And CPL is ours. Awesome grit and play my boys from @TKRiders Each one of you have given your heart and soul for this tournament. Congratulations wish I was there. Next time round for sure. Need the Trini party 5 Times champ!!! Love u all
उत्तराखंड के तिग्मांशु धूलियाँ, प्रसू�� जोशी, ज़ुबिन नौटियाल, उर्वशी रौतेला, दिशा पाटनी, तृप्ति डिमरी, शिवांगी जोशी, राघव जुयाल, पवनडीप राजन, दीपक डोबरियाल, हिमानी शिवपुरी, नेहा कक्कड़ जैसे कलाकारों ने फिल्मी दुनिया में चमक बिखेरी है। लेकिन अपने राज्य में आपदा प्रभावित लोगो की मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया।
दूसरी तरह पंजाब के कलाकारो को सैल्यूट, उन्होंने अपने प्रदेश के लिए क्या किया, इस पोस्ट को आख़िर तक पढ़िये।
1. दिलजीत दोसांझ- दस सर्वाधिक बाढ़ पीड़ित गांव लिये गोद, पुननिर्माण करवाएंगे
2. एमी विर्क- दो सौ घर गोद लिए, पुननिर्माण करायेंगे।
3. सोनम बाजवा- राहत कार्य में लगे कई संगठनों को लाखों ₹ दिए
4. सोनू सूद- पुनिर्माण में हर संभव मदद करने का दावा
5. विक्की कौशल- पोस्ट की लिखा कि पंजाब जा रहा हूं। दीर्घकालीक मदद की योजना है
6. रणदीप हुड्डा- पंजाब पहुंचे। बचाव कार्य़ और राहत सामग्री कर रहे हैं वितरित
7. आलिया भट्ट- बाढ़ पीड़ितों के लिए जुटा रही हैं चंदा, लिंक किया शेयर
8. गुरु रंधावा- बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर लगाएं हैं
9. प्रीति जिंटा (पंजाब किंग्स)- 34 लाख रु दान दिये और क्राउंड फंडिंग से जुटा रही पैसा
10. गायक जसबीर जस्सी- वित्तीय मदद के साथ बाढ़ ग्रस्त इलाकों में कर रहे काम
11. सूफी गायक सतिंदर सरताज की फाउंडेशन फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिले में बाढ़ में जुटी
12. एक्टर गिप्पी ग्रेवाल ने मवेशियों के लिए कई ट्रक भरकर चारा भेजा
13. गायक बब्बू मान ने अपने कनाडा शो क��� बाढ़ पीड़ितों के लिए किया दान
14. अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा ने अपनी फिल्म ‘मेहर’ के पहले दिन की कमाई बाढ़ पीड़ितों को दी
वाह रे पंजाब के शेर शेरनियों, लक्ज़री लाइफ छोड़कर मदद करने के लिए अपनों के बीच पहुँचे।
@UrvashiRautela @JubinNautiyal @prasoonjoshi_ @tripti_dimri23 @DishPatani
@iAmNehaKakkar
@BhagwantMann @pushkardhami
हल्द्वानी, रामनगर, ऋषिकेश और देहरादून के बाद अब बागेश्वर की सरयू नदी में भी गणेश विसर्जन शुरू हो गया है। लेकिन देवभूमि उत्तराखंड में इसकी परंपरा कभी नहीं रही। यहाँ देवता, गणेश सहित, सदा पूजित और स्थायी रूप से विराजमान माने जाते हैं।
महाराष��ट्र में विसर्जन का भाव है कि भगवान कुछ दिनों के लिए घर आए और फिर अपने लोक लौट गए। पर उत्तराखंड की आस्था अलग है। यहाँ विसर्जन का धार्मिक औचित्य नहीं है, और इससे हमारी पवित्र नदियाँ प्रदूषित होती हैं।
सच्चा सम्मान यही है कि गणेश जी को घर या मंदिर में स्थायी रूप से विराजित किया जाए। यही हमारी संस्कृति और पर्यावरण दोनों की रक्षा है।
गणपति बप्पा मोरया 🙏
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