बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने स���्ताह में दो दिन अवकाश की मांग को लेकर अगले तीन दिन हड़ताल की घोषणा की है।
मैंने कल इसी मुद्दे पर यह वीडियो बनाया था। कमेंट में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारियों ने अपनी परेशानी और काम के दबाव के बारे में लिखा।
वीडियो यहां भी लगा रहा हूं, ताकि उनकी बात सरकार और आम लोगों तक भी पहुंचे-और हम उस दबाव को भी समझें, जिसके बीच बैंक कर्मचारी हर दिन काम करते हैं।
इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने से लेकर सरकारी योजनाएं ग्राहक को टिकाने तक,
आज की डेट में बैंक कर्मचारियों पर इतना काम लादा हुआ है कि उनपर हुए सर्वे में ज्यादातर “हाई स्ट्रेस” में होने की बात बता रहे हैं।
जिन्हें काम देने में दो मिनट नहीं लगता उन्हें दो छुट्टी देने में धरती फट जा रही है
The ongoing violence against Hindus & other minorities in Bangladesh is deeply alarming. Lynching of Dipu Chandra Das show the growing vulnerability of minority communities amid unrest. I urge the all concerns to act urgently to ensure protection, justice, and accountability.
बांग्लादेश में क्रांति और छात्र आंदोलन का घिनौना सच सामने आ रहा है।
इस्लामिक जेहादी बांग्लादेश को मध्ययुगीन बर्बरता की ओर ढकेल रहे हैं।
कल ऐसी ही एक बर्बर घटना सामने आई, जब कट्टरपंथियों की भीड़ ने एक हिंदू युवक को निशाना बनाया। यह दर्दनाक घटना मयमनसिंह ज़िले के भालुका इलाके में हुई, जहां दीपु चंद्र दास नाम के एक फैक्ट्री मज़दूर को ईशनिंदा के कथित आरोप में कट्टरपंथी भीड़ ने पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी।
इसके बाद भी दंगाई भीड़ का मन नहीं भरा-शव को पेड़ से लटकाकर आग के हवाले कर दिया।
इस घटना का वीडियो इतना परेशान करने वाला है कि इसे शेयर नहीं किया जा सकता।
यह भयावह घटना बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर ��िंता को और बढ़ाने वाली है।
आज मैं अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदलकर #SaveAravalli अभियान का हिस्सा बन रहा हूँ। यह सिर्फ एक फोटो नहीं, एक विरोध है उस नई परिभाषा के खिलाफ जिसके तहत 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को 'अरावली' मानने से इंकार किया जा रहा है। मेरा आपसे अनुरोध है कि अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलकर इस अभियान से जुड़ें:
अरावली के संरक्षण को लेकर आए इन बदलावों ने उत्तर भारत के भविष्य पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह निर्णय हमारे अस्तित्व के लिए खतरनाक है क्योंकि:
1️⃣ मरुस्थल एवं लू के खिलाफ दीवार: अरावली कोई मामूली पहाड़ नहीं, बल्कि कुदरत की बनाई 'ग्रीन वॉल' (Green Wall) है। यह थार रेगिस्तान की रेत और गर्म हवाओं (लू) को दिल्ली, हरियाणा और यूपी के उपजाऊ मैदानों की ओर बढ़ने से रोकती है। अगर छोटी पहाड़ियाँ (Gaping Areas) खनन के लिए खुल गईं, तो रेगिस्तान हमारे दरवाज़े तक आ जाएगा और गर्म हवाएं तापमान को बढ़ा देंगी।
2️⃣ प्रदूषण से रक्षा: ये पहाड़ियाँ और यहाँ के जंगल NCR और आसपास के शहरों के 'फेफड़ों' (Lungs) की तरह काम करते हैं। ये धूल भरी आंधियों (Dust Storms) को रोकते हैं और जानलेवा प्रदूषण को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। दिल्ली और आसपास के इलाके में अरावली के बावजूद इतनी गंभीर स्थिति है तो अरावली के बिना कैसी स्थिति होगी, उसकी कल्पना करना भी वीभत्स है।
3️⃣ भूजल (Groundwater): अरावली हमारे लिए पानी का मुख्य रिचार्ज ज़ोन है। अरावली की चट्टानें बारिश के पानी को ज़मीन के भीतर भेजकर भूजल रिचार्ज करती हैं। अगर पहाड़ खत्म हुए, तो भविष्य में पीने के पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा,जिससे वन्यजीव लुप्त होने की कगार पर आ जाएंगे तथा इकोलॉजी को खतरा होगा।
वैज्ञानिक सच यह है कि अरावली एक निरंतर शृंखला (Continuous Chain) है। इसकी छोटी पहाड़ियाँ भी उतनी ही अहम हैं जितनी बड़ी चोटियाँ। अगर दीवार में एक भी ईंट कम हुई, तो सुरक्षा टूट जाएगी।
📢 हमारी अपील:
हम केंद्र सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन करते हैं कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस परिभाषा पर पुनर्विचार (Reconsider) करें। अरावली को 'फीते' या 'ऊंचाई' से नहीं, बल्कि इसके 'पर्यावरणीय योगदान' (Ecological Impact) से आंका जाए।
