ये वही फिरोज़ है जिसे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में एक गुंडे ने पीटा था इस शक में कि ये लड़कियों की फोटो खींच रहा था
फिरोज़ ने वीडियो में पूरा किस्सा बताया.. आरोप लग���या कि उस कपिल नाम के गुंडे ने इन्हें झूठे आरोप में पीटा.. जब पुलिस को बुलाने को कहा तो वहां से चला गया और वहां मौजूद सारे लोग बस वीडियो बना रहें थे किसी ने बचाने की कोशिश नहीं की.
“हमने रोड बनाने में स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया है… स्पेस टेक्नोलॉजी से फ़ोटोग्राफ़ी होती हैं मॉनिटरिंग होती है” 2017 में प्रधानमंत्री मोदी
फिर भी गडकरी जी की बनायी सड़क पर गड्डे कैसे बन रहे हैं! क्या स्पेस टेक्नोलॉजी भी मॉनिटरिंग के लिए कम पड़ गया है? संसद में ही बताया जाना चाहि��।
"तुम्हारी मां का चो#@, बहन के ****” ये अल्फ़ाज़ ग़ाज़ियाबाद पुलिस @ghaziabadpolice के मुंह से निकले हैं।
@Uppolice अभी भी ब्रिटिश पुलिस की भूमिका में है, वो भूल गई है की देश 1947 में आज़ाद हो चुका है।
@dm_ghaziabad
The body of Maulana Tausif Raza was found near railway tracks in Bareilly. In a video statement given to a local news channel, his wife has raised concerns about the circumstances surrounding his death. Additionally, an audio recording of a phone call between Raza and his wife has surfaced, in which he can be heard urgently asking her to inform the police about some men who were allegedly harassing him.
However, Bareilly police have stated that Raza was sitting near the door of a train coach, fell asleep, and accidentally slipped onto the tracks.
हज के नाम पर @narendramodi सरकार लूट मचा रही है। हज पर जा रहे आजमीन-ए-हज को ‘स्मार्ट वॉच’ दी जा रही है। यह स्मार्ट वॉच ₹सात हज़ार में दी जा रही है। @haj_committee ने इसे अनिवार्य किया हुआ है। सरकार ने नागरिकों को लूटने के कितने तरीके ईज़ाद किए गए हैं।
मक्का (अज़ीज़िया) में हिंदुस्तानी हाजिय��ं के साथ इंतिहाई बदइंतज़ामी! आसफ़ अल क़ुरैशी हॉस्टल की हालत शर्मनाक, लगभग ₹4 लाख लेने के बावजूद फैमिली अलग, एक रूम में 16 लोग, लिफ़्ट ख़राब, 16 लोगों पर एक गंदा वॉशरूम। रूम के अंदर वॉशरूम का गंदा पानी खड़ा है। यह नाकाबिल-ए-बर्दाश्त है।
Haj Committee of India फौरन कार्रवाई करे।
#Haj2026 #HajPilgrims #JusticeForHajis
मौलाना तौसीफ़ रज़ा उर्से ताजुश्शरिया के लिए बरेली शरीफ आए थे, वापस बिहार लौटते समय उनका झगड़ा हुआ ट्रेन में, उन्हें पीटा गया और ट्रेन से फेंक दिया गया। जहाँ उनकी मौत हो गई।
जबकि रेलवे का कहना है कि यह एक एक्सीडेंट था। लेकिन परिवार ने रेलवे के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर द��या है।
हज़रत तौसीफ़ रज़ा की वाइफ तबस्सुम ने कहा, “वे उन्हें (मौलाना तौसीफ़ को) चोर कह रहे थे और उन पर चोरी का आरोप लगा रहे थे। उन्होंने वीडियो कॉल पर उन्हें अपनी किताबें और बैग दिखाने की कोशिश की और कहा, ‘मैं चोर नहीं हूं, मैं मदरसे में पढ़ाता हूं।’
मैंने कॉल पर चिल्लाकर लोगों से उसकी मदद करने के लिए भी कहा, लेकिन किसी ने नहीं सुना।” हज़रत तौसीफ़ की वाइफ ने कहा कि उसने अपने फोन पर हमले को लाइव देखा।
“मैंने उन्हें उसे कॉलर से खींचते, थप्पड़ मारते और पीटते हुए देखा। यह बहुत भयानक था।” उसने दावा किया कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी। “इसके पीछे कोई साजिश है।”
@jrmheadoffice , @MuftiAsjadRaza, @JRMSalmanHasan इस मामले को संज्ञान में लीजिये।
I hope the Railway Minister @AshwiniVaishnaw will take action against the perpetrators which led to the killing and death of Maulana Tousif Raza on a Train.
This is the last call of Maulana Tousif Raza Mazhari, and it directly challenges the “accident” narrative.
In the recording, he is heard telling his wife that drunk men in the train had caught him, were abusing and beating him, and he repeatedly asked her to call the police for help. He also says there were people in the compartment, but no one was intervening.
These are not the words of a man who accidentally fell off a train. This is a man describing his own assault in real time.
@TheObserverPost
असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के पास 👇
• तीन देशों के पासपोर्ट हैं
• दुबई में 2 प्रॉपर्टी हैं
• 52,000 क��ोड़ रुपए की कंपनी है
असम को लूटने में BJP ने कोई कसर नहीं छोड़ी है।
वाराणसी पुलिस,
पिछले दिनों अगर मुस्लिम युवकों का गंगा में खाना फेंकना ग़लत था और उन्हें अ��ेस्ट किया गया तो दारू पीना भी ग़लत है। इसपर भी एक्शन हो।
मेरे हिसाब से तब उन्हें जेल भेजना बहुत ग़लत था। दोनों केस में चेताव��ी देकर छोड़ देना चाहिए।
.,@Uppolice@dgpup इस तरह की अभद्र भाषा एक समाज के लिए पुलिस की मौजूदगी में क्या यह संवैधानिक भाषा है,अभिव्यक्त��� की आज़ादी के नाम पर एक समाज को गाली दी जारही है,आपकी पुलिस मौन है,क्या क़ानून सबके के लिए बराबर नहीं है।