Official handle of Ajmer Range Police, #Rajasthan. Our motto ~ सेवार्थ कटिबद्धता (Committed to Serve). Use @RajPoliceHelp to report crime. For Emergency 100/112
सावधान! फर्जी लॉटरी स्कैम के झांसे में न आयें।
आजकल साइबर अपराधी आपको SMS, WhatsApp या Email पर बड़ी लॉटरी या इनाम जीतने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं।
खुद को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:-
आपकी सुरक्षा, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता और जिम्मेदारी!
राजस्थान पुलिस द्वारा प्रदेशभर में विशेष यातायात अभियान चलाया जा रहा है। 2 जुलाई से 16 जुलाई 2026 तक।अब दुपहिया वाहन चालक के साथ-साथ पीछे बैठने वाले (पिलियन राइडर) के लिए भी हेलमेट अनिवार्यl
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भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं का स्वागत!
राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में राजस्थान पुलिस सेवा (R.P.S.) के 55 नव-नियुक्त अधिकारियों के 45 सप्ताह के आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ।
श्री राजीव कुमार शर्मा, महानिदेशक पुलिस, राजस्थान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर युवा अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा और सेवा का मंत्र दिया।
श्री संजीब कुमार नार्जारी, आर.पी.ए. निदेशक के अनुसार, यह प्रशिक्षण BPR&D के मॉडल पाठ्यक्रम पर आधारित है।
श्री अनिल पालीवाल, डी.जी. पुलिस (प्रशिक्षण) के अनुसार अधिकारियों को नए दौर के अपराधों से निपटने, साइबर सुरक्षा और त्वरित निर्णय लेने के लिए प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जायेगा।
इन 45 हफ्तों में अधिकारियों को केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि जन-केंद्रित पुलिसिंग, नवीन तकनीक, साइबर क्राइम, साइबर सिक्योरिटी इत्यादि का भी ज्ञान एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
पुलिस आपकी मित्र और रक्षक है।
इसी भावना को ध्यान में रखते हुए भावी आर.पी.एस. अधिकारियों की नींव तैयार की जाएगी।
@RajCMO@DIPRRajasthan@Rajeev_ips@svoruganti1466@AnilPaliwalips
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विशेष यातायात अभियान के चार दिनों में 78 हजार से अधिक चालकों पर कार्रवाई
• बिना हेलमेट, तेज रफ्तार, अवैध पार्किंग और लेन अनुशासन तोड़ने वालों पर राजस्थान पुलिस की सख्ती जारी
• 16 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान : डॉ. बी.एल. मीणा
जयपुर, 06 जुलाई। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार तथा महानिदेशक पुलिस (यातायात) श्री अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में राज्यभर में 2 जुलाई से 16 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे विशेष यातायात अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सघन प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी.एल. मीणा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, हेलमेट के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
डॉ. मीणा ने बताया कि 2 जुलाई से 5 जुलाई 2026 तक अभियान के प्रथम चार दिनों में राज्यभर में 78,053 चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। इनमें 33,690 बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले, 20,145 तेज गति से वाहन चलाने वाले, 12,390 राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित अन्य सड़कों पर अवैध पार्किंग करने वाले तथा 11,828 राष्ट्रीय राजमार्गों के छह लेन एवं एक्सप्रेस-वे पर लेन अनुशासन का उल्लंघन करने वाले वाहन चालक शामिल हैं।
रविवार को प्रवर्तन की 19,427 कार्रवाई:
उन्होंने बताया कि 5 जुलाई 2026 को भी अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहा। इस दिन राज्यभर में कुल 19,427 प्रवर्तन कार्रवाई की गई, जिनमें 8,220 बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले, 5,196 तेज गति से वाहन चलाने वाले, 3,199 अवैध पार्किंग करने वाले तथा 2,812 राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एक्सप्रेस-वे पर लेन सिस्टम का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी.एल. मीणा ने कहा कि विशेष अभियान 16 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में लगातार जारी रहेगा। जिला पुलिस एवं यातायात पुलिस को नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के साथ-साथ आमजन को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे स्वयं तथा सहयात्री दोनों के लिए आईएसआई मार्क हेलमेट का उपयोग करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क पर अवैध पार्किंग से बचें तथा राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एक्सप्रेस-वे पर लेन अनुशासन का पालन करते हुए सुरक्षित यात्रा करें।
