भूख हड़ताल का दूसरा दिन है।
5 जुलाई से शुरू हुआ यह संघर्ष और 25 जुलाई से जारी दिवा-रात्रि सत्याग्रह अब एक कठि�� पड़ाव पर है। शरीर में कमजोरी है, कदम भारी हैं, लेकिन छात्रों को न्याय दिलाने का संकल्प पहले से भी अधिक मजबूत है।
यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। हर उस छात्र की लड़ाई है जिसने वर्षों की मेहनत, अपने सपनों और अपने परिवार की उम्मीदों को प्रतियोगी परीक्षाओं के भरोसे रखा।
मैं सभी साथियों से अपील करता हूँ कि आंदोलन को शांतिपूर्ण, संवैधानिक और अनुशासित बनाए रखें। आपका विश्वास, आपका साथ और आपकी आवाज़ ही इस संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत है।
"भूख शरीर को कमजोर कर सकती है, लेकिन न्याय के लिए उठी आवाज़ को नहीं।
#JPSC #JSSC #satyagrah #hungarstrick
🚨 EXCLUSIVE By @lagatarIN
500 OMR Sheet घोटाले की शिकायत महीनों पहले JPSC अध्यक्ष तक पहुंची, फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े कथित OMR हेराफेरी मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। Lagatar की रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को जनवरी 2026 में ही लिखित शिकायत के जरिए 500 OMR शीट में कथित हेराफेरी की जानकारी दे दी गई थी। शिकायत में स्वतंत्र जांच कराने और CCTV सहित परीक्षा प्रक्रिया की जांच की मांग भी की गई थी, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार उस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शिकायत में FRO परीक्षा की 350 और ACF परीक्षा की 150 OMR शीट में कथित गड़बड़ी का उल्लेख था। साथ ही एक कथित सिंडिकेट और कुछ व्यक्तियों के नाम भी बताए गए थे। बाद में सामने आई जांच में 500 से अधिक OMR शीट में कथित हेराफेरी की बात भी सार्वजनिक चर्चा का विषय बनी।
https://t.co/9OILyj3sI6
@khurpenchh
@narendramodi प्रधान मंत्री जी, मैने आजतक केवल वोट किया, इसका ऐसा सजा मिला कि 30 वर्ष हो गया, उच्च शिक्षा के बावजूद, 5000 का जॉब नहीं मिल पा रहा है। बिजनेस में उधर #एथेनॉल लाकर उधर जान ले रहे है। आप जो कर रहे वो बहुत ही बढ़िया कर रहे, सजा तो मिल चाहिए, की आपको वोट किया है।
सेरोटोनिन - मनोदशा, नींद और भूख।
डोपामिन - आनंद और प्रेरणा।
नॉरएड्रेनालिन - सतर्कता, ध्यान और ऊर्जा।
ग्लूटामेट - प्रमुख उत्तेजक संदेशवाहक।
गाबा (GABA) - प्रमुख निरोधक संदेशवाहक।
BDNF - तंत्रिका कोशिकाओं का विकास और मरम्मत।
HPA Axis - तनाव नियंत्रण प्रणाली।
कॉर्टिसोल - प्रमुख तनाव हार्मोन।
डिप्रेशन में अक्सर ये सब गड़बड़ हो जाते हैं: यही कारण है कि आधुनिक विज्ञान डिप्रेशन को किसी एक रसायन की कमी नहीं, बल्कि पूरे मस्तिष्कीय तंत्र के असंतुलन के रूप में देखता है।
इसलिए नियमित व्यायाम, पर्याप्त और समय पर नींद, पौष्टिक भोजन, सुबह की धूप, प्रकृति के बीच समय और अपने करीबी लोगों से जुड़े रहना मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना ��ाता है।
अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करना, सोशल मीडिया और नशे की आदतों से दूरी रखना, तथा ध्यान या माइंडफुलनेस जैसी तकनीकों का अभ्यास करना काफी इफेक्टिव होता है।
व्यायाम BDNF बढ़ाता है, डोपामिन और सेरोटोनिन की कार्यक्षमता सुधारता है, सूजन कम करता है और नई तंत्रिका कोशिकाओं के निर्माण को प्रोत्साहित करता है। अच्छी नींद तंत्रिका कोशिकाओं की मरम्मत और हार्मोन संतुलन में मदद करती है। सुबह की धूप शरीर की जैविक घड़ी को संतुलित करती है, जिससे सेरोटोनिन और मेलाटोनिन का प्राकृतिक चक्र बेहतर होता है। ध्यान और श्वास-प्रश्वास की तकनीकें कॉर्टिसोल को कम कर सकती हैं और तनाव-नियंत्रण से जुड़े मस्तिष्कीय क्षेत्रों को अधिक प्रभावी बनाती हैं।
