@imvijaytyagi @BageshwarBaba_ आपको थोड़ी बहुत और पढ़ने की जरूरत है। क्योंकि पढ़े लिखो को पढ़ाना, समझदार को समझना, मुश्किल होता है। लेकिन काफिर का मतलब जाति, वर्ग, धर्म, समाज से नहीं होता, काफिर का मतलब होता ह���, कुफ्र करने वाला।
जो मानवता से अलग, इंसानियत से अलग काम करें वह काफिर है।।
@chauhan_ra79725@Syed22549150@Lallanpost जी हम आपकी बात से सहमत हैं, क्योंकि धर्म हमेशा इंसानियत की बात करता है। चाहे वह दुनिया का जो भी धर्म हो। जो लोग इस तरह के कृत कर रहे हैं, वह धार्मिक नहीं। वह धार्मिक चोला ओढ़ के शैतान है राक्षस है।
@EsapiSi6243@RBI@nsitharamanoffc@TheOfficialSBI@yadavakhilesh@samajwadiparty@samajtak01 आज इस महंगाई के युग में जहां मिनिमम सरकार के ��्वारा जो 35 से 40000 सैलरी दी जाती है ��न सीएसपीओ की कभी किसी ने चिंता ही नहीं किया आज भी सबसे बड़ा रिस्क लेकर के यह समूह कार्य कर रहा है क्या इस पर हमारे जनप्रतिनिधि हमारे जिला के जिलाधिकारी महोदय या वित्तीय विभाग से संबंधित चिंतित है
@YogiBrajmohan बंदर को रात में उल्लू को दिन में नहीं दिखता लेकिन यह राजनीतिक पार्टियों इतनी गंदी हो गई है सहारा या अन्य कंपनियों का अपराध इनको कभी भी नहीं दिखता इसलिए अब जरूरी हो गया है भुगतान नहीं तो मतदान नहीं
@YogiBrajmohan हिंदुस्तान के सबसे बड़े ज्वलंत मुद्दा को तानाशाह सरकार और तानाशाह विपक्ष ऐसे आंख बंद किया हुआ है जैसे बंदर को रात में नहीं दिखता उल्लू को दिन में नहीं दिखता लेकिन इस पक्ष और विपक्ष वालों को इतना बड़ा मुद्दा रात दिन कभी नहीं दिखता हिंदुस्तान की जनता को चाहिए इन सभी का अंत
@BBCHindi माननीय प्रधानमंत्री जी की जन्मदिन पर मैं यह आग्रह करता हूं की 42 करोड़ जो नॉन बैंकिंग कंपनियों के पीड़ित जनता है इनका भुगतान करके इन सभी का आशीर्वाद प्राप्त करें और उनके दिल की दुआएं ले इससे बड़ा उत्तम धर्म अभी कुछ भी नहीं ���ै
@YogiBrajmohan 31 जुलाई 23 को 10:00 अपने भुगतान के समर्थन में रामलीला मैदान पहुंचे और रामलीला मैदान का नाम भुगतान मैदान के रूप में स्थापित करें जय हिंद
@YogiBrajmohan रामलीला मैदान आएंगे
भुगतान नहीं तो मतदान नहीं
का धूइयाँ वही जगायेंगे
भारत को ��गयेगें
अपने मन की बात सरकार को बताएंगे
अगर जो यह सरकार नहीं सुनती है
वोट का चोट करके दिखाएंगे
तप जप जिंदाबाद
@YogiBrajmohan @PMOIndia जो जिस विचारधारा का है वह अपने विचार वालों के साथ ही रहेगा ठग और धूर्त का साथ ठग और धूर्त ही दे सकता है हो सकता है हमारी सरकार भी उसी में से एक हो
@YogiBrajmohan @PMOIndia@AmitShah@RajCMO@aajtak पहले भुगतान फिर मतदान भुगतान नहीं तो मतदान नहीं मदनलाल आजाद जिंदाबाद ठगी पीड़ित जमा करता परिवार जिंदाबाद