@RajCMO@AnilPaliwalips@svoruganti1466@Rajeev_ips
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बदलती चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखें, तकनीक आधारित पुलिसिंग अपनाएं : डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा
• राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए पाँच दिवसीय मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम का शुभारम्भ, 48 आरपीएस अधिकारी ले रहे हैं प्रशिक्षण
जयपुर, 06 जुलाई। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिसिंग की चुनौतियाँ तेजी से बदल रही हैं। साइबर अपराध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीकों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को निरंतर अपने ज्ञान, कौशल और तकनीकी दक्षता को अद्यतन रखना होगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और मजबूत अभियोजन ही आधुनिक पुलिसिंग की सफलता का आधार है।
महानिदेशक पुलिस श्री शर्मा इंटेलीजेंस ट्रेनिंग अकादमी, जयपुर में राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए आयोजित पाँच दिवसीय मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP) के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों एवं इकाइयों से आए 48 राजस्थान पुलिस सेवा अधिकारियों ने भाग लिया।
अपने उद्बोधन में डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि अनुसंधान के दौरान प्रत्येक तथ्य का गहन विश्लेषण करें, तकनीकी संसाधनों एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करें तथा पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग, संगठित पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने तथा न्यायालयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष बल दिया।
उन्होंने अधिकारियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने, नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने तथा नवीनतम कानूनी एवं तकनीकी परिवर्तनों से लगातार अपडेट रहने की सलाह दी। साथ ही आईसीजेएस (Inter-Operable Criminal Justice System) सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इससे अपराध अनुसंधान अधिक गुणवत्तापूर्ण, वैज्ञानिक और त्वरित बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत में निदेशक, इंटेलीजेंस ट्रेनिंग अकादमी श्री प्रदीप मोहन शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके बाद महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एवं यातायात श्री पालीवाल ने अधिकारियों को सतत अध्ययन, आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग और व्यावसायिक दक्षता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण एवं यातायात) श्री अनिल पालीवाल, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण) श्री एच.जी. राघवेन्द्र सुहास, उप महानिरीक्षक पुलिस एवं निदेशक, इंटेलीजेंस ट्रेनिंग अकादमी श्री प्रदीप मोहन शर्मा सहित अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी अधिकारियों को साइबर अपराध, आधुनिक अनुसंधान तकनीक, डिजिटल साक्ष्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, न्यायिक दृष्टिकोण, राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी नवाचार तथा समकालीन पुलिसिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण) श्री एच.जी. राघवेन्द्र सुहास ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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खाकी की आन-बान-शान, संवेदनशीलता की जीवंत मिसाल!
श्री राजीव कुमार शर्मा, महानिदेशक पुलिस, राजस्थान के सफल 1 वर्ष का शानदार कार्यकाल पूर्ण होने पर कोटिशः बधाई।
आपके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में पुलिस विभाग ने नई ऊंचाइयों को छुआ है साथ ही पुलिस परिवार में सामंजस्य, सौहार्द एवं नई चेतना का संचार किया है।
आपकी बेदाग छवि और न्यायप्रिय सोच ने न केवल अपराधियों के हौसले पस्त किए है, बल्कि नवीन कानूनों के तहत अपराध पर नियंत्रण की कार्यशैली को और मजबूत किया है। साथ ही राजस्थान के हर नागरिक के दिल में खाकी के प्रति अटूट सम्मान और सुरक्षा का गहरा अहसास भी जगाया है।
दिन हो या रात, धूप हो या बरसात... जब आप जैसे दूरदर्शी मार्गदर्शक का हाथ हमारे साथ हो, तो राजस्थान पुलिस का हर जवान अपनी जान हथेली पर रखकर जनता की सेवा में तत्पर रहता है। सर, हमें गर्व है आपके नेतृत्व पर!
