BJP और चुनाव आयोग ने मिलकर लोगों से उनका सबसे मौलिक अधिकार छीना है
जो अधिकार देश का संविधान उन्हें देता है
अपनी सरकार चुनने का हक
यह लोकतंत्र की दिनदहाड़े हत्या है
वो अधिकारी जो BJP के समर्पित इलेक्शन एजेंट बने हुए हैं - याद रखें सब याद रखा जाएगा - हिसाब होगा
The BJP-ECI’s lies are now hanging like an albatross around their neck.
Nearly 2 crore voters have been excluded from Maharashtra’s electoral roll under SIR.
The @ECISVEEP itself had acknowledged that nearly 40 lakh electors were added in just five months between the 2024 Lok Sabha and Assembly elections.
@RahulGandhi and the Congress flagged this abnormal increase at the time. But the BJP and ECI dismissed our concerns and expressed complete confidence in the voter list.
Now two years later, given the large number of deletions in the SIR, the BJP-ECI duo has stripped its own lies naked before the country.
Crucial questions arise:
❓If the voter list was impeccable just two years ago, why are nearly 2 crore voters being excluded now?
❓If it wasn’t beyond reproach, why did the BJP-ECI insist so confidently that it was?
❓And what does this faulty voter list from two years ago say about the legitimacy of Devendra Fadnavis as Chief Minister and the BJP as Maharashtra’s ruling party?
The writing is on the wall:
▪️Vote chori is real.
▪️Rigged elections are real.
▪️Imposed governments are real.
वोटों की चोरी कर, भारतीय लोकतंत्र को खोखला करने का भाजपाई षड्यंत्र खुलकर सामने आ रहा है।
जहाँ भाजपा को सुविधा होती मतदाता जोड़े जाते हैं, जहाँ असुविधा होती है वहाँ वोटों को काटकर 'वोट चोरी' की जाती है।
चुनाव आयोग, निष्पक्ष चुनावों का प्रहरी बनने के बजाय, "भाजपा की कुर्सी बचाओ आयोग" की तरह काम कर रहा है।
▪️महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख मतदाता बढ़े। अब SIR में 2.07 करोड़ मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं।
▪️बंगाल में SIR में काटे गए नामों में से 91% अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। सवाल है, चुनाव के समय ये मतदाता क्या भाजपा को जिताने के लिए हटाए गए थे?
▪️अब यही खेल दिल्ली में दोहराया जा रहा है। विधानसभा चुनाव के पहले मतदाता बढ़ाये गए, फ़िर 47.56 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से गायब हैं और 33 लाख अन्य मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी है।
▪️तेलंगाना में, कर्णाटक में इसी तरह की चालबाज़ी का सामना कांग्रेस के कार्यकर्त्ता रोज़ाना कर रहें हैं।
वोट चोरी के ख़िलाफ़ देश अब एकजुट हो रहा है,
भाजपा की साज़िश को देश समझ चुका है,
चोर पकड़ा गया है,
लोकतंत्र को बंदी बनाने की सज़ा ज़रूर मिलेगी !
एक बात याद रखना
नेहरूजी का काम 80 साल बाद भी दिख रहा है
उनका नाम आज भी चल रहा है
लेकिन मोदी का नाम 8 साल बाद
ना कोई लेने वाला होगा
ना उनका कोई काम दिखेगा
लेकिन नेहरूजी का नाम लेने वाला तब भी होगे
क्योंकि नेहरूजी की विचारधारा और नीति थी
मोदी के पास ना विचारधारा है ना नीति 🥱🥱
Lights. Camera and INACTION
This is the story of Modi ji's PR when it comes to the Economy.
.@narendramodi ji,
You are saying that the country is celebrating GDP Growth.
You may have that luxury, but the Aam Aadmi does NOT!
Our Common people are burdened by 3 'U's and YOU are responsible for that !
3 'U's --> Unprecedented Unemployment, Unbearable Price Rise & Unbridled Inequality !
1. Unemployment at a 50-year-high. 40% of young graduates jobless. 1 in 6 young Indians aged 15 to 29 unemployed in July 2026. The promise of 2 crore jobs every year lies shattered.
2. Retail inflation at a 19 month high. Sugar, Onion, Tomato, Dal, Cooking Oil, Rice, Milk, every kitchen staple on fire. Petrol, Diesel, LPG and CNG is becoming unaffordable. Middle class families are somehow battling to survive and the poor has given up hope.
3. Inequality worse than British rule. The top 1% owns 40% of India's total wealth. The bottom 50% survives on a humiliating 15%. Your governmnent has engineered the greatest transfer of wealth from the poor to the rich in independent India's history.
