यदि देश व राज्य का राजपूत समाज भाजपा को उसकी औकात दिखाना ही चाहता ���ैं तो स्विंग वोटर बनें।
क्या होते हैं ये स्विंग वोटर..?
स्विंग वोटर से आशय राजनीति स्विंग होती गेंद की तरह कभी इस पाले-कभी उस पाले में गिर सकते हैं। जिनका अंत तक पता ना चले कि ये किस ओर जाएंगे वही स्विंग वोटर कहलाते हैं इन्हें दुनियादारी से अधिक मतलब नहीं होता उसे ये ठेंगे पर रखते हैं, इन्हें मतलब होता है तो सिर्फ अपने हितों से और अपने फायदों से।
कुल मिलाकर ये अपने विकल्प खुले रखते हैं और पार्टियों के साथ सामाजिक-राजनीतिक बार्गेनिंग करते हैं। पार्टियाँ उन्हें ही लुभाती हैं जो एकमुश्त वजनदार तरीक़े से अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।
एक उदाहरण देता हूँ-- 2011-12 के समय कर्नाटक में येदियुरप्पा को बड़ी बेइज्जती करके पद से हटाया गया जिसके बाद उन्होंने कर्नाटक जनता पक्ष पार्टी बनाई। अब उनका कोर वोटर लिंगायत चाहता तो अपनी परम्परागत पार्टी बीजेपी के साथ जुड़ा रह सकता था मगर उन्होंने राजनीतिक सूझबूझ दिखाते हुए अपना वोट बर्बाद किया (आम बोलचाल की ��ाषा में हारते उम्मीदवार को वोट देना)। राज्य में येदियुरप्पा को महज 6 सीटें मिली मगर उन्होंने 10% वोट लेकर पूरे राज्य से भाजपा का ऐसा सूपड़ा साफ किया कि लोग आजतक उसकी नजीर देते हैं। अब आप कहेंगे कि इससे लिंगायतों को आखिर क्या मिला?
उन्हें वाकई कुछ नहीं मिला मगर उन्होंने यह सुनिश्चित कर दिया कि अब से भाजपा उन्हें कभी इग्नोर नहीं कर सकती। उसी का परिणाम है कि विरोध की इंतेहा होने के बावजूद बीवाई व���जयेंद्र प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर जमे हुए हैं और पिछली सरकार से लेकर संगठन में लिंगायतों का डंका बजा रखा है।
राजनीति करो बल्कि गुलामी नही
#Rajput
बताइए सरकार...!
छह हत्याओं के 40 आरोपी बरी कैसे हो गए?
क्या इनको किसी ने नहीं मारा?
यह केस पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा करने वाला है। न्यायिक व्यवस्था से भरोसा उठाने वाला भी है।
क्या मत्स्य न्याय ही अब न्याय है?
@BhajanlalBjp@PoliceRajasthan
बेगूसराय के डॉक्टरों ने टूटे पैर पर प्लास्टर की जगह गत्ते का कार्टून बांधकर मेडिकल साइंस का पूरा सिलेबस ही बदल दिया है!
जब बिहार का स्वास्थ्य विभाग खुद ही एक कार्टून बन चुका हो, तो मरीज को पार्सल की तरह पैक करने में क्या ही हैरानी!
