प्रशांत भूषण ने ‘रेजीम चेंज’ की बात शायद आवेश और माहौल के प्रभाव में की है। अगर नहीं तो बेहद आपत्तिजनक है। रेजीम चेंज का लगभग सार्वभौमिक अर्थ तख़्ता पलट है। यह सरकार-परिवर्तन से अलग है। हिंदी में रेजीम चेंज के ठीक समकक्ष शब्द मुझे नहीं मिला।
रेजीम चेंज अपने प्रचलित अर्थ में अलोकतांत्रिक, हिंसक तरीक़ों से शासन/शासकों को अपदस्थ करना होता है। भले ही आज की सरकार कितनी भी अलोकतांत्रिक, भ्रष्ट, दमनकारी और विभाजक हो भारत के संदर्भ में इसकी बात करना सरासर गलत है।
प्रशांत और इस विचार से सहमत जो भी लोग हों उन्हें अपने शब्द वापस लेने चाहिए। पुनर्विचार करना चाहिए।
Dear Elon,
India is a sovereign country, not your personal business project. You run a private company, not a charity.
Just because you want to enter the Indian market doesn't mean you get to mock people and lecture India on what it should do.
And please stop selling this idea that you are coming to save poor Indians. Starlink is VERY expensive. It's not free internet that you are giving away out of kindness.
You are here to do business, just like every other company. So let's not pretend this is some social service.
Nobody is stopping you from making an offer. Make it affordable, follow Indian rules, and let the government decide. That's how it works.
Please keep attitude in check, you just sell internet. You don't own India.
@elonmusk Dear @elonmusk Indian know what is best for Him , please dont teach , word know what is problam you and your papit , eavery Indian stand with #Modi , we know you are trading same just line bangaldesh , nepal , and pakishtan
Thank you, Prime Minister Meloni, for your warm wishes. I look forward to continuing our close cooperation to further strengthen the India-Italy Special Strategic Partnership.
@GiorgiaMeloni
हबीब होटल में दो नाबालिग हिंदू बेटियाँ पाँच लव जिहादियों के साथ पकड़ी गईं।
परिवार से कहा था – “कोचिंग जा रही हैं”… लेकिन कमरे में ब���यर की बोतलें, सिगरेट और लड़कियों के कपड़े मिले।
होटल मालि�� और स्टाफ भाग खड़े हुए।
जागो हिंदुओ बहुत देर हो चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस प्रसन्ना बराले ने कहा कि अगर सरकार कुंभ मेला का जो बजट है उसका 0.1% शिक्षा बजट बढ़ाती तो कई स्कूल बन सकते थे
मैं जस्टिस से सहमत हूं
लेकिन जस्टिस प्रसन्ना वराले को सिर्फ कुंभ मेला ही क्यों नजर आया ???
इन्होंने यह क्यों नहीं कहा कि अगर सरकारी हज यात्रा सब्सिडी का बजट का 0.1% स्कूलों पर खर्च करती तो स्कूल अच्छे बन सकते थे
या यह जो पूरे भारत में सैकड़ो हज हाउस बने हैं उनकी जगह स्कूल या कॉलेज बनते तो कितनी शानदार शिक्षा व्यवस्था होती
या जस्टिस प्रसन्ना बराले को यह भी कहना चाहिए कि यह वक्फ बोर्ड जो लाखो एकड़ जमीन दबाकर बैठा है उन जमीनों पर स्कूल कॉलेज बनेंगे तो देश की शिक्षा व्यवस्था शानदार होगी
सोचिए जब सुप्रीम कोर्ट में बैठे हुए जज को भी सिर्फ एक धर्म नजर आ रहा है तब वह फैसला क्या करते होंगे
नंदीग्राम के हरिपुर गांव में 86% आबादी हिंदू है।
ममता बनर्जी की सरकार ने 54 लोगों को घर दिए।
इनमें से 52 मुसलमान थे और सिर्फ़ 2 हिंदू थे।
: सुवेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, प��्चिम बंगाल
मनीष सिसोदिया जी,
बात निकली है तो दूर तलक जाएगी.
ये पंजाब के फाजिल्का का एक सरकारी स्कूल है . फरवरी में इस स्कूल के तीन जर्जर क्लास रूम को गिरा दिया गया था और पंजाब के शिक्षा मंत्री की तरफ से छह महीने में नए क्लासरूम बनवाने का वादा किया गया था .
छह महीने बीत गए . स्कूल के चौथी और पांचवीं के बच्चे एक डेढ़ किमी दूर के स्कूल में भेज दिए गए हैं . क्लास रूम बनना तो दूर अभी बनने की शुरुआत भी नहीं हुई है .
ये रिपोर्ट इंडिया टुडे की ताज़ा रिपोर्ट है .
@msisodia@SanjayAzadSln