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पुलिस और प्रशासन का सम्मान करना लोकतंत्र और समाज दोनों के लिए आवश्यक है। #ISupportUPpolice @Uppolice @myogiadityanath
कुछ देर पहले ही शिवम के फोन पर मैं साफ कहना चाहता हूं — अगर इस मामले में किसी भी गांव वाले, किसी भी बच्चे या किसी भी व्यक्ति को जरा सा भी नुकसान हुआ, तो हरदोई प्रशासन हालात संभाल नहीं पाएगा।
⚠️ यह एक चेतावनी है।
ग्राम माहुआकोला, ब्लॉक कोथावा, थाना बेनीगंज, जिला हरदोई में गांव वालों ने अपनी ही जमीन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर उसे स्थापित किया। लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फोन कर प्रतिमा हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और प्रशासन गांव वालों पर दबाव बना रहा है कि प्रतिमा को वहां से हटा दिया जाए।
अब सवाल यह है — क्या अपनी ही जमीन पर अपने आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करना इस देश में गुनाह है? अगर यह गुनाह है, तो फिर इस प्रदेश और देश में हजारों मंदिर, मूर्तियां और अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल कैसे मौजूद हैं? क्या प्रशासन में इतनी हिम्मत है कि वहां जाकर भी इसी तरह कार्रवाई करे?
सुबह से देखा जा रहा है कि प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रतिमा हटवाने में लगा हुआ है, जबकि कुछ मनुवादी ताकतों को सिर्फ इस बात से दिक्कत है कि यहां बुद्ध की प्रतिमा क्यों स्थापित की गई। लखनऊ से शिवम मौर्य अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लगातार गांव वालों के साथ बैठे हुए हैं। गांव के लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल “शांति व्यवस्था” के नाम पर दबाव बना रहा है।
मतलब साफ है — अगर कोई और अपने आराध्य के लिए भव्य मंदिर बनाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर हम अपने आराध्य की प्रतिमा भी स्थापित करें तो उसे हटवाने के लिए ताकतें सक्रिय हो जाती हैं।
हरदोई में यह दोहरा मापदंड साफ दिखाई दे रहा है।
जाति और धर्म के नाम पर हर विवाद को मोड़ देना समाज के लिए ठीक नहीं। जमीन विवादों का हल कानूनी तरीके से होना चाहिए!#ISupportUPpolice @Uppolice @myogiadityanath
कुछ देर पहले ही शिवम के फोन पर मैं साफ कहना चाहता हूं — अगर इस मामले में किसी भी गांव वाले, किसी भी बच्चे या किसी भी व्यक्ति को जरा सा भी नुकसान हुआ, तो हरदोई प्रशासन हालात संभाल नहीं पाएगा।
⚠️ यह एक चेतावनी है।
ग्राम माहुआकोला, ब्लॉक कोथावा, थाना बेनीगंज, जिला हरदोई में गांव वालों ने अपनी ही जमीन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर उसे स्थापित किया। लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फोन कर प्रतिमा हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और प्रशासन गांव वालों पर दबाव बना रहा है कि प्रतिमा को वहां से हटा दिया जाए।
अब सवाल यह है — क्या अपनी ही जमीन पर अपने आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करना इस देश में गुनाह है? अगर यह गुनाह है, तो फिर इस प्रदेश और देश में हजारों मंदिर, मूर्तियां और अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल कैसे मौजूद हैं? क्या प्रशासन में इतनी हिम्मत है कि वहां जाकर भी इसी तरह कार्रवाई करे?
