एक नया कर्मचारी जब सेवा में आता है, तो वह सबसे ज्यादा उत्साह और ऊर्जा के साथ काम करता है। लेकिन जब महीने के अंत में उसे 'आधा अधूरा' वेतन मिलता है, तो वह उत्साह फीका पड़ जाता है।
किराया: पूरा लगता है,राशन: पूरा आता है।
पेट्रोल: पूरा जलता है,मेहनत: पूरी लगती है।
...तो फिर वेतन अधूरा क्यों?
#प्रोबेशन_में_पूर्ण_वेतन
जब जिम्मेदारी पूरी, तो वेतन अधूरा क्यों?
महंगाई के इस दौर में घर चलाना कोई खेल नहीं है। अगर एक कर्मचारी प्रोबेशन पीरियड में बाकी सभी की तरह 100% काम कर रहा है, पूरी जिम्मेदारी निभा रहा है, तो फिर वेतन में कटौती किस आधार पर?
काम बराबर, तो वेतन भी बराबर हो।
महंगाई सबके लिए एक समान है।
प्रतिभा का सम्मान 'पूर्ण वेतन' से शुरू होता है।
सरकार और प्रशासन को इस नीति पर विचार करना चाहिए। न्याय तभी होगा जब मेहनत का पूरा फल मिलेगा।
#प्रोबेशन_में_पूर्ण_वेतन
एक नया कर्मचारी जब सेवा में आता है, तो वह सबसे ज्यादा उत्साह और ऊर्जा के साथ काम करता है। लेकिन जब महीने के अंत में उसे 'आधा अधूरा' वेतन मिलता है, तो वह उत्साह फीका पड़ जाता है।
किराया: पूरा लगता है,राशन: पूरा आता है।
पेट्रोल: पूरा जलता है,मेहनत: पूरी लगती है।
...तो फिर वेतन अधूरा क्यों?
#प्रोबेशन_में_पूर्ण_वेतन
राजस्थान के नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए इस मंहगाई के दौर में 10-15 हजार रूपए में अपने घर परिवार गृह जिला छोड़कर 200-700 किमी दूर दुसरे जिले में रहकर इतनी कम सैलरी में नौकरी व जीवनयापन करना बहुत मुश्किल है।
राज्य सरकार को अतिशीघ्र प्रोबेशनरी कर्मचारियों के लिए राहत देनी चाहिए।
आज 10 से 1 बजे तक ✌️✌️
#प्रोबेशन_में_पूरा_वेतन
राधे मीणा प्रदेशाध्यक्ष
राजस्थान युवा बेरोजगार महासंघ
कर्मचारी अगर चुप रहे तो शोषण नीति बन जाता है!
अब नींद नहीं, आंदोलन चाहिए।
प्रोबेशन में पूरा वेतन हमारा हक़ है।
#प्रोबेशन_में_पूरा_वेतन ✊ हमारी टीम विवेक चौधरी के अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है