खाकी सिर्फ एक वर्दी नहीं, आम नागरिक का सुरक्षा कवच है, उसकी आस है। आइए, अफवाहों व अपराधों को मिटाएं और राजस्थान को देश का सबसे सुरक्षित प्रदेश बनाएं।
आपके उज्ज्वल भविष्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना करते हुए, हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके सक्षम नेतृत्व में राजस्थान पुलिस विभाग कर्तव्यनिष्ठा के सभी आयामों में निरंतर प्रगतिशील रहेगा और सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
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"वर्दी का वादा: संकट में परिवार के साथ खड़ी रहेगी पुलिस"
सवाईमाधोपुर एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी की पहल पर शुरू हुआ 'अक्षय फंड'
पुलिसकर्मी के आकस्मिक निधन पर परिजनों को तत्काल ₹3 लाख की सहायता
जयपुर, 30 जून। पुलिस की वर्दी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रतीक नहीं है, बल्कि उसके पीछे ऐसे हजारों परिवारों का विश्वास, त्याग और धैर्य भी जुड़ा होता है, जो हर दिन अपने प्रियजन को समाज की सुरक्षा के लिए समर्पित करते हैं। ऐसे में यदि किसी पुलिसकर्मी के साथ कोई अप्रत्याशित घटना घट जाए तो सबसे बड़ा आघात उसके परिवार पर पड़ता है। इसी मानवीय संवेदना को केंद्र में रखते हुए सवाई माधोपुर की पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी ने पुलिस कल्याण की दिशा में एक ऐसी पहल की है, जो संवेदनशील पुलिसिंग का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है। उनके नेतृत्व में शुरू किया गया 'अक्षय फंड' अब संकट की घड़ी में पुलिस परिवारों के लिए एक मजबूत आर्थिक संबल बनेगा।
एक संवेदनशील सोच से मिली नई शुरुआत:
पुलिस संगठन अपने कर्मियों को केवल सहकर्मी नहीं, बल्कि एक परिवार मानता है। इसी भावना को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से 'अक्षय फंड' की स्थापना की गई है। यह पहल इस विश्वास को मजबूत करती है कि पुलिसकर्मी चाहे किसी भी परिस्थिति में हों, उनका परिवार कभी अकेला नहीं रहेगा।
कांस्टेबल कुंजीलाल की स्मृति से जन्मी पहल:
एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि हाल ही में सवाई माधोपुर पुलिस लाइन में कार्यरत कांस्टेबल श्री कुंजीलाल के आकस्मिक निधन ने पूरे पुलिस परिवार को भावुक कर दिया। इस घटना ने यह आवश्यकता महसूस कराई कि ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक स्थायी और व्यवस्थित व्यवस्था होनी चाहिए। इसी विचार ने 'अक्षय फंड' का स्वरूप लिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में लगभग 1400 पुलिसकर्मी कार्यरत है और अनुमानत: 16 लाख रुपया इस फंड में एकत्र हो सकता है।
साथियों के सहयोग से तैयार होगा सुरक्षा कवच:
एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी की पहल पर सवाई माधोपुर जिला पुलिस के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के एक दिन के वेतन के स्वैच्छिक अंशदान से इस फंड का गठन किया जाएगा। यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि अपने साथी और उसके परिवार के प्रति अपनत्व, उत्तरदायित्व और एकजुटता का जीवंत उदाहरण है।
संकट की घड़ी में मिलेगा तत्काल सहारा:
'अक्षय फंड' के माध्यम से यदि किसी पुलिसकर्मी का आकस्मिक निधन होता है, तो उसके परिजनों को ₹3 लाख की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। यह सहायता शोकाकुल परिवार को कठिन समय में प्रारंभिक आर्थिक राहत प्रदान करेगी और उन्हें यह भरोसा दिलाएगी कि उनका पुलिस परिवार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है।
आत्मनिर्भर व्यवस्था, दीर्घकालिक सुरक्षा:
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यावहारिक और आत्मनिर्भर कार्यप्रणाली है। फंड बनने के बाद जब तक उसकी राशि सहायता के रूप में उपयोग नहीं हो जाती, तब तक किसी भी कार्मिक के वेतन से पुनः कटौती नहीं की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ही पुनः एक दिन के वेतन का स्वैच्छिक अंशदान लिया जाएगा। इससे योजना निरंतर चलती रहेगी और कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी नहीं पड़ेगा।
पुलिस परिवारों में बढ़ेगा विश्वास और मनोबल:
यह पहल केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस संगठन के भीतर विश्वास, आत्मीयता और पारिवारिक भावना को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। इससे प्रत्येक पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन और अधिक निश्चिंत होकर कर सकेगा, क्योंकि उसे यह विश्वास रहेगा कि विपरीत परिस्थितियों में उसका परिवार अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
संवेदना, सहयोग और सामाजिक सुरक्षा का संगम:
'अक्षय फंड' पुलिस संगठन की उस कार्यसंस्कृति का परिचायक है, जहाँ संवेदना और सहयोग केवल शब्द नहीं, बल्कि व्यवहार का हिस्सा हैं। यह पहल पुलिस कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और मानवीय मूल्यों का ऐसा संगम है, जो संगठन के भीतर आत्मविश्वास और पारस्परिक विश्वास को और अधिक मजबूत करेगा।
प्रदेशभर के लिए बन सकता है अनुकरणीय मॉडल:
एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी की यह अभिनव पहल पुलिस महकमे में व्यापक सराहना का विषय बनी हुई है। यह केवल सवाई माधोपुर जिला पुलिस का कल्याणकारी प्रयास नहीं, बल्कि ऐसा मॉडल है जिसे भविष्य में राजस्थान के अन्य जिलों में भी अपनाया जा सकता है। यह पहल इस संदेश को सशक्त करती है कि खाकी केवल कानून की संरक्षक नहीं, बल्कि अपने परिवार की संवेदनाओं की भी सच्ची प्रहरी है।
@RajCMO@SPsawaimadhopur
#RajasthanPolice #SawaiMadhopurPolice #AkshayFund #PoliceWelfare #KhakiFamily
आपकी सुरक्षा, हमारी प्रतिबद्धता!
मानसून सत्र 2026 में तेज़ बारिश, बाढ़ व जलभराव जैसी हर परिस्थिति से निपटने के लिए एस.डी.आर.एफ. राजस्थान पूरी तरह मुस्तैद है।
आपदा संभावित 35 जिलों में हमारी 70 अत्याधुनिक रेस्क्यू टीमें तैनात हैं।
कहीं अनजाने में आप अपराध के भागीदार तो नहीं बन रहे?
सावधान! चोरी का मोबाइल खरीदना, सीधे तौर पर अपराध को बढ़ावा देना है।
पुराना मोबाइल खरीदते समय सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है। चोरी का मोबाइल खरीदना व बेचना कानूनी अपराध है।
अपने मोबाइल से *#06# डायल कर IMEI नंबर प्राप्त करें।
आपकी सुरक्षा, हमारी प्रतिबद्धता!
मानसून सत्र 2026 में तेज़ बारिश, बाढ़ व जलभराव जैसी हर परिस्थिति से निपटने के लिए एस.डी.आर.एफ. राजस्थान पूरी तरह मुस्तैद है।
आपदा संभावित 35 जिलों में हमारी 70 अत्याधुनिक रेस्क्यू टीमें तैनात हैं।
आपात की स्थिति में तुरंत नियंत्रण कक्ष 0141-2759903, 8764873114 से संपर्क करें।
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