लोग न जाने अभी भी अंध भगति में जी रहे हैं । ओर नैरेटिव सेट करने में लग जाते हैं कही उनकी गुलामी बीजेपी से कोई छीन नहीं ले कालवी साहब चले गए उन को न जाने कितनी गाली दी हमारे भाई सुखदेव सिंह गोगामेडी समाज समाज करते चले गए अब हमारे पास दो ही सामाजिक रूप से लड़ने वाले बचे हैं । एक शिला भाभी सा ओर एक महिपाल सिंह मकराना ये तो UGC कानून का मामला है ओर भी कोई सरकार के खिलाफ आंदोलन हो उनको भी छोड़ो । पर आम राजपूत की कोई हत्या कर दे कोई पिटाई कर दे या ��त्याचार करे किसी गरीब राजपूत पर तो कोई बोलने वाला है क्या इनके अलावा राजनीतिक नेता ओर समाज के नेता में । लोग जो कभी घरों से निकले नहीं ओर बकवास करते हैं । गुदड़ी में पड़े पड़े आरोप लगाते हैं बिक गए ये हो गया वो हो गया अरे भाया कभी गुदड़ी से निकल कर निकला है क्या 100 रुपये का बस का किराया देकर या घर से ही कमी निकालता रहेगा आखिर कब तक । ओर चलो तेरे अनुसार इन सामाजिक नेता को हटा दिया आज से जो सोचते हैं ये गलत है । फिर ऐसा कर हम तुम्हे नेता मान लिए निकल घर से बाहर गाड़ी लेकर समाज के लिए लड़ने के लिए । महीने भर का डीजल भी जला दिया तो मान जाएंगे क्योंकि भुवाजी बुवारा निकाल जाएगी। कालवी साहब सांसद के बेटे थे सामाजिक बाग़ डोर हाथ में नहीं लेते तो विधायक सांसद होते भाई सुखदेव सिंह गोगामेडी चुनाव लड़े बसपा से भादरा से तो बहुत ही शानदार वोट लिए कब के विधायक होते ओर समाज समाज चिल्लाते नहीं फिरते तो आज हमारे बीच होते । महिपाल सिंह मकराना भी बीस साल से समाज समाज चिला कर रोता फ़िर रहा। इन्हें क्या दे दिया अरे आम आदमी भी मकान बना लेता है जीवन में ये तो किराए के मकान में रह रहा है । तुम्हे क्या घर पड़े पड़े कमी ही तो निकालनी है । जब जरूरत पड़ती है तो फोन कर देते हो । ये नहीं सोचते उनके पास डीजल के पैसे है या नहीं उनके क्या फैक्ट्री चल रही है नोटो की । फिर भी ये आते हैं निकल कर घर में सामान नहीं हो तो उसकी तकलीफ अन्दर ही अन्दर पा लेते हैं पर तुम्हे निराश नहीं होने देते क्या राजपूत सभा किसी भी दुख में आपके काम आ सकती है क्या क्षत्रिय युवक संघ आपके दुख में आपके काम आ सकता है या आपके राजनीतिक विधायक जिनके गुणगान करते हो केवल प्रताप सिंह खाचरियावास ओर राजेन्द्र सिंह गुढ़ा के अलावा कोई भी गूँगे बोले कभी तो बताए विधायकों में ।ओर अन्य संगठन आपके दुख में काम आ सकते हैं अगर हा तो गलत फेमी में जी रहे हो आजमा कर देख ल���ना। रही बात आन्दोलन में महिपाल मकराना के हंसने की तो हंसी आ गई तो क्या हो गया। पर महिपाल मकराना के पास है क्या उनके पास भी एक ही वोट है खुद का ।ओर रही बात समाज की तो समाज को सौगंध खाकर कह चुके वोट बीजेपी को नहीं देना फिर क्या कलेजा निकाल कर रखे यारो तुम्हारे पास गिरवी।आपको तो कहा नहीं बीजेपी को वोट दो आपको सौगंध दिलवा रखी हैं बीजेपी को वोट नहीं देने की ओर खुद ने भी खा रखी है । उन नैरेटिव फैलाने वा���े को फोन किया किसी को महिपाल सिंह मकराना ने ओर बोला बीजेपी को वोट देना है तो सार्वजनिक करे आरोप लगाने से पहले ।बकवास करते हैं पड़े पड़े फालतू का तुम करो गुलामी जिसके खून में गुलामी भरी है बागी तो परिवर्तन लाकर रहेंगे । बीजेपी को वोट नहीं देंगे तो नहीं देंगे
आज रतलाम से उज्जैन स्थित बाबा महाकालेश्वर मंदिर तक निकाली जा रही निष्ठा कांवड़ यात्रा में सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
बाबा महाकाल से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
हर हर महादेव! 🚩
जहां बीजेपी की सरकार होगी, वहां के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगूंगी,
लेकिन जहां विपक्ष की सरकार होगी, वहां पर इस्तीफा नहीं मांगूंगी - वामपंथी नेहा बोरा
रिपोस्ट.........