#SaveAravalli
अलौकिक श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्री राम परिवार के दर्शन का सुअवसर मिला। यह क्षण श्रद्धा और भक्ति से भावविभोर कर गया। प्रभु श्री राम, माता जानकी, शेषावतार लक्ष्मण जी और सकल परिवार का दिव्�� ये स्वरूप, भारत की चेतना की साक्षात प्रतिमूर्ति सा है। ये असंख्य रामभक्तों की तपस्या का प्रतिफल है। मेरी प्रार्थना है कि प्रभु श्री राम का दिव्य आशीष संपूर्ण भारतवासियों के जीवन को यश और कीर्ति दे।
अयोध्या के पावन धाम में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण समारोह का हिस्सा बनना मेरे लिए अत्यंत भावविभोर करने वाला अनुभव रहा। शुभ मुहूर्त में संपन्न हुआ यह अनुष्ठान हमारे सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता के नए अध्याय का उद्घोष है। राम मंदिर का गौरवशाली ध्वज, विकसित भारत के नवजागरण की संस्थापना है। ये ध्वज नीति और न्याय का प्रतीक हो, ये ध्व�� सुशासन से समृद्धि का पथ प्रदर्शक हो और ये ध्वज विकसित भारत की ऊर्जा बनकर इसी रूप में सदा आरोहित रहे.....भगवान श्री राम से यही कामना है। जय जय सियाराम।
मतलब, कितनी अजीब बात है!
लल्लनटॉप के पत्रकार @Abhinav_Pan ने रिपोर्ट किया कि मौनी अमावस्या के दिन झूसी इलाके में एक और भगदड़ मची थी. ऑन-कैमरा एक लड़की चश्मदीद के तौर पर बता रही है कि यह घटना घटी है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि JCB की मदद से चप्पलों और कपड़ों का ढेर हटाया जा रहा है. इस रिपोर्टिंग को कई लोगों ने सोशल मीडिया पर शेयर भी किया.
ऐसे में, प्रशासन की ज़िम्मेदारी थी कि यदि यह घटना सच में हुई, तो इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाती, और अगर ऐसी कोई घटना नहीं हुई, तो इसका आधिकारिक खंडन किया जाता. लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना के 40 घंटे बाद जब वही पत्रकार मेले के DIG, वैभव कृष्णा से इस बारे में पूछते हैं, तो उनका जवाब आता है—"हमें ऐसी कोई जानकारी नहीं है, हम जांच करेंगे और sequence of events को समझने का प्रयास करेंगे."
यहां दो बातें स्पष्ट होनी चाहिए—
सबसे पहले, इस तरह की घटनाएं होनी ही नहीं चाहिए. लेकिन यदि दुर्भाग्यवश कुछ घटित होता है, तो प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है कि सही जानकारी तुरंत सार्वजनिक की जाए, ताकि अफवाहों और असमंजस की स्थिति न बने.
कुंभ जैसे आयोजनों में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालना एक कठिन कार्य होता है.
इसमें कोई संदेह नहीं कि पुलिसकर्मी और प्रशासन के अधिकारी पूरी मेहनत कर रहे हैं ताकि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो. मगर इस तरह की घटनाओं पर समय रहते सही प्रतिक्रिया देना प्रशासनिक प्रबंधन का ही हिस्सा है.
जनता की आस्था और सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण हैं. प्रशासन की भूमिका सराहनीय है, लेकिन पारदर्शिता और तत्परता को और मजबूत करना ज़रूरी है, ताकि न केवल श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे, बल्कि अफवाहों को भी रोका जा सके.
All Eyes on Hindus of Bangladesh!!
बांग्लादेश में कट्टरपंथी सत्ता संरक्षित उग्र भीड़ द्वारा अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय के खिलाफ बड़े पैमाने पर लगातार लूटपाट और बर्बरता की जा रही है.
बांग्लादेश से आ रही सोशल मीडिया पर वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ लगातार नारे लगाते हुए हिंदुओं के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, और घरों को निशाना बना रही है.
हिंदुओं के पूजा स्थलों को अपवित्र करके उनकी आस्था को कुचला जा रहा है.
पुलिस हिन्दू संतों और कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे लगाकर उन्हें उल्टा प्रताड़ित कर रही है.
छात्र क्रांति के नाम पर इस्लामिक कट्टरपंथी तत्व वहां सत्ता पर काबिज हो गई है. जिसके निशाने पर शुरू से अल्पसंख्यक समुदाय था.
बांग्लादेश के हालात पर भारत सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है.
अगर अभी ध्यान नहीं दिया गया फिर बहुत देर हो जाएगी.
#SaveBangladeshiHindus
@SonuSood Hello brother please help
my friend Hanuman Poonia(26year old)
from Hanumangarh Rajasthan
Immediately required Amphotericin B
injections in SMS hospital jaipur
Attendent mob. 9587148000(Vinod
kukna)
@ashokgehlot51@Sachin Pilot
@RaghusharmalNC
@SonuSood