चार पहाड़ी इकट्ठा होते हैं तो बात आखिर में इसी निष्कर्ष पर पहुंचती है कि “यार एक दिन तो सबको वापस गाँव ही जाना है।”
अब वैश्विक तेल संकट, बढ़ती महंगाई और शहरों के आर्थिक दबाव के बीच शायद यह एक अवसर है जब उत्तराखंड में रिवर्स पलायन की शुरुआत हो सकती है।
हमारे खेत-खलिहान आज भी हमारा इंतज़ार कर रहे हैं।आने वाले समय में फार्मिंग ही आत्मनिर्भर भविष्य का सबसे मजबूत आधार बन सकती है।
केदारनाथ में आप रात में नहीं ठहर सकते। जी हां। एक वक्त था जब कोई भी श्रद्धालु रात में बाबा केदार के धाम में नहीं ठहरता था। वजह- ताकि यहां की मर्यादा भंग ना हो लेकिन आज दिन हो या रात... यहां पर मस्तकों के झुंडों का जमावड़ा लगा रहता है।
एक तो उत्तराखंड में ये न्यू ऐज देव डोली वालों ने त्राहिमाम मचा रखा है।दरबार लगना हमारी परंपरा में कहीं था ही नहीं।अब मंदिरों के नाम पर नक़ली डोलियाँ दिल्ली-एनसीआर में 20-30 हज़ार के पैकेज में ‘प्रदर्शन’ करने जा रही हैं।हर तीसरा व्यक्ति देव डोली उपासक हो गया है।रील्स अलग से कट रही हैं।ये ऋषिकेश वाले की सबसे बड़ी भूमिका है इसमें। परिणाम हानिकारक होंगे।
कोई बात नहीं जब ग्लेशियर टूटेगा, तब की तब देखेंगे । अभी रील बनाने दो, पुलिस अंकल। इतना पैसा खर्च करके उसी के लिए तो आए हैं.
अब केदारनाथ यात्रा को भी कैलाश मानसरोवर यात्रा की तर्ज पर रेगुलेट करने की ज़रूरत है। यह आँकड़ों की प्रतिस्पर्धा बंद होनी चाहिए। ऐसे यात्री प्रदेश के लिए भी कुछ नहीं करते ।
पाताल भुवनेश्वर को कब्जाने की वो साज़िश जिसके तार सत्य साईं से जुड़ते हैं
Full Report here - https://t.co/OLUypclw7J
#uttarakhand#satyasai#patalbhuvneshwar
I must confess that until recently I had never heard of Phool Dei, a spring festival that was celebrated yesterday in the villages of Uttarakhand.
Children gather fresh flowers from the hills and go from house to house placing them on doorsteps, offering a blessing for the household:
“Phool Dei, Chhamma Dei,
Deni Dwar, Bhar Bhakar…” roughly wishing the home prosperity.
In return they receive sweets.
It reminded me a little of Halloween in the U.S., where children go door to door saying “trick or treat.” But what a lovely contrast. Here the children arrive not threatening a prank, or asking first, but giving first. Flowers.
In an age when we speak so much about environmental consciousness, this graceful celebration of spring and nature deserves to be far more widely known.
Just as Holi travelled across India and the world, perhaps Phool Dei should too.
For me, the children of Uttarakhand are my #MondayMotivation
आप भले ही उर्मिला सनावर के दावों पर शक कर लें... लेकिन इस शक की बिना पर आप जाँच की गुंजाइश से नहीं बच सकते। और इस पूरे तूफ़ान से बाहर निकलने का रास्ता भी यही है कि आप जाँच करवाएं। आरोप-प्रत्यारोप नहीं।
#Uttarakhand#AnkitaBhandari
क्या उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून लागू हुआ ? "नहीं"
क्या मुख्यमंत्री पुष्कर धामी @pushkardhami और भाजपा सरकार @bjp4uk ने भू-कानून के नाम पर उत्तराखंड की जनता को धोखा दिया ? "हाँ"
#उत्तराखंड_मांगे_सशक्त_भू_कानून
Video Source(Credit) : @HillJatra
आपको अपने गाँव का रास्ता याद रहा। आपके बच्चों को भी थोड़ी बहुत स्मृति रही... लेकिन आपके नातियों को कौन बताएगा कि आप पहाड़ में कहां के हैं? सुनिए एक बुजुर्ग का दर्द।
#uttarakhand#pahad
नेपाल आज से नहीं बल्कि कई दशकों से भारत के कई क्षेत्रों पर अपना कब्जा जमा रहा है। इसमें उत्तराखंड, सिक्किम समेत कई क्षेत्र हैं।
पूरी रिपोर्ट - https://t.co/QAK52Z0tzo
धर्म के नाम पर जो नफ़रत फैलाई जा रही है, उसके इतर अगर आप इतिहास जानने में रुचि रखते हैं तो ज़रूर देखें। पहली बार मुसलमान कैसे उत्तराखंड पहुंचे?
#Itihas#hilljatra#uttarakhand