"सांदीपनि विद्यालय - गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और संस्कारयुक्त शिक्षा के ऐसे केंद्र, जहाँ गाँवों के सपनों को नई उड़ान मिल रही है।"
"शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के भविष्य को संवारने का सबसे सशक्त आधार है।"
मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सांदीपनि विद्यालय योजना ग्रामीण अंचलों में शिक्षा का नया अध्याय लिख रही है। गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और संस्कारयुक्त शिक्षा को गाँव-गाँव तक पहुँचाने का यह अभियान आज हजारों विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा दे रहा है।
मेरे गृहग्राम पोचानेर (जिला शाजापुर) में स्थापित राजाभोज सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को देखकर हृदय गर्व और संतोष से भर उठता है। आधुनिक अधोसंरचना, उन्नत शैक्षणिक सुविधाओं, अनुशासित एवं प्रेरणादायी वातावरण से युक्त यह विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रहा है।
आज आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी अपने गाँव के समीप ही ऐसी शिक्षा उपलब्ध हो रही है, जो अब तक केवल बड़े शहरों तक सीमित मानी जाती थी। यह विद्यालय केवल पाठशाला नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को निखारने, आत्मविश्वास जगाने और भविष्य गढ़ने के सशक्त केंद्र बन रहे हैं।
माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर बच्चे को उसकी आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियों से परे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिले। सांदीपनि विद्यालय इसी संकल्प को साकार करते हुए विकसित मध्यप्रदेश की मजबूत शैक्षणिक आधारशिला बन रहे हैं।
जब गाँव का बच्चा अपने गाँव में ही श्रेष्ठ शिक्षा पाएगा, तभी आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश और विकसित भारत का सपना साकार होगा। यही हमारी प्रतिबद्धता है, यही हमारा संकल्प है।
अतिथि विद्वानों का सम्मान, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार का अटूट संकल्प है।
आज माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी के मुख्य आतिथ्य में भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में आयोजित प्रदेश स्तरीय 'अतिथि विद्वान सम्मेलन' में सहभागिता कर प्रदेशभर से आए अतिथि विद्वानों से आत्मीय संवाद का अवसर प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी, नवाचार-आधारित और शिक्षक-केंद्रित बनाने के साथ-साथ अतिथि विद्वानों के हितों के संरक्षण एवं उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। इसी प्रतिबद्धता के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापक भर्ती में अतिथि विद्वानों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण, फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को प्रति माह दो बार विकल्प चयन का अवसर, वर्ष में एक बार स्थान परिवर्तन तथा यथासंभव निकटतम स्थान पर पदस्थापन का अवसर, 13 आकस्मिक अवकाश, 3 ऐच्छिक अवकाश एवं महिला अतिथि विद्वानों के लिए मातृत्व अवकाश जैसी अनेक महत्वपूर्ण सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। ये निर्णय अतिथि विद्वानों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और गरिमापूर्ण कार्य परिवेश के प्रति सरकार की संवेदनशील प्रतिबद्धता का परिचायक हैं।
तकनीकी शिक्षा विभाग में कार्यरत अतिथि विद्वानों को भी उच्च शिक्षा विभाग की भाँति इन हितकारी प्रावधानों का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, ताकि दोनों विभागों के अतिथि विद्वानों को समान अवसर, समान संरक्षण और समान सम्मान प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम के दौरान यह भी अवगत कराया कि लंबे समय से सेवाएँ दे रहे वरिष्ठ अतिथि विद्वानों के भविष्य को अधिक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार समिति की अनुशंसाओं के आधार पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। अतिथि विद्वानों के दीर्घकालिक हितों, सम्मान, सामाजिक सुरक्षा एवं सेवा स्थिरता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में एक "उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय व्यवस्था" विकसित करने की दिशा में सतत कार्य किया जा रहा है।
हमारा विश्वास है कि शिक्षकों का सम्मान और उनका सशक्तिकरण ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा की सबसे मजबूत आधारशिला है। प्रत्येक अतिथि विद्वान को सम्मान, सुरक्षा, अवसर और विश्वास से परिपूर्ण कार्य वातावरण उपलब्ध कराना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग में सेवारत हमारे अतिथि विद्वानों की सुविधाओं और अधिकारों को लेकर सरकार निरंतर गंभीर और प्रयासरत है। इसी दिशा में पूर्व में ही कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी नीतियां लागू की जा चुकी हैं, जिसके तहत अब अतिथि विद्वानों को आकस्मिक अवकाश के साथ-साथ 3 ऐच्छिक अवकाश और महिला विद्वानों को प्रसूति अवकाश की विशेष सुविधा दी जा रही है।
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देश हित में काम, लेकिन काम का पूरा दाम।
भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने सदैव 'हमारी मांगें पूरी हों' के पारम्परिक नारे से आगे बढ़कर, राष्ट्रहित और श्रमिक कल्याण के बीच एक सकारात्मक संतुलन स्थापित किया है। तपस्वी, मनीषी और विचारक श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी द्वारा स्थापित आदर्शों पर चलते हुए, यह संगठन आज भी देश के विकास और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित है।
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माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी के मुख्य आतिथ्य में कालापीपल, में आयोजित किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं 'हरा भरा कालापीपल अभियान अंतर्गत पौधरोपण अभियान कार्यक्रम एवं ₹30.86 करोड़ के विभिन्न 12 विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण समारोह मे सहभागिता कर उपस्थित जन समूह को सम्बोधित किया।
विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन @ABVPVoice के स्थापना दिवस की सभी ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई।
ज्ञान, शील और एकता के मंत्र को आत्मसात कर परिषद देश ही नहीं, दुनिया भर की युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा दे रही है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करती रहे, यही मंगलकामना है।
आज कैबिनेट में प्रदेश के अधोसंरचना विकास, पुनर्वास कार्यों तथा विभिन्न जनहितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निरंतर संचालन के लिए ₹2,300 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई।
#CabinetMP
1000 साल पुरानी विरासत, अब भारत के संरक्षण में! 🇮🇳🛕
भारत, इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण में सहयोग करेगा। UNESCO विश्व धरोहर और दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसरों में शामिल इस धरोहर के संरक्षण में ASI अपनी विशेषज्ञता देगा।
यह सिर्फ एक मंदिर नहीं, भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। 🇮🇳🤝🇮🇩
आज नई दिल्ली में सरदार सरोवर परियोजना पर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। नर्मदा अवार्ड से जुड़े इन दशकों से लंबित भुगतान संबंधी मुद्दों का वन-टाइम सेटलमेंट से समाधान हुआ।
यह समझौता मोदी सरकार के जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस समझौते से राज्यों के बीच आपसी भरोसा और बढ़ेगा तथा भविष्य में जल परियोजनाओं पर सहयोग और आसान होगा।
"आयुर्वेद भारत की अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण का सशक्त आधार है।" 🌿
आज इंदौर के लोकमान्य नगर स्थित शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय की साधारण सभा की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान एवं चिकित्सा सेवाओं को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की तथा अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के समग्र विकास के लिए लगभग 20 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि परिसर में स्नातकोत्तर शिक्षण केंद्र, ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी, एनिमल हाउस, स्टाफ क्वार्टर, फार्मेसी, नक्षत्र गार्डन एवं वनौषधि उद्यान जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ विकसित की जाएँ, ताकि यह संस्थान आयुर्वेद शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का उत्कृष्ट केंद्र बन सके।
इंदौर में निजी औषधि निर्माता कंपनियों द्वारा निर्मित औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक ड्रग टेस्टिंग लैब की स्थापना तथा आमजन को बेहतर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 50 बिस्तरीय सुपर स्पेशलिटी आयुर्वेद अस्पताल प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
महाविद्यालय में 100 सीटों की वृद्धि, सभी विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने तथा आवश्यकता के अनुरूप शिक्षकों की संख्या बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद शिक्षा और दक्ष मानव संसाधन का निर्माण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
साथ ही ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में प्रकृति परीक्षण के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, रसोई में उपयोग होने वाले मसालों के औषधीय गुणों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा जनजातीय अंचलों में उपलब्ध औषधीय वनस्पतियों पर अनुसंधान को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर 'अष्टांग शोध' ऑनलाइन जर्नल का लोकार्पण किया गया तथा चिकित्सालय में ₹6.50 लाख की लागत से स्थापित अत्याधुनिक ऑटो एनालाइज़र का शुभारंभ हुआ, जिससे एक साथ 40 रोगियों के रक्त परीक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी। बैठक का शुभारंभ औषधीय पौधारोपण के साथ किया गया।
