इधर बाढ़ में bihar के 15 जिले और 48 लाख लोग प्रभावित है एक तरफ़ #UPI पर Charge की बात सरकार कर रही है और Media दिखा रही है कि ये सही हो रहा है ….
दूसरी तरफ़ PM Care Fund में 8400 करोड़ रुपए आराम फ़रमा रहे है मगर ���र्चा होगी कि मोदी साहब को भारत रत्न देने का सुझाव है और घर घर दीपक जलाने का सुझाव है पूरा देश celebrate करे ।
क्या Celebrate करे देश ?
PM मोदी का जन्मदिन celebrate करे या उस दीये में तेल आज बढ़कर 150 से 200 -250 रूपये मिल रहा है वो celebrate करे .
बता दो भाई , महंगाई Celebrate करनी है या बाढ़ Celebrate करनी है Paper leak Celebrate करना है जनता तो दर्द में है
और आप उसे Celebration का ज्ञान दे रहे है
सवालों से भागते योगी आदित्यनाथ
BJP वालों को सवालों से बहुत डर लगता है। कभी मोदी भागने लगते हैं, कभी योगी भागने लगते हैं।
काम ही ऐसे किए हैं, डरना तो बनता है।
मुख्यमंत्री योगी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीवी पत्रकार दिव्���ा श्रीवास्तव ने जब उनसे सवाल पूछा, तो उसके बाद पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया और LIU द्वारा पूछताछ शुरू कर दी गई।
मेरी दिव्या श्रीवास्तव से बात हुई है, वह बहुत डरी हुई हैं, रो रही हैं और सुरक्षा की मांग कर रही हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछना कोई अपराध नहीं है, क्योंकि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। सवाल पूछने पर किसी पत्रकार का उत्पीड़न करना लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
सरकार से मांग है कि वह अपने कदम तुरंत वापस ले, पत्रकार की नौकरी बहाल करवाए और उनका उत्पीड़न बंद करे।
- श्री सी.पी. राय (@cprai) जी, चेयरपर्सन, मीडिया विभाग, यूपी कांग्रेस
“ये प्रेस वार्ता क्यों लिखा है?इसे तो होना चाहिए प्रेस संबोधन” : महिला पत्रकार
जब हिम्मत नहीं है मीडिया के सवालों का जवाब देने का तो फालतू में ही प्रेस कांफ्रेंस कर बैठे 🙁
लड़की योगी से सवाल करने की एक्टिंग करते हुए रील बना रही थी।
अगर इतनी सी बात पर उसे सच में धमकी दी गई है, छुप जाने, गायब होने या बुलडोजर चलाने की बात कही गई है तो कितनी ख़तरनाक सिचुएशन है।
गुंडागर्दी और तानाशाही ही योगी का शासन है।
जब इस जाबाज़ महिला पत्रकार का वीडियो देखा तभी मैं समझ गया की अब बेचारी को मुख्यमंत्री जी का प्रशासन छोड़ेगा नहीं!
योगी जी आप तो झूठ बोलते हैं की अखिलेश जी ने एक पत्रकार के गले पर तलवार रख दिया था जो कोई नहीं देखा था,
���ेकिन आज आपकी प्रशासन इस महिला पत्रकार के उपर आपका प्रशासन बंदूक ताना है ये सबको दिख रहा है!
