Now imagine an Indian Muslim family doing the same. Imagine the RW outrage. They would be branded Traitors in no time.
This is the majority privilege!!
युवाओं, जागो!!! जब तक अपनी आवाज़ बुलंद नहीं करोगे, तब तक तुम्हारे भविष्य के साथ यही आतंक चलता रहेगा। एक बार फिर से तुम्हारे साथ धोखा हुआ है। महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक हो गया और परीक्षा टल गई।
NEET, CBSE, SSC, CUET और अब TET... यह सिलसिला बंद तभी होगा जब आंदोलन खड़ा करके अपनी ताक़त दिखाओगे। जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री जी की तुम्हारे प्रति कोई जवाबदेही नहीं बनेगी। न वे परीक्षाओं में भ्रष्टाचार पर लगाम लगायेंगे, न तुम्हारे भविष्य की ज़िम्मेदारी लेंगे।
एक और पेपर लीक।
एक और परीक्षा रद्द।
इस बार महाराष्ट्र का TET।
देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है।
यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,
यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।
बीकानेर में PBM अस्पताल की बदहाली के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले NSUI कार्यकर्ताओं पर किया गया बल प्रयोग निंदनीय है।
अस्पताल की अव्यवस्थाओं के खिलाफ पिछले 17 दिनों से जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन भाजपा सरकार व्यवस्था सुधारने के बजाय आवाज़ दबाने में लगी है।
इंडियन एक्सप्रेस जिस रफ्तार से भाजपा और मोदी सरकार के मंत्रियों से जुड़ी खबरें प्रकाशित कर रहा है, उसे देखकर लगता है कि जल्द ही खबर आएगी पहले ED के छापे पड़ेंगे, फिर अदाणी समूह की प्रिंट मीडिया में दिलचस्पी बढ़ेगी, और आखिर में सुर्खी होगी: "इंडियन एक्सप्रेस अब अदाणी समूह का हिस्सा।"
@saurabhtop@IndianExpress
उड़ीसा कांग्रेस दशकों से एक दम शांत थी जब से अजय लल्लू प्रभारी बने कांग्रेस पार्टी सड़क पर दिखने लगी। हर दिन धरना प्रदर्शन। आराम दायक नेताओं को ग्रासरूट वाला अच्छा नहीं लगता। अजय लल्लू जैसा व्यक्ति मरे से मरे राज्य को जिंदा कर सकते हैं। बस राज्य को निजी कंपनी जैसे चलाने वालों के लिए अजय लल्लू जैसे लोग खतरा हैं।
देश को आज बताने की आवश्यकता है कि आपरेशन सिंदूर के दौरान भारत माता की रक्षा करते हुए हमारे 6 जवान शहीद हुए थे।13 महीने 17 दिन बाद ही सही लेकिन देश तक सच्चाई पहुँचनी चाहिए कि
सूबेदार मेजर पवन कुमार
सुनील कुमार
दिनेश कुमार
मुरली नाइक
हवलदार सुनील कुमार
सुरेन्द्र कुमार
ने देश के लिए बलिदान दिया।
सवाल बस एक ही है कि,इन जवानों के बलिदान को क्यों छिपाया गया ?
मोदी सरकार में भ्रष्टाचार के नए मॉडल और 'हितों के टकराव' (Conflict of Interest) का एक और बड़ा उदाहरण देश के सामने आया है जिसमें केन्द्रीय मंत्री और केन्द्र सरकार में पदस्थ IAS अधिकारी पर आरोप लग रहे हैं।
जब देश के कृषि राज्य मंत्री ही अपने मंत्रालय की योजना से अपने खेत के लिए करीब एक करोड़ रुपये की सब्सिडी मंजूर करवा ले, तो इसे आप क्या कहेंगे? एक तरफ आम किसान सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर थक जाता है, और दूसरी तरफ भाजपा के मंत्रियों और चहेते अफसरों के परिवारों पर करोड़ों की सरकारी मेहरबानी हो रही है।
चाहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से जुड़े मामले हों या केंद्रीय मंत्रियों के ये कारनामे, भ्रष्टाचार के इन नए और संस्थागत तरीकों पर प्रधानमंत्री जी की 'रहस्यमयी चुप्पी' आखिर क्या दर्शाती है?
"ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा" का नारा देने वाले आज अपने ही मंत्रियों के इस खुले 'कदाचार' पर मौन क्यों हैं? देश की जनता इस दोहरे मापदंड को देख रही है।
मोदी सरकार में लूट मची है...
मंदिरों में चंदे की लूट, जमीनें कौड़ियों में लेने की लूट, किसानों की सरकारी सब्सिडी हथियाने की लूट.. क्या लूट मची है।
किसान दर-दर भटक रहे हैं, और मोदी जी के मंत्री अपने ही मंत्रालय की योजना से 1 करोड़ की सब्सिडी हासिल कर रहे हैं।
ये रिपोर्ट बता रही है कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी जी ने उनके ही मंत्रालय के तहत संचालित राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजना में करीब 99.6 लाख रुपए की सब्सिडी स्वीकृत करा ली।
सबसे गंभीर सवाल ये है कि कृषि राज्य मंत्री होने के नाते वे उसी बोर्ड के पदेन (Ex-officio) उपाध्यक्ष भी हैं, जिसने इस योजना को मंजूरी दी।किसानों का हक़ लूटने के साथ ये हितों के टकराव (Conflict of Interest) का भी गंभीर मामला है। मंत्री जी की जगह इस योजना का लाभ किसी योग्य और ज़रूरतमंद किसान को भी मिल सकता था.. लेकिन उसका हक़ मारा गया। इतना ही नहीं, एक वरिष्ठ IAS अधिकारी भी इस योजना के लाभार्थी हैं।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी, देश जवाब चाहता है। क्या सरकार इस मामले में पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष जांच करवाएगी?
@PMOIndia
सरकार ने पहली बार स्वीकार किया है कि मई 2025,आपरेशन सिंदूर के दौरान 6 जवान शहीद हुए थे।जबकि आपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में देश को बताया था कि देश को किसी प्रकार की कोई क्षति नहीं पहुँची है।देश के लिए क़ुर्बानी देने वालो के नाम भी छुपाए जा रहे है।भारत माता की रक्षा करने वालो को सरकार सम्मान भी नही दे सकती ?
"हमने विधायक लुटते हुए देखे, सांसद लुटते हुए देखे, चुनाव लुटते हुए देखे, बच्चों का भविष्य लुटते हुए देखा। जल, जंगल जमीन सब लूट लिया...। हमें लगा कि भाजपा वाले अब और क्या लूटेंगे?
लेकिन इन्होंने हमें गलत साबित करते हुए प्रभु राम को भी लूट लिया।"
- अनिल यादव, कांग्रेस प्रवक्ता
अब ये स्वीकारा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर में 6 भारतीय सैनिक शहीद हुए
पर सुनिए
संसद में 28 जुलाई 2025 को जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष को ललकारते हुए कहा था
“आपको प्रश्न पूछना है तो यह पूछिए की क्या इस ऑपरेशन में हमारे जवान सैनिकों को कोई क्षति हुई? तो उसका उत्तर है नहीं”
और इस पर सत्ता पक्ष ने जमकर ताली बजायी थी… मेज़ थपथपाई थी
उदयपुर के कन्हैयालाल जी की नृशंस हत्या को 4 वर्ष होने जा रहे हैं, लेकिन भाजपा की "डबल इंजन" सरकार में न्याय की उम्मीद आज भी अधूरी है। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है क्योंकि अपराधी भाजपा के कार्यकर्ता थे।
जांच NIA के पास है, सुनवाई NIA की विशेष अदालत में चल रही है और केंद्र-राज्य दोनों जगह भाजपा सरकारें हैं। फिर भी 180 में से मात्र 21 लोगों की गवाही हो पाई है। चुनाव जीतने के लिए "5 लाख बनाम 50 लाख" का झूठ फैलाने वाली भाजपा की मंशा कभी न्याय दिलाने की थी ही नहीं।
राजनीतिक रोटियां सेकने के बाद अब पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह राजस्थान आकर कन्हैयालाल जी का नाम तक नहीं लेते, सजा की बात तो छोड़िए। प्रदेशवासी भाजपा के इस असली चरित्र को पहचानें, जिसने केवल आपकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है।