बैठक में विधायक श्री महेंद्र हार्डिया जी, संभागायुक्त श्री सुदाम खाड़े, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजीत पाल सिंह चौहान, साधारण सभा के सम्माननीय सदस्यगण, अधिकारीगण, प्राध्यापकगण एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश सरकार आयुर्वेद को जनस्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान का सशक्त आधार बनाकर इसे वैश्विक पहचान दिलाने तथा प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएँ पहुँचाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। 🌿
"ज्ञान की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब वह श्रेष्ठ नागरिकों का निर्माण कर राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार बने।"
आज इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आयोजित जनजातीय अध्ययनशाला एवं वाणिज्य अध्ययनशाला के पाठ्यक्रम पूर्णता समारोह में सम्मिलित होकर विद्यार्थियों को अंकसूची प्रदान की। इस अवसर पर वाणिज्य अध्ययनशाला के नवनिर्मित "चाणक्य सभागृह" का लोकार्पण किया तथा विश्वविद्यालय के पौधरोपण अभियान का शुभारंभ भी किया।
शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे संस्कारित, उत्तरदायी और संवेदनशील नागरिक तैयार करना है, जो अपने ज्ञान, मूल्यों और कर्तव्यबोध के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दें। विशेष रूप से जनजातीय विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी जड़ों, संस्कृति और जन्मभूमि से जुड़े रहकर अपनी प्रतिभा से अपने गांव, समाज और राष्ट्र का गौरव बढ़ाएं।
इस गरिमामय अवसर पर इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी जी, खरगोन-बड़वानी सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल जी, विधायक श्री राकेश शुक्ला जी, कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राकेश सिंघई, कुलसचिव श्री प्रज्वल खरे, जनजातीय अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष प्रो. सखाराम मुजाल्दे , वाणिज्य अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश पाटीदार, कार्यपरिषद सदस्य श्री अनंत पवार , श्रीमती मोनिका गौड़, डॉ. ए.के. त्रिवेदी, श्रीमती वैशाली वायकर तथा जनजातीय आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री हर्ष चौहान जी सहित विश्वविद्यालय परिवार, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य हेतु हार्दिक शुभकामनाएं। पूर्ण विश्वास है कि आप सभी अपने ज्ञान, संस्कार और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
"उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको" - स्वामी विवेकानंद
आज श्री गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (SGSITS), इंदौर में SGSITS Student Sangh (SSS) एवं SGSITS Alumni Association के सहयोग से स्थापित युगपुरुष स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा का लोकार्पण कर अत्यंत हर्ष एवं गौरव की अनुभूति हुई।
स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म की महान परंपरा को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया। उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा के अक्षय स्रोत हैं। यह प्रतिमा विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा, उत्कृष्ट शिक्षा, नवाचार और चरित्र निर्माण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेगी।
इस प्रेरणादायी पहल के लिए संस्थान परिवार, SGSITS Student Sangh (SSS) एवं SGSITS Alumni Association को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
जय हिंद! 🇮🇳
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🇮🇳 हर भारतीय के लिए बेहद गर्व का क्षण! 🇮🇳
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो जी द्वारा इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान Bintang Adipurna से सम्मानित किया गया है।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने इस सर्वोच्च सम्मान को 140 करोड़ भारतवासियों के पुरुषार्थ और दोनों देशों की अटूट मित्रता को समर्पित किया। 🇮🇩🤝🇮🇳
राष्ट्र प्रथम की विचारधारा के प्रणेता, जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती के अवसर पर "राधा का बरसाना" शुजालपुर में आयोजित पुष्पांजलि एवं "विचार संगोष्ठी" कार्यक्रम में शामिल हुआ।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के जीवन और पार्टी के गौरवशाली एवं संघर्षपूर्ण इतिहास को जानना हर कार्यकर्ता के लिए बेहद जरूरी है। आज अगर बंगाल और पंजाब भारत का अटूट हिस्सा हैं, और अगर कश्मीर से धारा 370 का कलंक हमेशा के लिए मिटा है, तो यह डॉ. मुखर्जी के सर्वोच्च बलिदान की वजह से ही संभव हो पाया है। उनके इसी 'अखंड भारत' के सपने को श्रद्धेय अटल जी ने आगे बढ़ाया और आज हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी उसे धरातल पर साकार कर रहे हैं।
हमारे लिए हमेशा "देश पहले, फिर पार्टी और अंत में स्वयं" का सिद्धांत सर्वोपरि रहा है। आज इस पावन अवसर पर हम सब कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिया है कि हमारा हर कदम देश की उन्नति, यहाँ के नागरिकों, पर्यावरण और हर जीव के कल्याण के लिए समर्पित होगा।
आइए, मिलकर भारत को 'सुजलाम् सुफलाम्' बनाने में अपना योगदान दें।