रामो विग्रहवान् धर्मः। Vice Chairperson @INCUttarPradesh Social Media | National Incharge @NSUI Social Media | Student of Law | Tweets are my personal views
"The calculus of national interest demands that we respond to the global public opinion against the Israeli regime’s genocidal actions in Gaza and its brutal displacement and dispossession of lakhs of Palestinian families in the occupied West Bank. The Modi government’s continued silence simply cannot be explained rationally or morally."
-Smt. Sonia Gandhi ji, CPP Chairperson
एक और पेपर लीक।
एक और परीक्षा रद्द।
इस बार महाराष्ट्र का TET।
देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है।
यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,
यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।
“We are slipping further into Israel’s strategic orbit, at a time when the world is increasingly pivoting away from it. The Prime Minister’s visit to Israel will go down in history as a bewildering strategic decision.
The spirit of Indian nationhood demands that we speak up for our Palestinian brothers and sisters whose children have been so brutally targeted.”
Through her editorial, Congress Parliamentary Party Chairperson Smt. Sonia Gandhi ji calls on India to reclaim its independent foreign policy, uphold humanitarian values, and speak up with moral clarity on Gaza.
सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुँच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं।
ज़रा सोचिए - जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में ��केल दिया - वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज़ उठाने वालों को “दहशतगर्द” बता रहा है।
पर यह कोई नई बात नहीं: अन्नदाता किसान��ं को "आंदोलनजीवी और परजीवी" कहा। सवाल पूछने वाले को “Anti-National” कहा। और अब युवाओं को “दहशतगर्द।”
जो भी सरकार से सवाल पूछे - उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है।
धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी माँगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा दीजिए।
और रही मेरी बात - आप मुझ पर जितने चाहें हमले कर लीजिए। मैंने कोटा में कहा था, और फिर कहता हूँ: यह शिक्षा व्यवस्था आज सिर��फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है। मैं इसे ऐसे ही नहीं रहने दूँगा।
हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले - इस आवाज़ को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूँगा।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
Re-NEET देने वाले सभी छात्रों को मेरी अनेक शुभकामनाएँ।
पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दीजिए। कुछ भी हो, मैं हमेशा आपके साथ हूं और आपकी रक्षा करता रहूंगा।
सरकार से अपेक्षा है कि इस बार NEET बिना किसी गड़बड़ी के होगी। छात्र पहले ही बहुत तनाव झेल चुके हैं - अब किसी बच्चे की उम्मीद न टूटने पाए।
If you've suffered because of paper leaks, exam issues, or high fees
If this education system has shattered your dreams
If your family has invested a lifetime of savings in your education
Then “Chhatron Ki Goonj” is your voice.
This isn't just a campaign - it's a platform to take your demands directly to the government.
Affordable education. Fair examinations. Dignified employment.
Join the movement:
1️⃣ Click the link below.
2️⃣ Fill in your name and share your ideas.
3️⃣ Sign the petition - that's it.
Your signature will strengthen this movement. More the signatures, louder the goonj!
👉 Sign the petition now: https://t.co/g6mbw7X5XC
#ChhatronKiGoonj
पता है, भारत की सिर्फ़ 5 परीक्षाओं - NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB की तैयारी पर छात्र और उनके परिवार हर साल कितना ख़र्च करते हैं?
₹3.5 लाख करोड़।
यानी भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट का लगभग तीन गुना। शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान और महिला-बाल विकास - इन पाँच मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर।
और बदले में करोड़ों ��ुवाओं को क्या मिलता है? तनाव, अनिश्चितता, बेरोज़गारी, और टूटते सपने।
जो ख़र्च सरकार की ज़िम्मेदारी है, उसका बोझ आज परिवार उठा रहे हैं।
#ChhatronKiGoonj
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उ���्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj
मेरे युवा और Gen Z साथियों,
एक बात मेरे मन में साफ़ है और आप भी इसे दिल में बैठा लीजिए: भारत के हर युवा का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।
पर ज़िम्मेदारी और ईमानदारी - दोनों मोदी सरकार की सोच से परे हैं।
पेपर लीक, परीक्षा कुप्रबंधन, रद्द होती भर्तियाँ, आसमान छूती फीस, निजीकरण, घोटाले - इन्हीं औज़ारों से वो हर दिन करोड़ों सपने तोड़ ��ही है।
याद रखिए, युवा का भविष्य ही देश का भविष्य तय करेगा। यही सब आपसे विस्तार से कहना है। इसलिए मैं आपको बुला रहा हूँ - देश की हर गली, हर कस्बे, हर शहर से उठती ‘छात्रों की गूंज’ को, आइए कोटा में हुंकार ��नाएँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
देश के हर युवा से मेरी एक बात - आज इस देश में मेहनत का फल नहीं, सपने देखने की सज़ा मिलती है।
हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा, हर अधूरी भर्ती - सिर्फ़ सिस्टम की विफलता नहीं, लाखों सपनों पर प्रहार है।
मैं जानता हूँ आप थक चुके हैं। ग़ुस्से में हैं। पर य��द रखिए - जब सरकार सुनने को तैयार न हो, तब आवाज़ ऊँची करनी पड़ती है।
इसलिए मैं आप सबको बुला रहा हूँ - 17 जून, कोटा। छात्रों की गूंज।
आइए, मिलकर एक ऐसी हुंकार बनें जिसे अनसुना करना नामुमकिन हो। कोटा से शुरुआत - फिर देश के हर कोने तक।
ये आपके भविष्य की लड़ाई है। और मैं आपके साथ हूँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
आज ओडिशा में शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र संभलपुर में NSUI के राष्ट्रीय प्रभारी श्री @kanhaiyakumar और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @VinodJakharIN के नेतृत्व में हजारों छात्रों ने NEET पेपर लीक और CBSE OSM Evaluation System के खिलाफ “छात्र आक्रोश रैली” निकाली।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA को बैन करने की मांग के साथ छात्रों का संदेश साफ है - जब तक छात्रों को न्याय नहीं, संघर्ष जारी रहेगा।