लीक नहीं हुआ है.गेस उत्तर रटवा के परीक्षा से एकदिन पहले.तैयारी को धार दिया जा रहा था.ये न्यूज हेमंत सरकार को बदनाम करने केलिए चलाया जा रहा है @HemantSorenJMM , @JharkhandPolice जिस तरह से JSSCCGLमें गेस पेपर था वैसा ही है न?इन लोगों को समझांए😡😛 @yourBabulal@sunny_sharad@grok
और जब ऐसे ऐसे अति प्रतिभाशाली, परीक्षा के एक रात पहले दिव्य ज्ञान प्राप्त करने वाला विद्यार्थी अधिकारी बनेगा तो यक़ीनन मानिए हमारा झारखण्ड विकास की नई गाथा को जरूर लिखेगा..!!
वैसे झारखण्ड के लोगों को इन सब चीजों से कोई मतलब हैं नहीं, मैया योजना में लगे हुए हैं 🤣🤣😅😂
बिना किसी टिप्पणी के वीडियो साझा कर रहा हूं, आप लोग देखिए और खुद समझिए।
झारखंड में JPSC, JSSC और विशेष रूप से क्षेत्रीय कार्यकर्ता की तैयारी करने वाले छात्र जरूर अपनी राय रखें।
@yourBabulal झारखंड में विपक्षी दल का नेता होने के नाते आप हम cgl छात्रों का साथ दीजिए, हमलोग के साथ अन्याय हुआ है।
केस सुप्रीम कोर्ट जा चुका हैं, आप वहां पे सपोर्ट कीजिए सर
ये हमारा अनुरोध रहेगा आपसे
बताइए! जो व्यक्ति झारखंड को लूटकर अपने वकीलों की फीस भर रहा हो, वह चंदा कर के इन्साफ मांगने वाले गरीब छात्रों का मज़ाक बना रहा है। हेमंत सोरेन जी अपने गिरेबां में झा��किए और यदि हिम्मत है तो बताइए कि भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल जाने से बचने के लिए आपने रांची से लेकर दिल्ली तक वकीलों की फौज खड़ा करने में कितने करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
हेमंत सोरेन जी, गरीब छात्र आपकी तरह सोने का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए, इसलिए वे चंदा और QR कोड का सहारा ले रहे हैं।
और हाँ, आपने बिल्कुल सही कहा कि चोर पुलिस से एक कदम आगे भागता है, इसलिए आप भी दिल्ली से चप्पल छोड़कर भाग खड़े हुए थे। आपने यह भी बिल्कुल सही कहा कि चोर तकनीक का दुरुपयोग करने की कोशिश करता है, इसलिए जांच एजेंसी के समक्ष आपने भी अपने फोन की जांच कराने से मना कर दिया था।
यदि आपको नेपाल वाली बात अफवाह लग रही है तो बताइए, क्या JSSC-CGL मामले में हाई कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी है? जब गड़बड़ी नहीं हुई तो अभी भी 10 छात्रों का रिजल्ट क्यों लंबित रखा गया है? अदालत ने अभी भी जांच जारी रखने का आदेश क्यों दिया है?
���ुवाओं को तो देर-सबेर न्याय मिल ही जाएगा, लेकिन जिस अहंकार में आप जी रहे हैं उससे तो यही लगता है कि आपको बाकी समय जेल-बेल, कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने में ही बीताना पड़ेगा।
@BJP4India @narendramodi @AmitShah @nitinnabin @blsanthosh @BJP4Jharkhand
मेरे इस ट्वीट से कु�� लोग तिलमिला गए है । सब चोरों को पता है चोरी 100 % हुआ है मगर अपने स्वार्थ में सब पगला गया है । अरे जाहिलों ऊपर ईश्वर भी है उनके बारे में भी सोच लो । पाप का घड़ा भर जाता है ना तो उपर वाला सजा दे देता है ।किसी पर निजी हमला करने से पहले ख़ुद में झाँक लो कि तेरे रिजल्ट से पहले तू कहाँ था ।गिरगिट की तरह समय के हिसाब से रंग बदल लेते हो और ख़ुद को पाक साफ़ बताते हो । तुम मुझे गालियाँ दो , कुछ भी बोलो ये तुम्हारा तिलमिलाहट है । ऐसे भी जो भ्रष्ट है और भ्रष्टाचार से समर्थक है उनसे अच्छी भाषा की उम्मीद भी नहीं की जा सकती है ।
काफी दुर्भाग्यपूर्ण
11th-13th JPSC के अंतिम परिणाम में नाम आने के बावजूद 10 लोगों को नियुक्ति पत्र नहीं मिला।
उन 10 में से किसी तक ये बात पहुंच रही है या कोई उनके पहचान का है तो संपर्क करें।
JSSC CGL पेपर लीक मामले में विनय साह की गिरफ्तारी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
जो काम झारखंड पुलिस, पूर्व DGP अनुराग गुप्ता और सरकार के दबाव में नहीं कर पाई, वह काम @myogiadityanath की @Uppolice की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कर दिखाया।
मेरा पहला सवाल यह है कि आखिर विनय साह की गिरफ्तारी हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई के खत्म होने के बाद ही क्यों हुई? क्या हमारी राज्य पुलिस का खुफिया तंत्र इतना विफल है कि वह आरोपियों को एक साल ���े पकड़ नहीं पा रहा था?
