साल 2009 में जब यूपीए-2 की सरकार सत्ता में आई, तब गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में @narendramodi जी राष्ट्रीय राजनीति में तेजी से उभर र���े थे। गुजरात विकास की नई कहानी लिख रहा था। प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही थी, मैन्युफैक्चरिंग मजबूत हो रही थी, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार हो रहा था और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा था।
लेकिन सच कहूं तो मुझे मोदी जी की ओर केवल विकास ने आकर्षित नहीं किया था।
वह ऐसा समय था जब अपनी हिंदू पहचान को खुलकर स्वीकार करना कई लोगों के लिए असहज बना दिया गया था। "हिंदू आतंकवाद" जैसे शब्दों के माध्यम से करोड़ों हिंदुओं की आस्था को कटघरे में खड़ा किया जा रहा था। ऐसे समय में नरेंद्र मोदी जी बिना किसी झिझक के स्वयं को "हिंदू राष्ट्रवादी" कहते थे। एक ऐसी युवती के रूप में, जो अपने धर्म और संस्कृति में आस्था रखती थी, उनका यह आत्मविश्वास मुझे प्रेरित कर��ा था।
उस दौर में मीडिया के एक बड़े वर्ग और राजनीतिक विरोधियों द्वारा लगातार कहा जाता था कि मोदी जी कभी पूरे भारत को साथ लेकर नहीं चल पाएंगे, वे गठबंधन की सरकार नहीं चला सकते और कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। उनके खिलाफ तरह-तरह के प्रोपेगें��ा बनाए गए।
लेकिन लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है।
2014 आया, फिर 2019 और फिर 2024। हर चुनाव के साथ जनता का विश्वास और मजबूत होता गया।
जिनके बारे में कहा जाता था कि वे गठबंधन की राजनीति नहीं समझते, उन्होंने पूर्ण बहुमत होने के बावजूद अपने सहयोगी दलों को सम्मान दिया, उन्हें सरकार में भागीदारी दी और साथ लेकर चलने का प्रयास किया। जो कभी उनके कट्टर विरोधी थे, उनमें से कई आज उनके सहयोगी बन चुके ह��ं।
इन वर्षों में देश ने अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतरते देखा। उज्ज्वला योजना से महिलाओं को धुएं से राहत मिली, जनधन योजना ने करोड़ों गरीबों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा, गरीबों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था हुई, किसानों के लिए किसान सम्मान निधि आई और छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ने के अवसर मिले।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 4,399 दिनों तक लगातार देश की सेवा करने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए वे भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले जन-निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
यह केवल दिनों की गिनती नहीं है।
यह उस विश्वास की कहानी है, जो एक मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक की यात्रा में करोड़ों भारतीयों ने उनके प्रति व्यक्त किया है।
एक महिला होने के नाते, मैंने यह महसूस किया है कि जब नेतृत्व में दृढ़ता, स्पष्टता और सेवा का भाव होता है, तो जनता उसे बार-बार अपना आशीर्वाद देती है।
🇮🇳 जन-विश्वास का नया इतिहास!
कुछ नेताओं को इतिहास याद रखता है, लेकिन कुछ नेता इतिहास बना जाते हैं।
#LongestServingElectedPMModi #PMModi #NarendraModi #ViksitBharat #NewIndia
माननीय @uptransportdept एवं @UPGovt, दिनांक 01/06/2026 को शाम लगभग 05:45 बजे बस संख्या UP78JT7362 (हरिद्वार से मेरठ) को दीपमाला ढाबा(मुज़फ्फरनगर) पर रोका गया। वहां कई दुकानों पर वास्तविक संचालक/स्वामी की पहचान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं थी।
@muzafarnagarpol@DmMuzaffarnagar
माननीय @uptransportdept एवं @UPGovt, दिनांक 01/06/2026 को शाम लगभग 05:45 बजे बस संख्या UP78JT7362 (हरिद्वार से मेरठ) को दीपमाला ढाबा(मुज़फ्फरनगर) पर रोका गया। वहां कई दुकानों पर वास्तविक संचालक/स्वामी की पहचान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं थी।
@muzafarnagarpol@DmMuzaffarnagar
एक प्रतिष्ठान के नाम और उसके डिजिटल भुगतान (QR) विवरण में भी अंतर दिखाई दिया, जिससे दुकानों की वास्तविक पहचान एवं स्वामित्व को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। साथ ही, फोटो लेने का प्रयास करने पर कुछ व्यक्तियों द्वारा तस्वीरें डिलीट कराने का दबाव बनाया गया।
@Uppolice
भाजपा कार्यकर्ताओं के मजबूत स्तंभ, अमेठी की राजनीति के चर्चित चेहरे, बाल स्वयंसेवक एवं चीन में स्टील के प्रसिद्ध व्यापारी श्री @alok_griffin जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! 🎉🍻
27 साल तक दिल्ली में भाजपा सत्ता से बाहर रही। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी ।
फिर @Virend_Sachdeva जी को दिल्ली भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने मंडल से ल���कर प्रदेश तक नई और युवा टीम तैयार की, कार्यकर्ताओं को निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया।
केजरीवाल की झूठ और धोखे की राजनीति को जनता के सामने बेनकाब किया गया। उसी मेहनत का परिणाम था कि 27 साल बाद भाजपा ने दिल्ली में ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
मंगोलपुरी और त्रिलोकपुरी जैसी सीटें भी भाजपा ने जीतीं, जहां कभी खाता तक नहीं खुलता था।
सचदेवा जी का कार्यकाल दिल्ली भाजपा के स्वर्णिम काल के रूप में याद किया जाएग��।
कल KVIC के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल जी (@manojgoelbjp) से मिलने का सौभाग्य मिला। उन्होंने बताया कि खादी केवल कपड़ों और स्टोर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि @kvicindia गांवों में उद्योग, रोजगार, लोन, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने क�� बड़ा माध्यम है।
#Khadi #KVIC
Had the opportunity to attend the Leadership Dialogue on NewAge Commerce organized by @spmrfoundation. Insightful discussions on India’s evolving e-commerce ecosystem, trust, and digital growth. Honoured to witness the keynote address by Union Minister Shri @JitinPrasada Ji.
