#Fact क्या आपको पता है? पहले आम चुनाव में लोकसभा की 497 तथा राज्य विधानसभाओं की 3,283 सीटों के लिए भारत के 17 करोड़ 32 लाख 12 हजार 343 मतदाताओं का पंजीयन हुआ था. #Verdict2019WithNews18
#Fact: भारत में करीब 43 करोड़ लोग स्मार्ट फोन इस्तेमाल करते हैं, 50 करोड़ इंटरनेट, 30 करोड़ फेसबुक, तीन करोड़ ट्विटर इस्तेमाल करते हैं. 20 करोड़ लोग व्हाट्सएप मैसेज करते हैं.
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#Fact: पहला चरण 11 अप्रैल और आखिरी 19 अप्रैल को था. लोकसभा के साथ कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव भी हुए. आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव 11 अप्रैल को हुआ. सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के चुनाव भी 11 अप्रैल को हुए. ओडिशा में चार चरणों में चुनाव हुआ.
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#Fact:1967 के चुनावों में इस चुनाव में जनसंघ की ताकत में भी इजाफा हुआ. उसने 249 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे जिनमें से 35 जीते. भाकपा को 23 और माकपा को 19 सीटों पर विजय मिली.
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#Fact:1967 के चुनावों में लोकसभा की कुल सीटें 494 से बढ़ाकर 520 कर दी गई थी. इस चुनाव मे 15 करोड़ 27 लाख लोगों ने मतदान किया था यानी मतदान का प्रतिशत करीब 61 रहा.
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#Fact: ये चुनाव इंदिरा गांधी की असरदार मौजूदगी वाला पहला आम चुनाव था. जिसमें इंदिरा गांधी की पूरी परीक्षा हुई. कांग्रेस को करारा झटका लगा. उसे स्पष्ट बहुमत तो मिल गया लेकिन पिछले चुनाव के मुकाबले लोकसभा में उसका संख्या बल काफी कम हो गया.
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#Fact: 1967 के आम चुनावों में ना तो जवाहर लाल नेहरू थे और ना ही लाल बहादुर शास्त्री. ये दोनों ही प्रधानमंत्री दिवंगत हो चुके थे.
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#Fact: 1962 के चुनावों में सबसे रोचक मुकाबला जवाहरलाल नेहरू के लोकसभा क्षेत्र फूलपुर में था. नेहरू को कुल एक लाख 18 हजार 931 वोट मिले जबकि डॉ. लोहिया को मात्र 54 हजार 360 वोट ही मिल पाए.
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#Fact: 1962 के चुनावों में सबसे रोचक मुकाबला जवाहरलाल नेहरू के लोकसभा क्षेत्र फूलपुर में था जहां उनके खिलाफ प्रख्यात समाजवादी डॉ. राममनोहर लोहिया चुनाव मैदान मे उतरे थे. लोहिया की करारी हार हुई.
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#NewsViews तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़घम (द्रमुक), ओडिशा में गणतंत्र परिषद, बिहार में झारखंड पार्टी, संयुक्त महाराष्ट्र समिति और महागुजरात परिषद जैसे क्षेत्रीय दलों का गठन इसी चुनाव में हुआ था.
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#Fact: 1962के चुनावों में भी कई दिग्गज चुनाव हार गए थे. डॉ. राममनोहर लोहिया, श्रीपाद अमृत डांगे, अटल बिहारी वाजपेयी, जेबी कृपलानी, जनसंघ के अध्यक्ष बलराज मधोक, कांग्रेस नेता ललित नारायण मिश्र, रामधन, बिहार के मुख्यमंत्री रहे अब्दुल गफूर- ये सबके सब हार गए.
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#Facts: दूसरे आम चुनाव की तरह इस बार भी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) रही. उसने 137 सीटों पर चुनाव लड़कर 29 पर जीत दर्ज की. तीसरे नंबर पर स्वतंत्र पार्टी रही, जिसे 18 सीटों पर जीत मिली.
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#Facts: 1962 के चुनावों में जनसंघ की सीटों में 1957 के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा का इजाफा हुआ. उसके 196 उम्मीदवारों में से 14 जीते पर 114 की जमानत भी जब्त हो गई.
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#News 11 करोड़ 99 लाख मतदाताओं यानी 55.42 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इस चुनाव पर सरकारी खजाने से कुल सात करोड़ 80 लाख रुपये खर्च हुए थे.
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