इस मामले का मुख्य अभियुक्त अनीश अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हमें सूत्रों के हवाले से पक्की सूचना मिली है कि पूर्व DGP अनुराग गुप्ता ने एक मोटी रकम लेकर अनीश की गिरफ्तारी को अब तक टाले रखा है, ताकि पेपर लीक से संबंधित सारे डिजिटल साक्ष्यों को धीरे-धीरे नष्ट किया जा सके।
हमारे पास यह भी पक्की सूचना है कि जिन छात्रों ने नेपाल, राँची, हजारीबाग, और राँची के मंत्री रेजिडेंसी, नियामतपुर व अन्य जगहों पर प्रश्नों के उत्तर रटे थे, राज्य की CID टीम उन सभी के स्वीकारोक्ति बयानों (Confession Statements) को सरकार और पूर्व DGP अनुराग गुप्ता के दबाव में बदल रही है, ताकि कुछ सफेदपोशों को बचाया जा सके।
एक ���ंभीर सवाल यह भी है कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि पेपर लीक की जांच कर रही CID की पूरी टीम को जांच के दौरान दो बार बदला गया? जिस पर न्यायालय ने सख्त आपत्ति भी जताई थी।
सवाल यह भी उठता है कि आज तक पेपर लीक में संबंधित एजेंसी और आयोग के अधिकारियों से पूछताछ क्यों नहीं की गई? जबकि आयोग के सदस्यों ने शुरुआत में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छात्रों के सारे सबूतों को 'एडिटेड' (Edited) बताया था।
अगर @aajtak न्यूज़ की रिपोर्ट को देखा जाए, तो अभियुक्त विनय साह ने खुद स्वीकार किया है कि कैसे उसने परीक्षा से पहले रांची के एक होटल में रुककर इस पेपर लीक की साजिश रची और छात्रों को नेपाल ले जाकर प्रश्नों के उत्तर रटवाए।
हमारे पास पुख्ता जानकारी है कि फरार अभियुक्त अनीश का सीधा संपर्क परीक्षा कराने वाली एजेंसी, आयोग के अधिकारियों और पूर्व DGP अनुराग गुप्ता से है।
एक अंतिम और ग���भीर सवाल... आखिर ऐसी कौन सी बात है कि राज्य के मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी का पूरा कुनबा इस पेपर लीक को मात्र धनउगाही बताने पर तुला हुआ है?
मैं, राज्य के मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूँ कि अभी भी वक्त है, अगर आपकी मंशा स्पष्ट है तो तत्काल इस पूरे पेपर लीक प्रकरण की जांच CBI से कराई जाए। साथ ही, मैं राज्य की CID टीम और उनके डीजी से अनुरोध करूँगा कि इस पूरे मामले की जाँच बिना किसी भेदभाव के की जाए, क्योंकि याद रह��� समय भी बदलता है और परिस्थितियां भी, अगर कुछ नहीं बदलता है तो वह है 'सत्य'।
हम झारखंड के युवाओं को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि @BJP4Jharkhand भ्रष्टाचार की इस लड़ाई में हमेशा आपके साथ खड़ी रहेगी।
#JsscCglScam #paperleak #Jharkhand
@BJP4India @narendramodi @JPNadda @AmitShah @blsanthosh @BJP4Jharkhand
JSSC CGL पेपर लीक करवाने वाला विनय शाह जो रेलवे का इंजीनियर है उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार हो गया और उसने कबूल भी किया है कि रांची के होटल में अभ्यर्थियों के साथ बैठ कर प्लानिंग किया उसके बाद उसने उत्तर रटवाने के लिए सब को नेपाल ले गया ।
अभी भी मुख्य मास्टरमाइंड फरार है । आधा काम तो उत्तर प्रदेश के एसटीएफ ने कर दिया है अब मुख्य मास्टरमाइंड को तो झारखंड पुलिस पकड़े और जाँच करे कि इस पेपर लीक में कौ�� कौन शामिल था ।
@HemantSorenJMM @yourBabulal @dasraghubar @amarbauri @ajaysahspeaks @ShahiPratap @pratulshahdeo @MrityunjayS7
#jssccglpaperleak
यहां झारखंड सरकार की पूरी मशीनरी आरोप लगाने, तथा भ्रम एवं अफवाहें फैलाने में व्यस्त थी, लेकिन आज @Uppolice ने JSSC CGL पेपर लीक के एक अहम सरगना को धर दबोचा। #JSSC
इस अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं स्वीकारोक्ति ने कम से कम यह तो साफ कर दिया कि सीआईडी मामले को सुलझाने की जगह, उसे भटकाने एवं उलझाने में ज्यादा रुचि दिखा रही थी।
इस मामले ��ी सीबीआई जांच जरूरी है, तभी उन लाखों अभ्यर्थियों को न्याय मिल पायेगा, जिनके सपनों, उम्मीदों एवं आकांक्षाओं का सौदा कर के कुछ लोग, ऐसा जता रहे हैं, मानो कुछ हुआ ही ना हो।
सीबीआई ना सिर्फ मामले का पर्दाफाश करेगी, बल्कि निष्पक्ष कार्यवाही द्वारा इस परीक्षा की पारदर्शिता एवं इसके प्रति अभ्यर्थियों के भरोसे को भी वापस लौटाने में कारगर सिद्ध होगी।
अगर शिक्षक झारखंड के स्टूडेंट्स के भविष्य के लिए आगे बढ़ कर पेपर लीक जैसे गभीर मुद्दे को लेकर आवाज़ उठाता हैं तो इसमें दोषी व्यक्ति को गिरफ्तारी होनी चाहिए, किन्तु सरकार इतना
निर्लज्ज हो चुका हैं याचिका करता को ही गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही हैं ताकि सच्चाई को छुपाया जा सके ।।