*उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाफ एक और सिपाही ने बगावत का बिगुल बजा दिया है।*
बाराबंकी 10 बटालियन PAC में तैनात सिपाही देवेंद्र गुप्ता ने पुलिस विभाग व PAC केअंदर की कमियों को लेकर आवाज उठाई है और नाराजगी जताई है
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‘हमें ऐसी जगह रखते हैं, जहां जानवर भी न रहें। जो कुत्ता भी न खाए, ऐसा खाना दिया जाता है। टॉयलेट तक खुद साफ करने होते हैं।’
बाराबंकी में PAC बटालियन में तैनात जवान देवेंद्र गुप्ता यह सब कहते हुए परेशान हो जाते हैं। उनके अनुसार, कई बार ऐसी जगह भेजा जाता है, जहां साफ पानी तक नहीं मिलता। भीषण गर्मी में बिना बिजली रात गुजारनी पड़त�� है।
देवेंद्र का दावा है कि बदहाल बैरक, खराब खाना और छुट्टियां नहीं मिलने से सिर्फ वो ही नाराज नहीं हैं, PAC के ज्यादातर जवान परेशान हैं। लेकिन, कोई खुलकर बोल नहीं सकता है। हमने देवेंद्र से बात की। उन्होंने कई चीजें बताई। भास्कर पर देख व पढ़ सकते हैंः https://t.co/9TPi5GmcnK
इस पत्र के भीतर छिपी निरंकुशता से आप अधिकारियों की मानसिकता को समझ सकते हैं, ऐसी मानसिकता को हम लोग ज्यादा दिन तक बर्दाश्त नहीं कर सकते, यह आजाद भारत के अधिकारी हैं या गुलाम मानसिकता के अधिकारीl
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जनपद अलीगढ़ के कप्तान साहब को राजा वाली फीलिंग नहीं आ रही थी इसलिए सिपाही दीवान के OR के लिए सूती वर्दी और साफा की व्यवस्था की गई कि जिससे गुलाम की तरह दिखना चाहिए, जिसमें₹3500 का खर्चा भी अतिरिक्त सिपाहियों से कराया गया। @aligarhpolice@rangealigarh@adgzoneagra@dgpup
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"जितना गरीब उतना इज्जत" ✍🏻
जिसको राहुल गांधी ,कांग्रेस से इतना पैसा मिल जाएगा तो किसकी हिम्मत नहीं होगी अपने विरोधी पर झूठे , मनगढ़ंत आरोप लगाने का👇🏻
यही हुआ है उन्नाव प्रकरण में 💯
#UnnaoKaSach#ISupportKuldeepSengar
चक्रव्यूह रचो जितने चाहे, रण से मुंह ना मोड़ेंगे,
कलयुग के अभिमन्यु हैं, सारे चक्रव्यूह तोड़ेंगे✊
जनता सच के साथ है, जनता सेंगर के साथ है।
#UnnaoKaSach ⚠️
#ISupportKuldeepSengar
IAS बनना चाहती थी लेकिन पिता के सम्मान पर कालिख लगी तो एक बेटी ने काला कोट पहन लिया.
सेंगर दोषी करार हुए जब उम्रक़ैद हुई तो मुझे भी लगा था इंसाफ हो गया, सत्ता के रसूख ने घुटने टेक दिए। वो मामला था ही इतनी वीभत्स! इतना डरावना, इतना क्रूर! लेकिन 8 साल बाद दिल्ली हाईकोर्ट का फ़ैसला और फिर ‘सुप्रीम’ रोक…जब ऐश्वर्या सेंगर ANI को दिए अपने बयान में ये कहती हैं कि उन्हें “रेपिस्ट की बेटी” कहा गया, उनकी पहचान खो गई. जब वो डंके की चोट पर कहती हैं कि पीड़िता एक सबूत पेश नहीं कर सकती तो लगा कि मामले में कुछ तो अनकहा है! वरना एक बेटी कभी अपने रेपिस्ट बाप की पैरवी नहीं करती.
निठारी जैसा नृशंस कांड का आरोपी बरी हुआ तो दर्द नहीं हुआ लेकिन 8 साल बाद सेंगर को ज़मानत मिली तो इतना हल्ला क्यों हुआ?
जब इन सवाल��ं का जवाब खोजने माखी पहुँचे तो मालूम पड़ा कि कुलदीप सिंह सेंगर बस नाम नहीं है, बल्कि वो इंसान है जिसे जनता देवता मानती है। वहाँ की महिलाएँ आज भी उन्हें “विधायक जी” कहती हैं. 8 साल से जेल में बंद सेंगर के आवास पर ताला और सन्नाटा है और उनकी जनता की आँखों में आँसू! मुझे लगता था ��ि सेंगर बाहुबली है, सेंगर का लोगों में डर होगा लेकिन आज जब सेंगर का साम्राज्य ख़त्म हो चुका है, पैसा रसूख़ इज़्ज़त सब बर्बाद हो चुका है, तब भी उन्नाव की जनता ये मानने को तैयार नहीं है कि सेंगर रेपिस्ट है. कोर्ट कुछ भी फ़ैसला सुनाए, सेंगर को फाँसी ही क्यों न हो जाए, लेकिन जो हकीकत माखी जाकर महसूस की वो ताउम्र ये एहसास कराती रहेगी कि क्यों पत्रकारिता में एथिक्स जरुरी हैं, क्यों पत्रकारों को टीआरपी के लिए किसी निर्णय पर नहीं पहुँच जाना चाहिए, क्यों पत्रकारों को राजनीतिक दलों का हथियार बनकर किसी मामले में इतना तूल नहीं देना चाहिए कि किसी के साथ अन्याय हो जाए!
उन्नाव के माखी में साल 2017 में बहुत कुछ हुआ था, बस नहीं हुआ था कुछ तो वो रेप था! ये बात पूरी ज़िम्मेदारी के साथ मैं कह सकती हूँ कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद उन सभी पत्रकारों और राजनेताओं को माफ़ी माँगनी पड़ेगी जिन्होंने इस मामले को एकतरफ़ा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
#KuldeepSinghSengar #UnnaoCase #unnaocasefacts #justice
@iprachi_singh @SengarAishwarya @Sanjay_Dixit @JaipurDialogues @IshitaSengar @MrigendraSpeaks @Lawyer_Kalpana @DeepikaBhardwaj
@Sahasrabahu_ @barkhatrehan16
एक बार एक बड़े अफसर के यहाँ हम बैठे
थे, तभी उनका एक मातहत पत्नी की डिलीवरी के लिए छुट्टी का आवेदन लेकर आया।
साहब बोले कि “उसमें तुम्हारा क्या काम?? हमारे भी दो बच्चे हो चुके है, हमने तो छुट्टी नहीं ली। तुमलोग भी बस छुट्टी लेने का बहाना खोजते हो”
मैन��ुरी का विकास निर्मल #जालौन में @Uppolice में सिपाही है।कोतवाल साहब ने छुट्टी नहीं दी। बेचारे का परिवार जब उजड़ गया, पत्नी और बच्चे की मौत हो गई, तब कप्तान साहब ने विकास को 30 दिन की छुट्टी दी है।
ये हाल है…सिस्टम भावशून्य हो चुका है, संवेदनाएँ मर चुकी है…DG, ADG, IG किसी को भी टैग करने का कोई फ़ायदा नहीं क्योंकि हमाम में सब ….