जिसके पास स्वास्थ्य है, उसके पास आशा है; और जिसके पास आशा है, उसके पास सब कुछ है।
#भरत_तिवारी की हत्या की सच्चाई आई सामने वायरल वीडियो मे दिख रहा है #हथियार_डालने_के_बाद_पुलिस_ने_किस_तरह_पकड़ा
भारत भूषण तिवारी के साथ चंदरोज पहले जो कुछ भी हुआ उसके लिए खुद को बलिदान देकर भ्रष्ट सिस्टम की बदलने की तैयारी 1.5 वर्ष पहले तय कर चुका था ।
मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है चाहे मंगल पांडे रहे हो चाहे भगत सिंह या चंद्रशेखर आजाद उनके खिलाफ भी देश के कुछ नालायक इसी तरह की वार्ता उस समय कर रहे थे जैसे कि आज भारत तिवारी को लेकर कर रहे हैं
इसमें दोहराएं नहीं है कि आज भी हमारे देश में #डेविड_हार्डीमेन जैसे लोगों की संख्या है
इस बात की सच्चाई #भारत_भूषण_तिवारी के 26 दिसंबर 2024 के फेसबुक पोस्ट में साफ दिख रही जो सोशल मीडिया पर वायरल भी है
26 दिसंबर 2024 के पोस्ट में भारत भूषण तिवारी ने पोस्ट में लिखा जब तक सत्य व धर्म के रास्तों ��र जबतक शांति के सारे रास्ते खत्म ना हो तब तक युद्ध के रास्ते टालते रहना चाहिए ।
आगे कुछ दिनों में बिहार के मुख्यमंत्री और भोजपुर प्रशासन को आने वाले युद्ध के लिए आगाह यानी वरनिंग दूंगा। क्योंकी युद्ध का पहला नियम है। निवेदन करें, विनाती करें अपने समाज के हक में मंगे तो यह मैने सभी नियम पूरे कर दिये हैं। आगे चालकर कोई यह नहीं बोल पाएगा की मैने उनसे ऐसा कुछ नहीं बोला।
दुसरा नियम युद्ध ना हो इ��के लिए आगे वाले को वरनिंग डे तकी वाह संभल सके
तीसरा नियम जब युद्ध के सिवा कोई विकल्प ना बचे तो रण भूमि में कूद जाए।
युद्ध कई प्रकार के होते हैं जिसके अंत में या तो आप बचते हैं या सामने वाला
लेकिन ऐसे युद्ध में मै किसी को मरऊंगा थोड़ी ना क्योंकी ये कोई आतंकवादई उग्रवादी देश विरोधी या आईएसआईइए संगठन के लोग थोड़ी ना है।
अपना पद छोड़ने के बाद यह लोग यह ��म नागरिक ही कहलाएंगे तो मेरी मजबूरी है की मैं एक आम नागरिक को किसी प्रकार की क्षती नहीं पहुंचा सकता। जब तक मेरे जान के ऊपर किसी भी प्रकार का हमला ना हो
तो इस युद्ध में मैं आगे वाले का नहीं बालकी #अपना_बलिदान दूंगा और वो बलिदान किस प्रकार का होगा। आपको जब मैं रणभूमि में खुद जाऊंगा तो बता दूंगा और ऐसा बलिदान दूंगा की यह केवल हमारे गांव और हमारे समाज के लिए नहीं अपितु पूरे, राज्य और पूरे देश के लिए सार्थक होगा। इससे एक ऐसी चिंगारी निकलेगी की हमारे प्योर देश में आग की तरह फैल कर ऐसे लापरवाह राजनीतिक नेताओं के साम्राज्य को भस्म कर देगी ।
ऐसे राजनेताओं को हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी और सीएम योगी जी से कुछ सिखाना चाहिए की देश को कैसे हर क्षेत्र में आगे लेकर चले। मतलब जब आप इस पोस्ट पढ़ते हैं तो आपको समझ में आता है की भारत भूषण तिवारी ने जो कुछ भी किया , हथियार डाला , समर्पण किया , #पहले_प���लिस_को_डराया_धमकाया_चिढ़ाया_��नको_अपने_आप_को_घेर_लेने_के_लिए_विवश_और_लाचार_किया
दरअसल इन सब की तैयारी वाह डेढ़ सल पहले कर चुका था। उसके दिमाग में कहीं ना कहीं यह घुस चुका था की ऐसे सिस्टम को बदलना हो और बदलने का मौजूदए तारिका कोई है नहीं , तो शायद मैं अगर खुद को बलिदान दे दूं
लोग कहते हैं कि भारत में फिर से चंद्रशेखर आजाद भगत सिंह की आवश्यकता है अब प्रश्न उठता है कि ऐसे भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के साथ कितने लोग खड़े हो रहे हैं
धन्यवाद
🚩 जय श्री कृष्ण! सनातन धर्म के सभी योद्धाओं का स्वागत है! 🚩मैं राजेश मणि त्रिपाठी, श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह कानूनी विवाद तथा पूजा के अधिकार को लेकर काशी विश्वनाथ मामले का का आधिकारिक पक्षकार (Litigant) और 'श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल' का राष्ट्रीय अध्यक्ष, आप सभी का इस डिजिटल मंच पर हृदय से अभिनंदन करता हू��।