सुबह से देखा जा रहा है कि प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रतिमा हटवाने में लगा हुआ है, जबकि कुछ मनुवादी ताकतों को सिर्फ इस बात से दिक्कत है कि यहां बुद्ध की प्रतिमा क्यों स्थापित की गई। लखनऊ से शिवम मौर्य अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लगातार गांव वालों के साथ बैठे हुए हैं। गांव के लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल “शांति व्यवस्था” के नाम पर दबाव बना रहा है।
मतलब साफ है — अगर कोई और अपने आराध्य के लिए भव्य मंदिर बनाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर हम अपने आराध्य की प्रतिमा भी स्थापित करें तो उसे हटवाने के लिए ताकतें सक्रिय हो जाती हैं।
हरदोई में यह दोहरा मापदंड साफ दिखाई दे रहा है।
समाज में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी है कि लोग प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा न डालें। #ISupportUPpolice @Uppolice @myogiadityanath
कुछ देर पहले ही शिवम के फोन पर मैं साफ कहना चाहता हूं — अगर इस मामले में किसी भी गांव वाले, किसी भी बच्चे या किसी भी व्यक्ति को जरा सा भी नुकसान हुआ, तो हरदोई प्रशासन हालात संभाल नहीं पाएगा।
⚠️ यह एक चेतावनी है।
ग्राम माहुआकोला, ब्लॉक कोथावा, थाना बेनीगंज, जिला हरदोई में गांव वालों ने अपनी ही जमीन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर उसे स्थापित किया। लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फोन कर प्रतिमा हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और प्रशासन गांव वालों पर दबाव बना रहा है कि प्रतिमा को वहां से हटा दिया जाए।
अब सवाल यह है — क्या अपनी ही जमीन पर अपने आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करना इस देश में गुनाह है? अगर यह गुनाह है, तो फिर इस प्रदेश और देश में हजारों मंदिर, मूर्तियां और अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल कैसे मौजूद हैं? क्या प्रशासन में इतनी हिम्मत है कि वहां जाकर भी इसी तरह कार्रवाई करे?
सुबह से देखा जा रहा है कि प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रतिमा हटवाने में लगा हुआ है, जबकि कुछ मनुवादी ताकतों को सिर्फ इस बात से दिक्कत है कि यहां बुद्ध की प्रतिमा क्यों स्थापित की गई। लखनऊ से शिवम मौर्य अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लगातार गांव वालों के साथ बैठे हुए हैं। गांव के लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल “शांति व्यवस्था” के नाम पर दबाव बना रहा है।
मतलब साफ है — अगर कोई और अपने आराध्य के लिए भव्य मंदिर बनाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर हम अपने आराध्य की प्रतिमा भी स्थापित करें तो उसे हटवाने के लिए ताकतें सक्रिय हो जाती हैं।
हरदोई में यह दोहरा मापदंड साफ दिखाई दे रहा है।
पुलिस पर बेवजह दबाव बनाना और कार्रवाई रोकने की कोशिश करना गलत संदेश देता है। #ISupportUPpolice @Uppolice @myogiadityanath
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ग्राम माहुआकोला, ब्लॉक कोथावा, थाना बेनीगंज, जिला हरदोई में गांव वालों ने अपनी ही जमीन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर उसे स्थापित किया। लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फोन कर प्रतिमा हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और प्रशासन गांव वालों पर दबाव बना रहा है कि प्रतिमा को वहां से हटा दिया जाए।
अब सवाल यह है — क्या अपनी ही जमीन पर अपने आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करना इस देश में गुनाह है? अगर यह गुनाह है, तो फिर इस प्रदेश और देश में हजारों मंदिर, मूर्तियां और अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल कैसे मौजूद हैं? क्या प्रशासन में इतनी हिम्मत है कि वहां जाकर भी इसी तरह कार्रवाई करे?
