Ex-Minority District President : Congress (Lucknow, Uttar Pradesh)
State Secretary: All India Comi Tanzeem (Uttar Pradesh)🇮🇳. Instagram ID - israrhashmi_786
या अल्लाह तेरे बंदे आज की दुनिया में इसतरह गुनाह में मुब्तिला होगये है कि वो जिंदगी में क्या कररहे हैं आगे क्या करना है। उनका मकसद क्या है ये सबकुछ भूल गए हैं। और ना आख़िरत की फिक्र है। बस गुनाहों में बहते चले जा रहे है। इसमें लड़कियां सबसे आगे और लड़के उनके पीछे.
अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बराकातुहू साथियों.!
मुफ्ती तारिक़ मसूद साहब का यह वीडियो उन लोगों के लिए है जो यह इल्ज़ाम लगाते हैं कि क़ुरआन में काफिरो के क़त्ल करने का हुक्म है..
पूरा वीडियो ज़रूर सुनें.!!
@Rash160896@VakilAh60249105@shokata25589395@Diamond_Rose___@Soni9120
दूर वाले को नजदीक और नजदीक वाले को कोसो दूर पहुंचाने वाले यंत्र को , जी हां मोबाइल बोलते हैं , हम शायद ही ये याद होंगे की हम अपने आत्माओं के साथ खुल कर कब बात किए थे , इसका मतलब कदापि ये
नहीं कि यंत्र हमारा निजत्व में दखलंदाजी की है , हम
ने ही इसे प्रयोग में इतना मशगूल हो गए कि कब पता ही नहीं चला हम अपनो से कब कट चुके हैं !✅💯
शुभ रात्रि 🌃🌺🌺🙏🙏❤️
शब बा खैर मेरे प्यारे दोस्तों 🌃🌹🌹🙏🙏❤️
Rightly explained .Moreover verse is also related to a group of people (tribal) miss the name of tribe who came to see prophet Muhammed pbuh and asked for asylum ,Prophet pbuh directed to accommodate them in a near by place where they can eat ,rest and recover from their probably ailment but after few days of stay ,they brutally killed the caretakers ,cut their limbs across ,raped women and left ,then Prophet pbuh ordered their execution in the same way as they did is also in context of this verse as detailed by knowledgable people in their commentary on holy Quran .
*ख़ुश-नसीबी और बद-नसीबी की अलामत*
रसूलुल्लह ﷺ फ़रमाया:
*तीन चीज़ें इब्ने आदम की सआदत-मंदी की अलामत हैं और तीन चीज़ें उस की बद-नसीबी की अलामत हैं, इब्ने आदम की ख़ुश-नसीबी तो ये है कि उसे नेक बीवी मिले, अच्छी रिहायश मिले और उम्दा सवारी मिले, जबकि उस ���ी बद-नसीबी ये है कि उसे बुरी बीवी मिले, बुरी रिहायश मिले और बुरी सवारी मिले।*
[ मुसनद अहमद: 1445 ]
*गाड़ी - घर - बीवी*