पहली बार टेलीविज़न डिबेट में किसी
को आरक्षण पे इतना मुखर होके
बोलते देखा हु
चारों तरफ असंतोष है
सरकारों को 70 साल में ये समझ नहीं आया कि गरीबी जाती देख के नहीं आती
ये 5000 साल से पानी नहीं पीने दिया
हांडी मटकी बांध दिया
ये सारा नैरटिव भी झूठा है
UGC जैसे कानून नहीं आता तो अभी तक सवर्ण इन आंदोलन के सारे नैरेटिव को हवा में उड़ा दिया होता क्योंकि caa और किसान बिल से बड़ा प्रोटेस्ट नहीं है।
सवर्ण समाज ग्राउंड और सोशल मीडिया पे फ्री में प्रचार करता था
लेकिन ugc ने सवर्णों की आंख खोल दी