सुबह से देखा जा रहा है कि प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रतिमा हटवाने में लगा हुआ है, जबकि कुछ मनुवादी ताकतों को सिर्फ इस बात से दिक्कत है कि यहां बुद्ध की प्रतिमा क्यों स्थापित की गई। लखनऊ से शिवम मौर्य अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लगातार गांव वालों के साथ बैठे हुए हैं। गांव के लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल “शांति व्यवस्था” के नाम पर दबाव बना रहा है।
मतलब साफ है — अगर कोई और अपने आराध्य के लिए भव्य मंदिर बनाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर हम अपने आराध्य की प्रतिमा भी स्थापित करें तो उसे हटवाने के लिए ताकतें सक्रिय हो जाती हैं।
हरदोई में यह दोहरा मापदंड साफ दिखाई दे रहा है।
कानून के दायरे में रहकर ही हर विवाद का समाधान संभव है। भावनाओं के नाम पर नियम नहीं बदल सकते। #ISupportUPpolice @Uppolice @myogiadityanath
कुछ देर पहले ही शिवम के फोन पर मैं साफ कहना चाहता हूं — अगर इस मामले में किसी भी गांव वाले, किसी भी बच्चे या किसी भी व्यक्ति को जरा सा भी नुकसान हुआ, तो हरदोई प्रशासन हालात संभाल नहीं पाएगा।
⚠️ यह एक चेतावनी है।
ग्राम माहुआकोला, ब्लॉक कोथावा, थाना बेनीगंज, जिला हरदोई में गांव वालों ने अपनी ही जमीन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर उसे स्थापित किया। लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फोन कर प्रतिमा हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और प्रशासन गांव वालों पर दबाव बना रहा है कि प्रतिमा को वहां से हटा दिया जाए।
अब सवाल यह है — क्या अपनी ही जमीन पर अपने आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करना इस देश में गुनाह है? अगर यह गुनाह है, तो फिर इस प्रदेश और देश में हजारों मंदिर, मूर्तियां और अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल कैसे मौजूद हैं? क्या प्रशासन में इतनी हिम्मत है कि वहां जाकर भी इसी तरह कार्रवाई करे?
सुबह से देखा जा रहा है कि प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रतिमा हटवाने में लगा हुआ है, जबकि कुछ मनुवादी ताकतों को सिर्फ इस बात से दिक्कत है कि यहां बुद्ध की प्रतिमा क्यों स्थापित की गई। लखनऊ से शिवम मौर्य अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लगातार गांव वालों के साथ बैठे हुए हैं। गांव के लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल “शांति व्यवस्था” के नाम पर दबाव बना रहा है।
मतलब साफ है — अगर कोई और अपने आराध्य के लिए भव्य मंदिर बनाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर हम अपने आराध्य की प्रतिमा भी स्थापित करें तो उसे हटवाने के लिए ताकतें सक्रिय हो जाती हैं।
हरदोई में यह दोहरा मापदंड साफ दिखाई दे रहा है।
अगर प्रशासन कार्रवाई करे और लोग उसे राजनीतिक मुद्दा बना दें तो इससे कानून का सम्मान कम होता है। पुलिस को निष्पक्ष काम करने देना चाहिए। #ISupportUPpolice @Uppolice @myogiadityanath
कुछ देर पहले ही शिवम के फोन पर मैं साफ कहना चाहता हूं — अगर इस मामले में किसी भी गांव वाले, किसी भी बच्चे या किसी भी व्यक्ति को जरा सा भी नुकसान हुआ, तो हरदोई प्रशासन हालात संभाल नहीं पाएगा।
⚠️ यह एक चेतावनी है।
ग्राम माहुआकोला, ब्लॉक कोथावा, थाना बेनीगंज, जिला हरदोई में गांव वालों ने अपनी ही जमीन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर उसे स्थापित किया। लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फोन कर प्रतिमा हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और प्रशासन गांव वालों पर दबाव बना रहा है कि प्रतिमा को वहां से हटा दिया जाए।
अब सवाल यह है — क्या अपनी ही जमीन पर अपने आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करना इस देश में गुनाह है? अगर यह गुनाह है, तो फिर इस प्रदेश और देश में हजारों मंदिर, मूर्तियां और अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल कैसे मौजूद हैं? क्या प्रशासन में इतनी हिम्मत है कि वहां जाकर भी इसी तरह कार्रवाई करे?