Rampant Crony Capitalism is your only Economic Policy.
Your government has written off over ₹16 lakh crore of corporate loans since 2014. And in the latest jaw-dropping example, creditors recovered just ₹6.5 crore against admitted claims of ₹22,006 crore, giving a 99.97% haircut.
The nation has seen that the Prime Minister of India is functioning as a personal travel agent for a crony friend!
Your repeated sermons of asking Indians not to buy gold and not to travel abroad shows the ground reality.
Fact remains: Nothing has changed except your ability to LIE to the people!
ब्रेकिंग न्यूज 🚨
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने मीडिया से कहा कि—
महाराष्ट्र में राहुल गांधी जी ने जिस सवाल को उठाया था, अब वही सवाल और गंभीर होता नजर आ रहा है।
कांग्रेस ने चुनाव के दौरान ही पूछा था कि सिर्फ 4 महीनों में 45 लाख नए वोट कैसे जुड़ गए?
तब बीजेपी ने सवालों का मज़ाक उड़ाया और चुनाव आयोग की तरफ से भी जवाब देने के बजाय FIR कराने की बात कही गई।
लेकिन अब SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में महाराष्ट्र से 1.81 करोड़ वोट हटाए जाने की बात सामने आ रही है।
तो सवाल सीधा है कि अगर 45 लाख वोट जुड़ने का मुद्दा गलत था, तो 1.81 करोड़ वोट हटाए जाने की वजह क्या है?
और अगर राहुल गांधी जी का सवाल सही था, तो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' के तरीके बदलते रहते हैं, और बदलते रहेंगे - मकसद बस एक ही है: किसी भी क़ीमत पर BJP की जीत, और भारत के लोकतंत्र का अंत।
महाराष्ट्र 2024 - लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
बंगाल 2026 - SIR में जिन नामों को काटा गया, उनमें से 91% नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए, और नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
और अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है - यानी हर पांचवां वोटर।
लोक सभा 2024: 9.29 करोड़
विधान सभा 2024: 9.7 करोड़
SIR 2026: 7.78 करोड़
कौन सी लिस्ट सही थी?
वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता ज़रूरी नहीं है - यही कारण है कि ये BJP न जनता की सुनती है, न उनका आदेश मानती है।
दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक।
हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए।
बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके। और अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं।
निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जाँच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?
पर्दे सिर्फ़ उस बस में नहीं डाले गए थे - साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफर नहीं कर सकतीं।
और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाक़ी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी?
क्या अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस और आदित्यनाथ के अधीन UP पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - इस अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा।
महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया के बाद अब नए आंकड़े सामने आए.. SIR से पहले जहां महाराष्ट्र में 9 करोड़, 78 लाख, 54 हज़ार 049 वोटर मौजूद थे, तो वहीं अब SIR प्रक्रिया के बाद यह आंकड़ा घटकर 7 करोड़, 71 लाख, 65 हज़ार, 562 हो गया है.. यानी 2 करोड़, 6 लाख, 88 हज़ार 487 वोटरों के नाम हटाए गए.. यानी 21.14% लोगों के नाम हटाए गए..
बड़ा सवाल यह है कि जैसे नवी मुंबई में बीजेपी नेताओं के पास SIR का enumeration form मिला, ऐसा घोटाला राज्य में कितनी जगह पर हुआ होगा और इसका फायदा भविष्य में किसे होगा? क्या हम इस प्रक्रिया को Free and Fair कह सकते हैं?
भाजपा की दलित विरोधी सोच ही उत्तराखण्ड में मंच धुलवाती है और नेता प्रतिपक्ष पर एफ़आइआर करवाती है। घोर निंदनीय!
भाजपा ने अपनी हार के पराजय-पत्र पर ख़ुद ही दस्तख़त कर दिये हैं।
राहुल जी के खिलाफ FIR को मुद्दा बनाना छोड़िए।
जिस व्यक्ति के ख़िलाफ़ बीजेपी ने देश भर में 40-50 केस करा दिए हैं, उनके ख़िलाफ़ एक और FIR हो भी गई तो कौनसा आसमान सर पर टूट पड़ा?
