अब तो विधानसभा एवं लोकसभा के चुनाव हो गए अब किस बात की चिंता करें! अब चंदा देने वाली तेल लाबी को भी तो लाभ पहुंचाना है! किसानों का क्या आज चिल्लाते हैं कल भूल जाते हैं! अगले चुनाव के साल भर पहले जैसा होगा देखा जाएगा! मुंह में राम बगल में छुरी? जय जवान जय किसान! बोलो जय श्री राम🙏🏻
कें. वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत 2025-26 के बजट में आयकर में छूट, किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 से 5 लाख, स्ट्रीट वेंडर के लिए क्रेडिट कार्ड की लिमिट 30हजार, एमबीबीएस के पद बढ़ाना आ���ि लोक लुभावने निर्णय स्वागत योग्य है परंतु इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे डिफेंस के लिए कुछ खास नहीं है।
*महाकुंभ मेले में भगदड़ में कई लोगों ने अपनों को खोया है। सरकार के मुताबिक 30 लोगों की मृत्यु हुई। जब राष्ट्रीय चैनल TV9 के रिपोर्टर विपिन चौबे मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उनके साथ स्थानीय अधिकारियों ने हाथापाई की, अब प्रश्नचिन्ह खड���े होते हैं कि आखिर ये सब क्यों छुपाया जा रहे है?*
पुराने स्मार्ट मीटर लगे अभी 10 वर्ष भी नहीं हुए हैं तब लगभग ₹1000 वसूले गए थे तब कमीशनबाजी के भी आरोप लगे थे। अब उनकी सही कीमत 2500 रू हो सकती है। परंतु यदि जबरदस्ती नए स्मार्ट मीटर लगाकर 25000 वसूले गए तब 1.80 करोड़ मीटर के 45000 करोड़ वसूल होंगे। कमीशन की कल्पना जनता ही करे।
नगर निगम इंदौर का यह कृत्य गले नहीं उतरता! स्वयं की दुकान या व्यापारिक प्रतिष्ठान पर अपने व्यवसाय का बोर्ड लगाने पर कैसे प्रतिबंधित किया जा सकता है और कैसे उनसे टैक्स वसूला जा सकता है?
नगर निगम, शासकीय, अर्धशा. संस्थानों की संपत्तियों पर नेताओं के पोस्टर पर कार्रवाई क्यों नहीं?
आजकल ट्विटर में मुद्दे की बात कम बकवास ज्यादा होता है।
सही मुद्दों के लिए संघर्ष, सही बोलना, गलतियों पर आलोचना, समालोचना ऐसा कुछ नहीं है। नेताओं को फॉलोवर लाइक करते है चाहे वह कुछ भी बोले। अश्लील फोटो वीडियो, नेताओं की आपस में कहा सुनी, लड़ाई झगड़ा वायरल होता है तो लाइक होता है।
सीएम डॉ मो���न यादव की घोषणा- उज्जैन सहित प्रदेश के धार्मिक नगरों में होगी पूर्ण शराबबंदी।
बाकी सब तो ठीक है सीएम साहब! परंतु काल भैरव का क्या होगा? उनके भक्तों का क्या होगा?
कुंभ में हुए हादसे में मृत श्रद्धालुओं को भावपूर्ण श्रद्धांजलि ईश्वर से प्रार्थना है उन्हें अपने ���रणों में स्थान दें🙏 घायल भी शीघ्र स्वस्थ हो ऐसी प्रार्थना है🙏🏻
कुंभ से मैं भी लौटा हूं वहां ट्रैफिक की बदइंतजामी है। मेला क्षेत्र में पीपापूल व रास्तों में सही बोर्ड नहीं लगे हैं।
आधार कार्ड के साथ मतदाता कार्ड से भी मिलान हो और इन दोनों की डिजिटल प्रति रिकॉर्ड में रख कर ही सिम देना चाहिए। *एक व्यक्ति, एक कंपनी, एक सिम* (संस्थाओं ���ो छोड़कर) का कानून बनना चाहिए। फर्जी सिम देने वाले का अपराध गैर जमानती होना चाहिए। देश से एक भी फर्जी सिम बाहर नहीं जा सकती।
देवास बदनावर या उज्जैन गरोठ हाईवे हो या उज्जैन जावरा फोरलेन हो या इंडस्ट्रियल एरिया एवं यूडीए के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला हो। किसानों को उनकी भूमि की वास्तविक कीमत का चवन्नी भी नहीं मिलता है। किसानों की समस्याएं और बढ़ जाती है, कोई सुनने वाला नहीं है। दम है तो एक होकर आगे आओ।
मप्र पीएससी में विगत कई वर्षो��� से गड़बड़ियों की शिकायतें हैं तथा समाचारों में बहुत कुछ प्रकाशित होता रहा है। बेरोजगार युवा हैरान परेशान है फिर भी मप्र सरकार इसमें सुधार का प्रयास क्यों नहीं कर पाती?