सुबह से देखा जा रहा है कि प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रतिमा हटवाने में लगा हुआ है, जबकि कुछ मनुवादी ताकतों को सिर्फ इस बात से दिक्कत है कि यहां बुद्ध की प्रतिमा क्यों स्थापित की गई। लखनऊ से शिवम मौर्य अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लगातार गांव वालों के साथ बैठे हुए हैं। गांव के लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल “शांति व्यवस्था” के नाम पर दबाव बना रहा है।
मतलब साफ है — अगर कोई और अपने आराध्य के लिए भव्य मंदिर बनाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर हम अपने आराध्य की प्रतिमा भी स्थापित करें तो उसे हटवाने के लिए ताकतें सक्रिय हो जाती हैं।
हरदोई में यह दोहरा मापदंड साफ दिखाई दे रहा है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को कई बार कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। जनता को सहयोग करना चाहिए। #ISupportUPpolice @Uppolice @myogiadityanath
कुछ देर पहले ही शिवम के फोन पर मैं साफ कहना चाहता हूं — अगर इस मामले में किसी भी गांव वाले, किसी भी बच्चे या किसी भी व्यक्ति को जरा सा भी नुकसान हुआ, तो हरदोई प्रशासन हालात संभाल नहीं पाएगा।
⚠️ यह एक चेतावनी है।
ग्राम माहुआकोला, ब्लॉक कोथावा, थाना बेनीगंज, जिला हरदोई में गांव वालों ने अपनी ही जमीन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर उसे स्थापित किया। लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फोन कर प्रतिमा हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और प्रशासन गांव वालों पर दबाव बना रहा है कि प्रतिमा को वहां से हटा दिया जाए।
अब सवाल यह है — क्या अपनी ही जमीन पर अपने आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करना इस देश में गुनाह है? अगर यह गुनाह है, तो फिर इस प्रदेश और देश में हजारों मंदिर, मूर्तियां और अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल कैसे मौजूद हैं? क्या प्रशासन में इतनी हिम्मत है कि वहां जाकर भी इसी तरह कार्रवाई करे?
सुबह से देखा जा रहा है कि प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रतिमा हटवाने में लगा हुआ है, जबकि कुछ मनुवादी ताकतों को सिर्फ इस बात से दिक्कत है कि यहां बुद्ध की प्रतिमा क्यों स्थापित की गई। लखनऊ से शिवम मौर्य अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लगातार गांव वालों के साथ बैठे हुए हैं। गांव के लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल “शांति व्यवस्था” के नाम पर दबाव बना रहा है।
मतलब साफ है — अगर कोई और अपने आराध्य के लिए भव्य मंदिर बनाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर हम अपने आराध्य की प्रतिमा भी स्थापित करें तो उसे हटवाने के लिए ताकतें सक्रिय हो जाती हैं।
हरदोई में यह दोहरा मापदंड साफ दिखाई दे रहा है।
जमीन किसी की भी हो, कब्जा करना गलत है। ऐसे मामलों में प्रशासन को स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए। #ISupportUPpolice @Uppolice @myogiadityanath
कुछ देर पहले ही शिवम के फोन पर मैं साफ कहना चाहता हूं — अगर इस मामले में किसी भी गांव वाले, किसी भी बच्चे या किसी भी व्यक्ति को जरा सा भी नुकसान हुआ, तो हरदोई प्रशासन हालात संभाल नहीं पाएगा।
⚠️ यह एक चेतावनी है।
ग्राम माहुआकोला, ब्लॉक कोथावा, थाना बेनीगंज, जिला हरदोई में गांव वालों ने अपनी ही जमीन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर उसे स्थापित किया। लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फोन कर प्रतिमा हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और प्रशासन गांव वालों पर दबाव बना रहा है कि प्रतिमा को वहां से हटा दिया जाए।
अब सवाल यह है — क्या अपनी ही जमीन पर अपने आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करना इस देश में गुनाह है? अगर यह गुनाह है, तो फिर इस प्रदेश और देश में हजारों मंदिर, मूर्तियां और अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल कैसे मौजूद हैं? क्या प्रशासन में इतनी हिम्मत है कि वहां जाकर भी इसी तरह कार्रवाई करे?
