इसे कहते हैं व्यापार,व्यवस्था ऐसी बना दी गई है कि इथेनॉल वाला पेट्रोल डलाओ तो गाड़ी ख़त्म,
और अगर 168 रु लीटर वाला तेल डलाओ तो पैसा ख़त्म,
गले की हड्डी वाला हिसाब हो गया,ना उगली जा रही है ना निगली जा रही है,
82 रु लीटर वाला पेट्रोल खरीदो 168 रु में,
और कितने अच्छे दिन चाहिए!
@YogiBharatX जनता अगर सवाल करती है तो उसे झूठे मुकदमे लगाकर जेल में डाल दिया जाता है, ताज़ा मामला नितिन गड़बड़ी वाला ही देख लो,जिन लोगों ने इथेनॉल को लेकर सरकार पर उंगली उठाई उन्हीं पर FIR करवा दी,जनता करे तो क्या करे,
2006 में बनी यूनिवर्सिटी 20 साल बाद याद आया सरकार को कि यूनिवर्सिटी अवैध है,
अब तक सरकार सो रही थी,अवैध कुछ नहीं बस मुस्लिम नाम होने की वजह से कार्यवाही हो रही है,सरकार नहीं चाहती की लोग शिक्षा हासिल करें वो भी मुस्लिम नाम की यूनिवर्सिटी से,
अब इलेक्शन में कोई मुद्दा तो बचा नहीं!