Maths मेरे नाम में विषय नहीं, सोचने का तरीका,तर्क और विश���लेषण भी है। है।
जहाँ आँकड़े होंगे, वहाँ Maths होगी।
चाहे EXAM का Paper हो या देश की अर्थव्यवस्था।
लोग कहते हैं मेरे tweet Maths के syllabus से बाहर है।
मैं कहता हूँ बेरोज़गारी, GDP, बजट, महंगाई, टैक्स, शेयर बाज़ार - सब Numbers की ��ाषा हैं।
Maths सिर्फ़ HCF-LCM तक सीमित नहीं है।
देश की अर्थव्यवस्था से लेकर शेयर बाज़ार तक, पूरी दुनिया Numbers पर चलती है।
इसलिए Abhinay Maths नाम है, Abhinay Chapter-7 Exercise-3 नहीं।
MATHS = Mindset, Analysis, Truth, Humanity & Statistics
MATHS = Mindset And Thinking Handling Society
इसलिए सवाल चाहे परीक्षा का हो, अर्थव्यवस्था का हो या समाज का - चर्चा जारी रहेगी।
देश का सुख हो या दुख, हम सब इसी देश के नागरिक हैं।
अगर आर्थिक कठिन समय आने वाला है, तो यह राजनीति से ऊपर उठकर सोचने का समय है।
सरकार, विपक्ष, उद्योग, किसान, युवा और आम नागरिक - सभी की जिम्मेदारी है कि देश को मजबूत कैसे किया जाए, क्योंकि संकट किसी दल का नहीं, पूरे देश का है।
बुलेट ट्रेन, 5 ट्रिलियन इकोनॉमी, विश्वगुरु बनने की बाते है, और 1 लाख स्कूलों में बिजली नहीं, वही 98,500 स्कूलों में बेटियों के लिए शौचालय नहीं।
जिस देश के बच्चों को बुनियादी सुविधाएँ न दे पा रहे हो हम तो सच में आत्ममंथन की जरूरत है #education_system
Paper Leak, बेरोज़गारी, महंगाई जैसे मुद्दे शायद अब खत्म हो गए हैं…
तभी तो DNA में राहुल सिन्हा और Black & White में अंजना के लिए चर्चा का विषय अब “अभिनय” रह गया है।
Rejoinder के साथ जल्द मुलाकात होगी।
तब तक…
कह लीजिए
निशाना मैं नहीं, मेरे सवाल हैं|
सालों से नफ़रत और धर्म के नाम पर लड़वाने वाले अपना जमीर बेचकर पत्रका���िता को धंधा बनाकर देश के साथ हर मुद्दे पर छल और झूठ से जनता को गुमराह करने वालो की अब देश की जनता के सामने सच्चाई आने लगी है !
Main Stream मीडिया पर जनता की विश्वसनीयता ऐसे ही कम नहीं हुई !
एक ��शक तक जनता के साथ विश्वासघात किया है ।
हर वक्त जब जब देश के लोगो चाहे किसान, छात्र मजदूर हो या आम जनता की परेशानी स्टूडियो में बैठे कुछ लोगो ने हमेशा इनकी पीड़ा का मजाक किया है !
जनता सच्चाई जान गई है और अब और सच्चाई आज भी जानेगी ।
देश बदलने की शुरूरात हो चुकी है - वो भी media और शिक्षा व्यवस्था पर गहरी चोट से।।
मिलते है आज रात 9:00 बजे असली #PrimeTime में
देश के असली मुद्दे के साथ ! जय हिन्द ! 🙏🏻
मैं 2017 में उस समय YouTube पर 10 लाख (1 Million- aap hi bio mai million ka aura dekha) लोगों को जोड़कर बैठा थ���, जब न Reels थीं, न Shorts थे और न ही Jio का आज जैसा विस्तार था।
उस समय लोगों को जोड़ने का एक ही तरीका था -विषय पर पकड़, पढ़ाने की क्षमता और छात्रों का विश्वास।
शिक्षक का मूल्यांकन पत्रकार से नहीं, लाखों छात्रों के परिणामों से होता है।
पत्रकारिता बची है नहीं, देश की जनता कर रही है इसका फैसला।
पेपर लीक, बेरोज़गारी और भर्ती घोटालों पर सवाल पूछने वाले शिक्षक आपको तमाशेबाज दिख रहे हैं।
नहीं बच्चों को कोचिंग का बिल्कुल शौक नहीं … बस हमारे देश के बच्चे घटिया शिक्षा व्यवस्था के शिकार है … जिन्हें पता है स्कूल और कॉलेज में कॉम्प्टीशन क्वालीफाई करने वाली पढ़ाई नहीं होती … जिसका फ़ायदा कोचिंग सेंटर वाले अच्छे से उठाना जानते है … पहले कोचिंग वाले सर जी और अब यूट्यूब वाले सर जी …
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी है��।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
��र्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
Yes, this video is AI-generated.
The spoken content ("I am proud of you, my brothers and sisters..." and especially "I know that it is difficult for me to sit in security rooms... difficulties with my children") has no match in any verified Netanyahu speech or statement.
It aligns with the wave of deepfakes circulating right now to counter rumors of his absence from security meetings. Real GPO footage doesn't include these lines.
2024 के लोकसभा चुनाव और #Maharashtra विधानसभा चुनाव के बीच छह महीनों के अंतर में BJP नेता #DevendraFadnavis की सीट नागपुर दक्षिण पश्चिम पर 29,219 नए मतदाता जुड़े.
यानी हर रोज लगभग 162 मतदाता. कैसे?
पढ़िए @TweetSumedha & विशाल वैभव की रिपोर्ट.
https://t.co/AlL3CN3Dtq