@kuldeep2428@BhimArmyChief private में reservation से पहले सरकारी संस्थानों,PSU में जो बड़े पैमाने पर contract पर नियुक्ति हो रही है उसमें आरक्षण के लिए प्रावधान जरूर होना चाहिए क्योंकि permanent nature के जॉब में भी बड़े पैमाने पर कांट्रैक्ट में नियुक्तियां हो रहीं हैं!
@ajeetbharti अच्छा है आप अपना नफ़रती सोच दिखा कर साबित क�� रहे हो कि आज भी कितना घृणा लिए जातिवादी लोग समाज में मौजूद हैं जिसके कारण देश आगे नहीं बढ़ रहा! आज का जनरेशन सब देख रहा है और समझ रहा है कि कैसे झूठ पर झूठ बोल कर गुलाम बनाया जाता है,उपहास उड़ाया जाता है शोषण को नैरेटिव का नाम देकर!
@luffyspeaking प्राइवेट से पहले सरकारी संस्थानों और PSU में permanent नेचर वाले जॉब में बड़े पैमाने पर contract पर नियुक्ति हो रही उसमें सबसे पहले आरक्षण की माँग होनी चाहिए क्योंकि ये सब govt office या PSU हैं?
@Prksh_Ambedkar@RahulGandhi private में reservation से पहले सरकारी संस्थानों,PSU में जो बड़े पैमाने पर contract पर नियुक्ति हो रही है उसमें आरक्षण के लिए प्रावधान जरूर होना चाहिए क्योंकि permanent nature के जॉब में भी बड़े पैमाने पर कांट्रैक्ट में नियुक्तियां हो रहीं हैं!
@Prksh_Ambedkar@RahulGandhi जिसको ये नहीं पता कि आरक्षण गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम नहीं है वो ज्ञाता बना बैठा है ! गरीबी के आधार पर आरक्षण देने से सबकी गरीबी दूर हो जाएगी 150 करोड़ जनसंख्या और लगभग 2 करोड़ सरकारी नौकरी वाले देश में! गरीबी दूर करने की सरकार अच्छे से कदम उठाये उसके लिए आवाज कितने लोग उठा रहें!
@Prksh_Ambedkar@RahulGandhi नीति निर्धारण करने वालें पदों पर या सेक्रेटरी लेवल पर 90% से ज्यादा सवर्ण लोग बैठें हैं जो नीति ���नाते हैं? तो तंत्र किनके कारण बर्बाद हुवा? लेटरल एंट्री में सिर्फ भाई-भतीजावाद या जातिवाद की गुंजाइश रहती है और सारे जातियों के प्रतिनिधित्व से वंचित रह जाती है व्यवस्था!
@priyankagandhi नीति निर्धारण करने वालें पदों पर या सेक्रेटरी लेवल पर 90% से ज्यादा सवर्ण लोग बैठें हैं जो नीति बनाते हैं? तो तंत्र किनके कारण बर्बाद हुवा? ले���रल एंट्री में सिर्फ भाई-भतीजावाद या जातिवाद की गुंजाइश रहती है और सारे जातियों के प्रतिनिधित्व से वंचित रह जाती है व्यवस्था!