It was a privilege to meet BJP Rajya Sabha MP Shri @drlaxmanbjp Ji and discuss BJP’s vision, South India strategy, grassroots expansion, and the role of social media narratives in political communication. Truly an insightful interaction.
Watched #AakhriSawal today with friends who put the nation above everything. Goosebumps throughout.
A film that makes you think, feel proud, and reflect on your responsibility towards the country. Brilliant screen presence by #SanjayDutt and a powerful impact by #NikhilNanda.
मूवी #AakhriSawal में उन विषयों को खुलकर दिखाया गया है जिन पर वर्षों से एक खास नैरेटिव बनाया जाता रहा है। चाहे RSS को लेकर चर्चा हो, “माफ़ीवीर” जैसी व्यंग्यात्मक बातें हों या बाबरी विवाद—हर पहलू को एक अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है।
#NikhilNanda
लेफ्ट ने वर्षों से RSS की विचारधारा, “माफीवीर”, बाबरी ढांचा और संघ के सेवा कार्यों को लेकर जो राष्ट्रविरोधी नैरेटिव गढ़े थे, वे नैरेटिव #AakhriSawal मूवी देखकर काफी हद तक टूटते नजर आते हैं।
सच क्या है और वर्षों से क्या परोसा गया... इस फिल्म में वह दिखाया गया है।
#NikhilNanda
Watched #AakhriSawal and the film really challenges many long-standing narratives.
From RSS to Babri and the “Maafiveer” debate, it presents a very different perspective. Definitely thought-provoking.
#NikhilNanda
Watched #AakhriSawal and the film really challenges many long-standing narratives.
From RSS to Babri and the “Maafiveer” debate, it presents a very different perspective. Definitely thought-provoking.
#NikhilNanda
2009 में भाजपा बुरी तरह हार गई और कांग्रेस ने इस हार का फायदा उठाकर हिंदुओं को ही आतंकवादी घोषित करने की कोशिश शुरू कर दी। उन्हीं दिनों तमिलनाडु में दिवाली के समय शंकराचार्य जी को जेल में डाल दिया गया। RSS और हिंदू संगठनों पर आतंकवाद का ठप्पा लगाने की कोशिश हुई। दूसरी तरफ गुजरात में जो कुछ हो रहा था, उसने पूरे देश को हैरान कर दिया था। तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री श्री @narendramodi जी पर लगातार फर्जी केस लगाए गए, और श्री @AmitShah जी को फर्जी केसों में फंसाकर गुजरात से बाहर कर दिया गया। उस समय CBI, ED और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके नरेंद्र मोदी को घेरने की पूरी कोशिश की गई।
लेकिन नरेंद्र मोदी जी को लोकतंत्र और जनता पर पूरा भरोसा था। वह बार-बार कहते थे कि जनता ही सबसे बड़ा न्याय करेगी। उसी समय देश में एक के बाद एक बड़े भ्रष्टाचार सामने आ रहे थे। 2G घोटाला, कोयला घोटाला, कॉमनवेल्थ घोटाला, आदर्श घोटाला और बैंक घोटालों ने देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया था। जनता के अंदर गुस्सा बढ़ता जा रहा था।
फिर आया सितंबर 2013, जब भाजपा ने नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया। उसके बाद जो माहौल बना, वह किसी सुनामी से कम नहीं था। पूरे देश में मोदी लहर चल पड़��। 2014 के चुनाव में भाजपा ने 282 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। यह पहली बार था जब कोई गैर-कांग्रेसी पार्टी अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बना पाई। कांग्रेस की हालत इतनी खराब हो गई कि वह विपक्ष का नेता तक नहीं बना सकी।
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी जी ने गरीबों, महिलाओं और किसानों और आम लोगों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। उज्ज्वला योजना, गरीबों को मुफ्त राशन, किसानों के लिए योजनाएं, फसल बीमा, स्���ार्टअप इंडिया, जनधन योजना जैसी कई पहलें शुरू हुईं। भाजपा की ज्यादातर योजनाओं का केंद्र गरीब और मध्यम वर्ग था। धीरे-धीरे भारत फिर दुनिया की मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाने लगा।
मैं खुद 2012 में भाजपा की युवा मोर्चा की कार्यकर्ता बनी थी और संगठन के आदेश पर दिल्ली व आसपास के इलाकों में भाजपा के लिए प्रचार करती थी। जब 16 मई 2014 को चुनाव परिणाम आए, तो हम सबने मिलकर जबरदस्त जश्न मनाया। हमें खुद यकीन नहीं हो रहा था कि भाजपा इतनी बड़ी जीत हासिल करेगी और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। आज भी वह दिन याद आता है तो ऐसा लगता है जैसे वह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं थी, बल्कि करोड़ों कार्यकर्ताओं के वर्षों के संघर्ष और विश्वास की जीत थी। उस दिन जो खुशी और उत्साह था, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।