखा सवाल उठता है.
CJP को ��पिल सिब्बल का ₹1 करोड़ का कानूनी समर्थन.
वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने CJP की कानूनी सहायता पहल के लिए ₹1 करोड़ देने का ऐलान किया है। CJP एक वेबसाइट बनाएगी, जिस पर कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे छात्र और प्रदर्शनकारी मदद मांग सकेंगे। देशभर के इच्छुक वकील भी वेबसाइट पर पंजीकरण कर पीड़ितों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराएंगे।
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20 जुलाई को जंतर-मंतर पे 2 सगे भाई मौजूद थे!
एक भाई पुलिस की तरफ था, तो एक भाई प्रदर्शनकारी छात्रों की तरफ था!
पुलिस वाले भाई को उस रात मां-बाप ने घर में घुसने नहीं दिया!
माँ-बाप बहुत दुखी है पुलिस द्वारा बच्चों को बर्बरता से पीटे जाने से!
युवा ने बताया कि पुलिस ने अपनी लाठियों पर नुकीली चीज़ लगाई हुई थी!
पुलिस के साथ मिले हुए लोग जो सिविल ड्रेस में थे, उन्होंने बड़ी बड़ी कांटी लगाई थी लाठी पे!
बच्चों को लहूलुहान कर दिया इन जल्लादों ने!
इतना गिर सकती है पुलिस??
जैसे ही नेताजी कहते हैं, "मैं MLA हूं, मुझे जाने दो।" छात्रों ने घेर लिया। नेताजी ने कहा, " मैं भाजपा का MLA हूं," छात्रों ने पीट���ा शुरू कर दिया। नेताजी भागने तक 20-22 थप्पड़ गिर चुके थे।
मुस्कुराते रहिए। पटना ज़िंदाबाद।
20 जुलाई को हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च पर चप्पल पहनकर, बिना वर्दी के एक व्यक्ति प्रदर्शनकारियों पर डंडे भांज रहा था.
लल्लनटॉप के पत्रकार अभिलाष ने सवाल किया तो केवल सवाल पूछने की वजह से ही रिपोर्टर को लाठी मार दी गई.
इसके बाद पुलिस ने भी ��ाठी मारने वाले का बचाव किया और बदतमीज़ी करते हुए माइक जमीन पर फेंक दिया.
@DelhiPolice
CJP | Delhi Police | Reporter
रिटायर्ड सेना के एक पूर्व अधिकारी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पहुंचकर जिस दर्द, पीड़ा और गुस्से का इज़हार किया, और चुनाव आयोग पर जो गंभीर सवाल उठाए, उन्हें देश के हर नागरिक को सुनना चाहिए। उन्ह��ंने देश, लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उनकी पूरी बातचीत और यह विशेष वीडियो Millat Times की पत्रकार निखत अली @INikhatAli के साथ YouTube पर देखी जा सकती है।