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬🤝 सांस्कृतिक पुनरुत्थान की इस राष्ट्रीय और ऐतिहासिक लड़ाई में सीधे मुझसे जुड़ें! काशी से मथुरा तक चल रही अदालती लड़ाइयों के हर लाइव अपडेट और जमीनी संघर्ष की प्रामाणिक जानकारी सबसे पहले पाने के लिए हमारे इस 'श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल' ग्रुप को अभी जॉइन करें! 👇👉 [यहाँ क्लिक करके सीधे हमारे ग्रुप से जुड़ें - Link]▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬https://t.co/UYMd6S76d5
#ShriKrishnaJanmabhoomi #MathuraCase #RajeshManiTripathi #KashiVishwanath #GyanvapiCase #SupremeCourt #SanatanDharma #RightToWorship #JusticeForSanatan #HinduUnity #HarHarMahadev #JaiShreeKrishnaRadheRadhe
ऋण, अग्नि और शत्रु में से कुछ शेष रह जाए तो वह बारम्बार बढ़ता रहता है; इसलिए इनमें से किसी को शेष नहीं छोड़ना चाहिए।
If any part of a debt, fire, or an enemy is not extinguished, it keeps growing repeatedly; therefore, none of these should be left unextinguished.
#KaṇikaNīti
#रांची: आधार के लिए लगी मीलों लंबी कतार, जाम से हांफने लगी जनता!
एक ऐसी जमीनी हकीकत, जो व्यवस्था के दावों पर बड़े सवाल खड़े करती है। कांटाटोली स्थित मंगल टॉवर के बाहर का नजारा देखकर आप भी दंग रह जाएंगे! आधार कार्ड में नाम, पता और मोबाइल नंबर सुधरवाने जैसी बुनियादी चीजों के लिए जनता को किस कदर तड़पना पड़ रहा है
क्या है पूरा मामला?
कांटाटोली चौक तक पहुंची लाइन:
मंगल टॉवर के आधार केंद्र के बाहर देखते ही देखते लोगों की कतार इतनी लंबी हो गई कि वह कांटाटोली चौक तक पहुंच गई। इस भारी भीड़ के कारण सड़कों पर गाड़ियों का आना-जाना मुहाल हो गया और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
दूसरे राज्यों से भी पहुंचे लोग:
पूछने पर पता चला कि इस सेंटर पर सिर्फ रांची या झारखंड के लोग ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी लोग पहुंचे हुए हैं।
भोर से भूखे-प्यासे कतार में:ग्रामीण इलाकों से आए लोग भोर (सुबह-सुबह) में ही अपने घरों से निकल पड़े थे। इतनी दूर आने और घंटों लाइन में भूखे-प्यासे खड़े रहने के बाद भी वे कतार में बहुत पीछे हैं। अब लोगों को यह डर सता रहा है कि इतनी प्रताड़ना झेलने के बाद भी आज उनका काम हो पाएगा या नहीं।
सिस्टम पर बड़े सवाल:
सरकार हर दिन 'जनता दरबार' और प्रशासनिक सरलता की तारीफ करते नहीं थकती। लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर आधार कार्ड अपडेट करने जैसा छोटा सा काम प्रखंड (Block) स्तर पर ही सुचारू रूप से हो जाता, तो इन गरीब लोगों को इतनी दूर राजधानी रांची आने की क्या जरूरत थी?
प्रशासन और सरकार को इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और हर प्रखंड स्तर पर मजबूत आधार सेंटर खोलने चाहिए, ताकि आम जनता को इस तरह की प्रताड़ना न झेलनी पड़े।
@UIDAI@DC_Ranchi@mbhajantri
#Ranchi #Mangaltower #AadhaarUpdate
यदि बढ़ता हुआ ऋण रह जाए, तिरस्कृत शत्रु जीवित रहें और उपेक्षित रोग शेष रह जाए, तो ये सब तीव्र भय उत्पन्न करते हैं।
If mounting loan remains, a scorned enemy survives, and a neglected disease persists, then all of these cause intense risk.
#KaṇikaNīti
@anjanaomkashyap तुम जैसे गटर छाप, चापलूस गोदी मीडिया की विश्व रैंकिंग "157" है...😂😂
पत्रकारिता जब वैश्यावृति करने लगे और सरकार के साथ हमबिस्तर हो जाये तब सरकार आवारा हो जाती है और देश��ित, जनहित से जुड़े मुद्दे गौण हो जाते हैं.