असली मुद्दा राहुल जी के ख़िलाफ़ हुआ FIR नहीं है। असली मुद्दा ‘शुद्धिकरण’ का है।
बीजेपी और उत्तराखंड सरकार की नीयत देखिए।
जिस व्यक्ति ने शुद्धिकरण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई, उनके खिलाफ तो तुरंत FIR कर दी।
लेकिन जिन लोगों ने शुद्धिकरण किया और करवाया, उनके ख़िलाफ़ अब तक एक FIR तक नहीं हुई।
श्री @kharge जी ने संसद में खड़े होकर कहा कि शुद्धिकरण हुआ है। उत्तराखंड सरकार की जिम्मेदारी है कि FIR करे। बाकी क्या हुआ, किसने किया, क्यों किया – वो investigation में सामने आ ही जाएगा।
फिर FIR दर्ज करने से इतना डर क्यों?
आखिर बीजेपी और उत्तराखंड सरकार शुद्धिकरण के ख़िलाफ़ FIR से कतरा क्यों रही है?
क्या उनकी दलित गरिमा और न्याय सुनिश्चित करने की कोई मंशा ही नहीं है?
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के संविधान के अनुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
🔹किसान आंदोलन होता है, लोग मोदी को बहुत बुरा कहते हैं
🔸न्यूज चैनल सर्व: किसानों में सबसे लोकप्रिय नरेंद्र मोदी
🔹Gen Z आंदोलन होता है, पूरे देश में '56 इंच का छोटा..' गूंजता है
🔸न्यूज चैनल सर्वे: Gen Z में सबसे लोकप्रिय नरेंद्र मोदी
एंकर पिछले 12 साल से ये नौटंकी चला रहे हैं
I request people of India to make a cheque of Rs 2500-3000 and go in your bank and ask them to settle your loan till 50 Lacs.
I am giving this idea to Gen Z's to start a new revolution.
Why should Subhash Chandra have all the fun?
NCLT - “नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल”
किसान 50 हज़ार न चुकाए तो ज़मीन नीलाम हो जाती है। Salaried एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता।
मगर, चुनिंदा "मित्रों" के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है - कितना भी निकालो, जो मर्ज़ी चुकाओ।
मोदी सरकार ने देश में दो व्यवस्थाएं बना रखी हैं - एक चंद अरबपतियों के लिए, दूसरी बाक़ी सबके लिए।
Smash the Patriarchy राहुल गांधी की सोची समझी रणनीति है।शहरों में कांग्रेस कमज़ोर है।2029 के लोकसभा चुनाव में देश मे 100 करोड़ वोटर होंगे,जिसमें 30 करोड़ महिलाए 40 वर्ष की आयु से कम होगी।धर्म और जाति से उपर राहुल गांधी अपना खुद का एक वोट बैंक तैयार कर रहे हैं।
बिहार के छात्रों का सवाल बहुत सीधा है - भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी क्यों? पेपर लीक के आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं? और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कब तक?
BPSC की परीक्षाओं का विवाद आज का नहीं है। छात्र लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, देरी और पारदर्शिता को लेकर सड़कों पर हैं।
पर सरकार जवाब देने के बजाय कर क्या रही है? लाठी और वॉटर कैनन चला रही है। छात्रों को हिरासत में ले रही है। सीवान में तो प्रदर्शनकारियों पर AK 47 द्वारा गोलीबारी तक सामने आई।
यह सिर्फ़ पुलिस की कार्रवाई का सवाल नहीं। यह उस BJP सरकार की मानसिकता का सवाल है, जिसके पास जवाब नहीं हैं - इसलिए वह पुलिस को जवाबदेही से बचने का हथियार बना रही है।
BJP सरकार यह समझ ले - लाठी से सवाल नहीं रुकते। डराकर किसी का भविष्य नहीं छीना जा सकता।
बिहार के छात्र सवाल पूछते रहेंगे। और अब सिर्फ़ जवाब नहीं - जवाबदेही चाहिए।
#ChhatronKiGoonj
महाराष्ट्र के छात्रों ने एक लड़ाई जीत ली है।
MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा और पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द हुई - यह सरकार की मेहरबानी नहीं, उन छात्रों की जीत है जो मार्च में ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक के बाद से डटे रहे।
दबाव झेला, तानें सुने, महीनों इंतज़ार किया - पर आवाज़ उठाना नहीं छोड़ा। आप सब पर गर्व है।
पर याद रखिए - एक परीक्षा रद्द होना जीत है, न्याय नहीं। जब तक लीक कराने वालों को सज़ा नहीं मिलती, यह लड़ाई अधूरी है।
आगे और लड़ाइयां हैं। और हर एक में मैं आपके साथ हूं।
हमें इस पूरे system को ठीक करना है - ताकि हर बच्चे के लिए शिक्षा बेहतर हो, और मेहनत का दाम हर किसी को मिले।
#ChhatronKiGoonj