इसकी जड़ में भ्रष्टाचार एवं भाई भतीजा वा�� तो है...
https://t.co/oMtSDhpG67
लाइसेंस राज खत्म कर उदारीकरण की शुरुआत करने, 2005 में सूचना का अधिकार लागू करने, मनरेगा योजना में ग्रामीणों को रोजगार देने, 2006 में अमेरिका से परमाणु डील कर देश को परमाणु राष्ट्र मनवाने, 2009 में शिक्षा का अधिकार देने व कृषि को आगे बढ़ाने वाले मनमोहनसिंह को विनम्र श्रद्धांजलि💐
मप्र पीएससी में विगत कई वर्षों से गड़बड़ियों की शिकायतें हैं तथा समाचारों में बहुत कुछ प्रकाशित होता रहा है। बेरोजगार युवा हैरान परेशान है फिर भी मप्र सरकार इसमें सुधार का प्रयास क्यों नहीं कर पाती?
इसकी जड़ में भ्रष्टाचार एवं भाई भतीजा वाद तो है, परंतु जनता किसको जवाबदारी माने?
भारत सरकार ने सही कानून बना रखा है उन्होंने 50% सीमा के भीतर अजा, अजजा और ओबीसी तीनों को 49.5% आ���क्षण दिया। मप्र सहित सभी सरकारों को चाहिए कि इन वर्गों की जनसंख्या के सही अनुपात में 49.9 प्रतिशत सीमा तक आरक्षण का अपना कानून बना ले। सभी प्रकार की मुकदमेबाजी स्वत: समाप्त हो जाएगी।
भारत में 10% लोग ही टैक्स चुके हैं!
इनमें अधिकांश वेतन भोगी एवं ईमानदार टैक्स पेयर है।
भारत में 43% जनसंख्या का पैन कार्ड बना हुआ है। है ना आश्चर्यजनक!
केंद्र में सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो चाहे बीजेपी की हो, फिर भी ऐसा क्यों हो रहा है? प्रजातंत्र में जनता को विचार करना चाहिए
केमिकल उद्योग लगाना बहुत हानिकारक है। आवासीय क्षेत्र, खेती की जमीन, पेयजल एवं सिंचाई के जल क्षेत्र में प्रदूषण न हो। उज्जैन के औद्योगिक क्षेत्र में भी कुछ केमिकल फैक्ट्रियां है। यहां आगे भी सरकार आवास क्षेत्र के पास कृषि भूमि अधिग्रहण कर रही है। मोहन सरकार क्या पुनर्विचार करेगी।
मप्र पीएससी में विगत कई वर्षों से गड़बड़ियों की शिकायतें हैं तथा समाचारों में बहुत कुछ प्रकाशित होता रहा है। बेरोजगार युवा हैरान परेशान है फिर भी मप्र सरकार इसमें सुधार का प्रयास क्यों नहीं कर पाती?
इसकी जड़ में भ्रष्टाचार एवं भाई भतीजा वाद तो है...
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मप्र पीएससी में विगत कई वर्षों से गड़बड़ियों की शिकायतें हैं तथा समाचारों में बहुत कुछ प्रकाशित होता रहा है। बेरोजगार युवा ह���रान परेशान है फिर भी मप्र सरकार इसमें सुधार का प्रयास क्यों नहीं कर पाती?
इसकी जड़ में भ्रष्टाचार एवं भाई भतीजा वाद तो है, परंतु जनता किसको जवाबदारी माने?
आदिवासी हमारी संस्कृति की पहचान है, इनका संरक्षण करना, जनजातीय क्षेत्र में इनका पलायन रोकना सरकार का कार्य है परंतु ध्यान रहे एट्रोसिटी एक्ट एवं पदोन्नति में आरक्षण जैसा कोई कदम न उठाए जो सामान��य पिछड़ा वर्ग को प्रताड़ित करने वाला हो क्योंकि वे भी 78% हैं व इस देश के निवासी हैं।
बांग्लादेश में हिंदुओं की प्रताड़ना रोकने, हिंदुओं को बांग्लादेश बॉर्डर से देश मे प्रवेश करने देने व उन्हें शरण देने, जैसे अरब देशों से पूर्व में भारतीयों को एयरलिफ्ट किया गया, वैसे बांग्लादेश मे प्रताड़ित हिंदुओं को एयरलिफ्ट कर भारत लाने के लिए केंद्र सरकार तुरंत हस्तक्षेप करें