सुबह से देखा जा रहा है कि प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रतिमा हटवाने में लगा हुआ है, जबकि कुछ मनुवादी ताकतों को सिर्फ इस बात से दिक्कत है कि यहां बुद्ध की प्रतिमा क्यों स्थापित की गई। लखनऊ से शिवम मौर्य अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लगातार गांव वालों के साथ बैठे हुए हैं। गांव के लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल “शांति व्यवस्था” के नाम पर दबाव बना रहा है।
मतलब साफ है — अगर कोई और अपने आराध्य के लिए भव्य मंदिर बनाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर हम अपने आराध्य की प्रतिमा भी स्थापित करें तो उसे हटवाने के लिए ताकतें सक्रिय हो जाती हैं।
हरदोई में यह दोहरा मापदंड साफ दिखाई दे रहा है।
लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन कानून तोड़कर दबाव बनाना सही तरीका नहीं। #ISupportUPpolice @Uppolice @myogiadityanath
कुछ देर पहले ही शिवम के फोन पर मैं साफ कहना चाहता हूं — अगर इस मामले में किसी भी गांव वाले, किसी भी बच्चे या किसी भी व्यक्ति को जरा सा भी नुकसान हुआ, तो हरदोई प्रशासन हालात संभाल नहीं पाएगा।
⚠️ यह एक चेतावनी है।
ग्राम माहुआकोला, ब्लॉक कोथावा, थाना बेनीगंज, जिला हरदोई में गांव वालों ने अपनी ही जमीन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर उसे स्थापित किया। लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फोन कर प्रतिमा हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और प्रशासन गांव वालों पर दबाव बना रहा है कि प्रतिमा को वहां से हटा दिया जाए।
अब सवाल यह है — क्या अपनी ही जमीन पर अपने आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करना इस देश में गुनाह है? अगर यह गुनाह है, तो फिर इस प्रदेश और देश में हजारों मंदिर, मूर्तियां और अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल कैसे मौजूद हैं? क्या प्रशासन में इतनी हिम्मत है कि वहां जाकर भी इसी तरह कार्रवाई करे?
सुबह से देखा जा रहा है कि प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रतिमा हटवाने में लगा हुआ है, जबकि कुछ मनुवादी ताकतों को सिर्फ इस बात से दिक्कत है कि यहां बुद्ध की प्रतिमा क्यों स्थापित की गई। लखनऊ से शिवम मौर्य अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लगातार गांव वालों के साथ बैठे हुए हैं। गांव के लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल “शांति व्यवस्था” के नाम पर दबाव बना रहा है।
मतलब साफ है — अगर कोई और अपने आराध्य के लिए भव्य मंदिर बनाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर हम अपने आराध्य की प्रतिमा भी स्थापित करें तो उसे हटवाने के लिए ताकतें सक्रिय हो जाती हैं।
हरदोई में यह दोहरा मापदंड साफ दिखाई दे रहा है।
जमीन विवादों को लेकर प्रशासन जो कार्रवाई करे उसका सम्मान होना चाहिए। हर मामले को राजनीति से जोड़ना ठीक नहीं। #ISupportUPpolice @Uppolice @myogiadityanath
कुछ देर पहले ही शिवम के फोन पर मैं साफ कहना चाहता हूं — अगर इस मामले में किसी भी गांव वाले, किसी भी बच्चे या किसी भी व्यक्ति को जरा सा भी नुकसान हुआ, तो हरदोई प्रशासन हालात संभाल नहीं पाएगा।
⚠️ यह एक चेतावनी है।
ग्राम माहुआकोला, ब्लॉक कोथावा, थाना बेनीगंज, जिला हरदोई में गांव वालों ने अपनी ही जमीन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर उसे स्थापित किया। लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फोन कर प्रतिमा हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और प्रशासन गांव वालों पर दबाव बना रहा है कि प्रतिमा को वहां से हटा दिया जाए।
अब सवाल यह है — क्या अपनी ही जमीन पर अपने आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करना इस देश में गुनाह है? अगर यह गुनाह है, तो फिर इस प्रदेश और देश में हजारों मंदिर, मूर्तियां और अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल कैसे मौजूद हैं? क्या प्रशासन में इतनी हिम्मत है कि वहां जाकर भी इसी तरह कार्रवाई करे?
