@AKFansGroup I want to ask Akshay kumar's fans, who question/troll him for making remake films. That remakes don't work.
Is Drishyam 3 a remake or not? Which broke opening day records.
सरकार झूठी शिकायत, झूठी FIR, झूठी जाँच, झूठी गवाही, झूठी वसीयत, झूठी विरासत और झूठा हलफनामा को जघन्य अपराध क्यों नहीं घोषित कर रही है?
सरकार चीटिंग, फ्रॉड, फोर्जरी, पर्जरी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज के खिलाफ SC-ST ऐक्ट जैसा कानून क्यों नहीं बना रही है?
@narendramodi@AmitShah
42 सांसद, 8 मंत्री…फिर भी बिहार खाली हाथ क्यों?: NASA ने बाढ़ को विकराल बताया, केंद्र से फूटी कौड़ी नहीं; ‘पाली’ का सेंटर भी ओडिशा गया
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-https://t.co/o4nFl9rRQJ
#GandakFlood#BiharFlood#NepalRain#GandakRiver#BiharFlood2025 #FloodAlert #HeavyRain #NepalFlood #BiharNews
नेटवर्क समस्या की शिकायत के बाद भी @airtelindia@Airtel_Presence नेटवर्क की प्रॉब्लम को दूर नही करते सिर्फ मैसेज करके बोलते हैं हमारी टीम जल्दी ही इस समस्या का समाधान करेगी !
अब सोशल मीडिया पर एक कैम्पेन चलाया जा रहा है घटिया नेटवर्क की वजह से मैं अपनी Airtel Sim Port करा रहा हूँ !
जिस जिस को नेटवर्क में समस्या है वो अपनी सिम पोर्ट करा�� ताकि एयरटेल को पता चले कि घटिया सर्विस देने का परिणाम क्या होता है, रिचार्ज का पैसा पूरा लेते हो तो सर्विस पूरी दो !
#Port_AirTel_Sim #Poor_AirTel_Network #BoycottAirTel
The way that man lifted her, he wanted to rape her. All these men HAVE a rapist mentality, they are just looking for an opportunity to commit and a reason to justify raping.
तुकाराम मुंढे बोले-अस्पताल में ₹11 के प्रोडक्ट की कीमत ₹325: ₹6.75 की सिरिंज पर MRP ₹57.20; मार्जिन पर सवाल उठाए
https://t.co/nKLR941YBM
#Maharashtra#FDA#TukaramMundhe#HindiNews
2000 से ऊपर की UPI पेमेंट अब टैक्स के दायरे में आ गई है।
दुकानदार तो हर चीज ग्राहक पर डाल देता है। बोल देगा कि इससे ज्यादा पेमेंट अगर ऑनलाइन देनी है तो टैक्स के साथ दीजिये। हमें भी आगे सरकार को टैक्स देना होता है।
@satishacharya ये बैंक हमारे सिबिल स्कोर खराब कर देते हैँ अगर एक भी पेमेंट किसी वजह से late हुआ।
क्या इन बैंको का स्कोर पब्लिक के हाथ मे नहीं होना चाहिए की अगर ये खराब सर्विस दे तो इनका भी स्कोर खराब होना चाहिए?
नई दिल्ली | हैरान करने वाला मामला। 22 हजार करोड़ का लोन। सेटलमेंट सिर्फ़ 6.5 करोड़ में। ₹22,006 करोड़ का दावा... भुगतान सिर्फ ₹6.5 करोड़! सुभाष चं��्रा के मामले में 99.97% का ‘हेयरकट’। देश की insolvency व्यवस्था से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Zee Group के संस्थापक सुभाष चंद्रा के खिलाफ लेनदारों के करीब ₹22,006.57 करोड़ के admitted claims हैं, लेकिन मंजूर repayment plan में कुल भुगतान महज ₹6.5 करोड़ का है।
यानी लेनदारों की रिकवरी करीब 0.03% और कथित तौर पर 99.97% का haircut।
NCLT के Judicial Member नीलेश शर्मा ने IBC की धारा 114 के तहत repayment plan को मंजूरी दी। प्रस्ताव में ₹6.25 करोड़ creditors के लिए और ₹25 लाख process cost के लिए रखे गए हैं।
मामले की गंभीरता का अंदाजा LIC Housing Finance के आंकड़े से लगाया जा सकता है। उसका admitted claim करीब ₹1,322.39 करोड़ है, जबकि repayment plan में उसे लगभग ₹38.09 लाख मिलने की बात है। यानी करीब 0.028% की recovery।
कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने इस repayment plan का विरोध किया था। लेकिन योजना को creditors के 80.81% voting share का समर्थन मिला। NCLT ने कहा कि वह creditors की commercial wisdom की जगह अपना फैसला नहीं रख सकता।
₹22,006 करोड़ → ₹6.5 करोड़
यही इस पूरी कहानी का सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि ₹22 हजार करोड़ से अधिक के admitted claims वाले मामले में सिर्फ ₹6.5 करोड़ की repayment तक स्थिति आखिर पहुंची कैसे? और 99.97% haircut का वास्तविक आर्थिक बोझ कौन उठाएगा।
@FinMinIndia @IncomeTaxIndia @LICIndiaForever @MCA21India @subhashchandra @TheOfficialSBI @EsselGroup_
@flipkartsupport मैंने 8 अगस्त को मॉनिटर आर्डर किया था जिसका डिलीवरी 16अगस्त तक होना था। जो अब तक डिलीवर नहीं हुआ रोज़ नया date अपडेट कर देते हैँ। Help सेंटर मे सिर्फ आटोमेटेड ���ंसर फिक्स्ड है कोई call नहीं कर सकते कोई chat एजेंट नहीं है। चल क्या रहा है?