मोदी जी आप
ना आरक्षण का उप- वर्गीकरण कर रहे ना इसमें क्रिमीलेयर लागू होने दे रहे...ऐसे तो आप वापस नही आ रहे sir
आपको
समृद्ध sc/st वोट देता नही
��पसे सवर्ण हद से ज्यादा नाराज है
आपसे वंचित sc/st वर्गीकरण नही करने से नाराज है
मुसलमान के... तो क्या कहने
जोधपुर म��ं नियोकिड्स अस्पताल में डॉ. डी. एस. राठौड़ जी एवं डॉ. अमरजीत जी के सान्निध्य में Smile train के सहयोग से जन्मजात कटे होंठ एवं तालु से पीड़ित बच्चों की निःशुल्क सर्जरी का पुण्य ��ार्य किया जा रहा है।
यह सेवा केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि अनेक मासूम बच्चों के जीवन में नई मुस्कान, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य का संचार करने का एक प्रेरणादायी अभियान है।
इस पुनीत एवं मानवता की सेवा को समर्पित कार्य के लिए सहयोगियों को हार्दिक साधुवाद एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की।
बंधुओ आप UGC Rollback के मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं और इस विषय पर चर्चा का समर्थन करना चाहते हैं, तो अपनी उपस्थिति दर्ज कराइए।
आपकी ए��� छोटी-सी प्रतिक्रिया भी यह दिखा सकती है कि कितने लोग इस विषय पर अपनी बात रखना चाहते हैं।
लोकतंत्र में अपनी राय शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से व्यक्त करना हर नागरिक का अधिकार है।
यदि आपको लगता है कि इस विषय पर संवाद होना चाहिए, तो कमेंट में "YES" लिखकर अपना समर्थन दर्ज करें।
आपकी एक टिप्पणी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि यह संकेत हो सकती है कि आप इस ��ुद्दे पर चर्चा और समाधान चाहते हैं।
जब अधिक लोग अपनी राय रखते हैं, तो जनमत अधिक स्पष्ट होकर सामने आता है।
हालाँकि, यह भी ज़रूरी है कि सोशल मीडिया पर बातचीत मर्यादित भाषा और तथ्यों के आधार पर हो।
किसी भी समुदाय, वर्ग या व्यक्ति के प्रति अपमानजनक या भड़काऊ भाषा का प्रयोग न करें।
अपनी बात तर्क, शालीनता और सम्मान के साथ रखें। इससे आपकी बात अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुँचती है।
यदि आप इस व���षय पर अपनी आवाज़ उठाना चाहते हैं, तो कमेंट में "YES" लिखें और बताइए कि आप इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण संवाद और विचार-विमर्श का समर्थन करते हैं।
साथ ही, अपनी राय भी साझा करें कि आपके अनुसार शिक्षा और भर्ती से जुड़े विषयों पर क्या सुधार होने चाहिए।
आपकी भागीदारी ही लोकतांत्रिक चर्चा को मजबूत बनाती है।
आइए, अपनी बात जिम्मेदारी, संयम और सम्मान के साथ रखें ताकि सार्थक संवाद आगे बढ़ सके।
कमेंट में "YES" लिखकर अपना समर्थन दर्ज करें।
SBI ने Junior Associates की बैकलॉग भर्ती निकाली है। ध्यान देनें वाली बात यह है कि इसमें General Category के लिए एक भी पद नहीं है, जबकि OBC (नाममात्र 112), SC और ST के लिए बैकलॉग सीटे हैं।
इस देश में General अभ्यर्थी सिर्फ परीक्षा देने, टैक्स भरने और कटऑफ बढ़ाने के लिए रह गए हैं क्या?
"Equal Opportunity" अब सिर्फ भाषणों में बची है।
महिपाल सिंह मकराना ✊ एकलौते व्यक्ति है मेरी नजर में जो सोय��� हुए सवर्ण समाज को जगाने के लिए धरातल पर महीनों से संघर्ष करते हुए आज बहुत हद तक इस सोये समाज को जागृत करके सड़कों पर
#UGC_काला_कानून_वापस_लो के लिए आवाज उठा रहे हैं।।
इनके संघर्ष को हम युवा पीढ़ी सदैव याद रखेंगे ✅🙏
सामान्य वर्ग ने वोट दिया बीजेपी को, अब बीजेपी चोट दे रही है सामान्य वर्ग को...😡
#Jaipur :- #UGC_RollBack की माँग को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण पदयात्रा पर सत्ता के अहंकार में चूर लोगों के आदेश पर प्रशासन ने अचानक हमला कर लाठी डंडों से बुरी तरह पीटा सामान्य वर्ग के सदस्यों को।
माननीय प्रचारमंत्री श्री @narendramodi जी आपकी ये तानाशाही न भूलेंगे और न ही सामान्य वर्ग को भूलने देंगे।
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
"ये गिरफ्तारी मुझे रोक नही��� सकती। विद्यार्थियों के हक़, लोकतंत्र और न्याय की लड़ाई पहले भी लड़ता था, आज भी लड़ रहा हूँ और आगे भी लड़ता रहूँगा। संघर्ष मेरा संकल्प है।"