सुबह से देखा जा रहा है कि प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रतिमा हटवाने में लगा हुआ है, जबकि कुछ मनुवादी ताकतों को सिर्फ इस बात से दिक्कत है कि यहां बुद्ध की प्रतिमा क्यों स्थापित की गई। लखनऊ से शिवम मौर्य अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लगातार गांव वालों के साथ बैठे हुए हैं। गांव के लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल “शांति व्यवस्था” के नाम पर दबाव बना रहा है।
मतलब साफ है — अगर कोई और अपने आराध्य के लिए भव्य मंदिर बनाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर हम अपने आराध्य की प्रतिमा भी स्थापित करें तो उसे हटवाने के लिए ताकतें सक्रिय हो जाती हैं।
हरदोई में यह दोहरा मापदंड साफ दिखाई दे रहा है।
कुछ लोग प्रशासनिक कार्रवाई को गलत तरीके से पेश कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। सच सामने आना जरूरी है। #ISupportUPpolice @Uppolice @myogiadityanath
कुछ देर पहले ही शिवम के फोन पर मैं साफ कहना चाहता हूं — अगर इस मामले में किसी भी गांव वाले, किसी भी बच्चे या किसी भी व्यक्ति को जरा सा भी नुकसान हुआ, तो हरदोई प्रशासन हालात संभाल नहीं पाएगा।
⚠️ यह एक चेतावनी है।
ग्राम माहुआकोला, ब्लॉक कोथावा, थाना बेनीगंज, जिला हरदोई में गांव वालों ने अपनी ही जमीन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर उसे स्थापित किया। लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फोन कर प्रतिमा हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और प्रशासन गांव वालों पर दबाव बना रहा है कि प्रतिमा को वहां से हटा दिया जाए।
अब सवाल यह है — क्या अपनी ही जमीन पर अपने आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करना इस देश में गुनाह है? अगर यह गुनाह है, तो फिर इस प्रदेश और देश में हजारों मंदिर, मूर्तियां और अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल कैसे मौजूद हैं? क्या प्रशासन में इतनी हिम्मत है कि वहां जाकर भी इसी तरह कार्रवाई करे?
सुबह से देखा जा रहा है कि प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रतिमा हटवाने में लगा हुआ है, जबकि कुछ मनुवादी ताकतों को सिर्फ इस बात से दिक्कत है कि यहां बुद्ध की प्रतिमा क्यों स्थापित की गई। लखनऊ से शिवम मौर्य अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लगातार गांव वालों के साथ बैठे हुए हैं। गांव के लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल “शांति व्यवस्था” के नाम पर दबाव बना रहा है।
मतलब साफ है — अगर कोई और अपने आराध्य के लिए भव्य मंदिर बनाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर हम अपने आराध्य की प्रतिमा भी स्थापित करें तो उसे हटवाने के लिए ताकतें सक्रिय हो जाती हैं।
हरदोई में यह दोहरा मापदंड साफ दिखाई दे रहा है।
में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यवाही का सम्पूर्ण समर्थन करता हूं
क्या मित्रों आप भी समर्थन करते है?
देश के दंगाई पत्थर बाजों का यही हाल होना चाहिए
@Uppolice
हम आपके साथ है
,🙏🙏🙏🙏🙏
#IsupportUPPOLICE
@SureshY76420141 @sureshpandey4 @drpappuchikna05 @UPTakOfficial जो कुछ हो रहा हैं कानून के ही हिसाब से हो रहा हैं अपराधी ( राक्षस मनोवर्ती वाला ) जब पुलिस कर्मीयों पर गोली चलाएगा तो पुलिस क्या उसकी आरती उतारेगी पुलिस ने बिल्कुल वो ही किया जो उसे करना चाहिए था ।
उत्तर प्रदेश की जनता @Uppolice और सरकार के साथ हैं।
#ISupportUPPolice
Salman urfurls Pakistani flag at his home in Kushinagar; arrested and taken for treatment by UP Police.
#ISupportUPPolice
@rose_k01 ... Great Going Towards Giving Justice in Time...
#ISupportUPPolice #UPPolice @UPGovt @Uppolice @myogiadityanath
ऐसे कर्मठ लोक नेता के कारण आज
भारत देश में हर भारतीय गर्व अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ निश्चित और निर्भय त्यौहार मना सकते हैं
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
#YogiAdityanath
#UttarPradesh
#उत्तरप्रदेश
#ISupportUPPolice
#BREAKING #UPDATE
#Meerut #UP
House of Former BSP Minister Haji Yakub Qureshi attached
He Was running illegal slaughter house in his closed factory.
Yakub and both his sons absconding
#ISupportUPPolice
UP police arrests Non-Veg seller Talib from Sambhal; He used to pack non-veg in Newspaper with Hindu God and Goddess photographs. #ArrestTasleemRahmani #isupportUpPolice

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