भाजपा कांग्रेस ने कभी भी दलितों #आदिवासियों को इंसान नहीं समझा हमेशा अछूत की तरह व्यवहार करते आए हैं। समय आ गया दलित आदिवासी विरोधी भाजपा कोंग्रेस की सरकार को सबक सिखाने का अन्याय अत्याचार का बदला लेना होगा। मान सम्मान से समझौता नहीं!
#आदिवासी_विरोधी_नरेंद्र_मोदी
महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्रौपदी मुर्मू को बनाया, तब बहुत वाहवाही लूट रहे थे कि भाजपा ने एक आदिवासी को राष्ट्रपति बना दिया।
आज अपमान किया जा रहा है किस बिल में घुस गये ? @rashtrapatibhvn
आदरणीय लालू प्रसाद जी से मिला। उनका कुशलक्षेम जाना। देश जिस हालात से दो-चार है, उसमें आज उनके तर्जुबे और सलाहियत की सबसे अधिक ज़रूरत है।
उनके स्नेह के आभारी हैं, वह सेहतमंद रह विपक्ष का देश में मार्गदर्शन करें यही ईश्वर से दुआ है।🙏🏼
हमारे पूर्वज, बिहार के गौरव, अखंड भारत के निर्माता सम्राट अशोक ने 280 ईसा पूर्व सिंहों के मुखाकृति वाली अशोक स्तंभ को बनवाया था. अभी इसे वाराणसी के सारना�� संग्रहालय में रखा गया है.
भारतीय संविधान सभा द्वारा इसे 26 जनवरी 1950 को राजकीय चिन्ह के रुप में अपनाया गया. तब से यह प्रतीक भारत सरकार के आधिकारिक पत्रों, वर्दियों पर होता है, भारतीय मुद्रा पर प्रकट होता है, सिक्कों पर होता है, पासपोर्ट पर भी रहता है. राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र इसी राष्ट्रीय प्रतीक से लिया गया है। सरकारी इमारतों पर,राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, केंद्रीय सचिवालय, विदेशों भारतीय वाणिज्य दूतावासों के भवनों के प्रवेश द्वार पर लगा होता है।
सामाजिक न्याय और बराबरी का संदेश देने वाले इस चिन्ह को अपनाने का विरोध तब हिंदू महासभा द्वारा किया गया था। सम्राट अशोक को विलेन बनाने वाले नाटककार दया प्रकाश सिन्हा को तो हाल ही में पदमश्री भी दे दिया गया है। यह सर्वविदित है कि भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी समेत उसके तमाम मुखपत्रों के माध्यम से भाजपा हमारे पूर्वज का विरोध करती रह���ं हैं।
किंतु मोदी सरकार द्वारा अब अशोक स्तम्भ को इसे राजकीय चिन्ह के रुप में वैसे ही निरर्थक साबित करने की चाल चल दी गई है जैसे ईडब्ल्यूएस लाकर आरक्षण को खत्म कर दिया गया है। अब "सेंगोल" जो चोल वंश का चिन्ह है, उसे राजदंड के रुप में अपनाया गया है। पिछ्ले संसद भवन में अशोक स्तम्भ संसद भवन में अध्यक्ष के आसन के पीछे दिखाई देता था। अब वहां स्पीकर के पास अशोक स्तंभ की जगह सेंगोल दिखेगा। अशोक स्तम���भ को नए भवन के छत के गुंबज पर पहुंचा दिया गया है। "सेंगोल" को राजदंड के रुप में अपनाने का मतलब यह है थोड़े ही दिनों में तमाम आधिकारिक पत्रों से अशोक स्तम्भ हट सकता हैं। यह नया भारत है, अखंड भारत के निर्माता सम्राट अशोक से नफरत, बिहार से नफरत की इंतिहा हो गई है। बिहार इसकी कीमत चुका रहा है।
@DurgeshArrah
जौनपुर: जिस होटल में है भाजपा कार्यालय, उसी में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, सिटी मजिस्ट्रेट की छापेमारी में 6 महिलाओं सहित 10 ���ोग हुए गिरफ्तार, सरगना फिलहाल फरार है।
होटल के कमरे से आपत्तिजनक वस्तुएं जैसे कंडोम आदि भी बरामद ��िया गया है।
होटल के प्रथम तल पर लगा हुआ है भारतीय जनता पार्टी नगर कार्यालय का बोर्ड।
#Jaunpur #UPPolice #ख़बर_यूपीतक
जो भाजपा देश के सर्वोच्च पद पर बैठे दलित,आदिवासी समुदायों के व्यक्तियों को मात्र सम्मान भी नही दे सकती वो इन वर्गों को उनके अधिकार कभी नहीं देंगी! इनकी सच्चाई अब सामने आ चुकी है इसलिये अब हम��रा यह समाज इनके बहकावे में ना आये। इस अपमान का अब वोट की चोट से इनको सबक सिखाये।
#SC_ST_विरोधी_भाजपा
#SC_ST_विरोधी_भाजपा
@ashokgehlot51@INCRajasthan@RahulGandhi@rameshmeena63 विशाल भंडारा लाखों लोगों को प्रसादी वितरित की व्यवस्था की गई है ऐसे प्रोग्राम बहुत कम ही देखने को मिलतें है इतनी जनता के दर्शन होना ही असंभव है धन्य है केबिनेट मंत्री रमेश मीना जी
सचिन पायलेट की सभा मै निर्मल चौधरी को बोलने को मोका दिया गया
फिर आदिवासी समाज मीणा के युवाओं को मौका क्यों नहीं दिया 2 मिनट का बोलने का भी नरेश मीणा विक्रम मीणा मानसिंह मीणा आदि को
@NareshMeenaINC @VikramMeena_