नाम बदलनेवाले अब ‘प्रेस वार्ता’ का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर दें क्योंकि जब सिर्फ़ बयान दिया जाना है और प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं है तो बिना वार्तालाप ���वार्ता’ शब्द का क्या अर्थ रह जाता है? माननीय सबका समय क्यों ख़राब कर रहे हैं, प्रेस रिलीज़ भेजकर ही काम चलाएं और दोनों का समय बचाएं।
सत्य ये है कि उप्र में सवालों की भरमार है लेकिन इनके पास जवाब ही नहीं हैं। मुँह मोड़ कर जाना, मैदान छोड़कर भागना भी कहलाता है।
ये शासन में पक्षपात करते हैं और प्रेस वार्ता में एकतरफ़ा बयानबाज़ी। अब क्या ये भी कहेंगे कि ‘प्रश्न सुनने के मूड में नहीं है।’
#प्रेस_एकालाप
जब प्रदेश की सरकार में शामिल कैबिनेट मंत्री ही अपनी पुलिस से न्याय के लिए KGMU के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठने को मजबूर हों, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
गोंडा में व्यापार�� विनोद साहनी की बेरहमी से हत्या और पुलिस-प्रशासन द्वारा आरोपियों को शह देने के गंभीर आरोप उत्तर प्रदेश में 'जंगलराज' और ध्वस्त हो चुकी कानून-व्यवस्था का खुला प्रमाण हैं।
जब सत्ता के सहयोगी ही पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं, तो साफ है कि 'जीरो टॉलरेंस' का नारा पूरी तरह खोखला हो चुका है।
अराजकता और अपराधी तत्वों को संरक्षण देने वाली यह सरकार जवाब दे- आखिर उत्तर प्रदेश के व्यापारियों और आम नागरिकों की जान की कीमत क्या रह गई है?
उत्तर प्रदेश निषाद पार्टी के नेता विनोद सहनी को अपराधियों ने हत्या कर दी है।
कई राउंड इनपर फायरिंग की गई , अस्तपाल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिये। यूपी में इस वक्त गुंडई चरम सीमा पे है। @Uppolice से अनुरोध है कि हत्यारे को जल्द से जल्द पकड़े और कठोर कार्रवाई करें।
गोंडा में मुख्यमंत्री बिष्ट ठाकुर आदित्यनाथ के सजातीय भाजपाई ठाकुर गुंडों द्वारा मारे गए श्री विनोद साहनी निषाद जी के परिजनों से टेलीफोन पर सपा प्रमुख माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी ने वार्ता की और न्याय दिलाने का वादा किया तथा ढांढस रखने की अपील की
परिजनों से वादा है कि न्याय दिलाएगी समाजवादी पार्टी और सत्ता बदलने पर सभी अपराधियों को जेल भेजा जाएगा औ�� सख्त सजा मिलेगी
गोण्डा के व्यापारी विनोद साहनी का सत्ता संरक्षित अपराधियों द्वारा हत्या...
भाजपा सरकार के मंत्री का अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठना यह साबित करता है कि सूबे की कानून व्यवस्था पूर्णतया धवस्त हो चुकी है।
कानूनी कार्रवाइयों में भी जातीय भेदभाव इस सरकार को ले डूबेगा।
हम इस संगीन अपराध में कठोर कार्यवाही की मांग करते हैं।
भाजपा राज ‘अत्याचार, अन्याय, अहंकार’ का पर्यायवाची बन गया है, जिसके निशाने पर ‘पीडीए’ है।
अगर कहीं कोई भी ‘धर्म-न्याय’ में ��िश्वास करनेवाला है तो इस क्रूर हत्या का संज्ञान ले अन्यथा पीडीए समाज मिलजुलकर अपनी लड़ाई ख़ुद लड़ लेगा।
भाजपा में ‘निषाद’ को ‘विषाद‘ के सिवा कुछ नहीं मिलेगा।
सुल्तानपुर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कुछ वर्चस्वादियों ने जिस तरह जन्माष्टमी के आयोजन में बाधा-अड़चन डालकर पूजा-अर्चना का खंडन किया है वो सिर्फ़ किसी समुदाय की आस्था पर प्रहार ही नहीं पाप भी है और अपराध भी।
इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच हो और दोषी प्रभुत्ववादियों को ऐसी सज़ा मिले कि फिर कभी किसी का घमंड सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का दुस्साहस न कर सके।
इन जैसी घटनाओं के पीछे उच्चता की दुर्भावना काम करती हैं और ऐसा करने के पीछे ‘सत्ता सजातीय होने का अहंकार’ मूल कारण होता है।
सब जानते हैं कि धर्म-कर्म में बाधा उत्पन्न करनेवालों को क्या कहते हैं।
घोर निंदनीय!