कांग्रेस की 'झूठ की दुकान' का शटर खुद कमलनाथ जी ने गिरा दिया है! 🤡
एक तरफ राहुल गांधी और प्रियंका "गैस किल्लत" का फर्जी नैरेटिव गढ़कर देश को डराने में जुटे हैं, दूसरी तरफ कमलनाथ जी कह रहे हैं कि "कोई कमी नहीं है, बस माहौल बनाया जा रहा है।"
जब घर के बुजुर्ग ही कह रहे हों कि बच्चे झूठ बोल रहे हैं, तो समझ जाइये कि कांग्रेस का 'पैनिक मोड' सिर्फ एक सियासी ड्रामा है। जनता को गुमराह करने की यह साजिश अब बेनकाब हो चुकी है।
“मैं भगवा आतंकवाद पर झूठा बयान नहीं देना चाहता था, लेकिन पार्टी ने मुझे ऐसा करने को कहा।” 😭
—सुशीलकुमार शिंदे, पूर्व गृह मंत्री
अब तो पूर्व कांग्रेसी भी सच बोलने लगे लेकिन चमचे फिर भी नहीं मानेगे…!!
This innocent girl was walking on the street.
She did not run away.
Bravely stood her ground. Did it help her? No.
Did these d0gs show her any mercy? No.
Give your kids stick, pepper spray, air guns and Catapult.
Don't teach the kids d0g psychology.
Incident from Uttarakhand
शिखा सिंह का पति से विवाद हुआ और पति पर दहेज का फर्जी मुकदमा दर्ज करवा दिया और तलाक मांगने लगी
5 साल से केस लड़के-लड़ते लड़की के पिता के सारे पैसे खत्म हो गए. हार्ट अटैक आया तो पैसे के अभाव में सरकारी अस्पताल में एडमिट होना पड़ा
जब शिखा के पति सौरभ को पता चला तो वह अपने ससुर को महंगे अस्पताल में ले गया. अगले दिन सुनवाई हुई और शिखा ने तलाक के कागज फाड़ दिए
उसके बाद पति के साथ कुछ इस तरह लिपटकर रोने लगी
🚨 राजस्थान पुलिस की कथित गैर कानूनी कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
कानून सबके लिए बराबर
जवाबदेही भी जरूरी
मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में
इस मुद्दे पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताइए।
#WeRNews@PoliceRajasthan@RajasthanPoli16
"बिना पूछे कैसे बैठ गया तू ? तुम्हारा Office है? तुम्हारा घर है?" ये शब्द था एक Police Officer का!
अब पुलिस वाले खुद को प्रधानमंत्री समझने लगे हैं,उनके सामने बैठना है भी तो उनको पूछना चाहिए,
नहीं तो आपके साथ अभद्र व्यवहार और आपकी मोबाइल छीन लेंगे 😱।
ये उत्तरप्रदेश के प्रयागराज के मुट्ठीगंज थाने की बात है,अगर कोई भी गुनाह है ऐसे बात करेंगे 🤔
उनका कहना है कि कोई दस्तावेज था उसमें हस्ताक्षर कराने आए थे वहां अभद्र भाषा में बात की गई !
आगरा उत्तर प्रदेश
आगरा में एक मुस्लिम बच्चे को "पाकिस्तान जिंदाबाद" के नारे लगाते हुए पकड़ा गया।
जब हिंदू समूह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे, तो उसकी मां बेशर्मी से हंस रही थी।
यह ठीक वही है जिसके बारे में ब्रिगेडियर रुद्र प्रताप सिंह ने हमें चेतावनी दी थी - भीतर का दुश्मन।
Corruption has venerated the whole system, everything the Police does reeks of corruption.
You would think they would at least spare the ones who are reaching out to them in emergencies but no, the shameless police even extorts money out of these vulnerable women
How is this okay ? We should have zero tolerance for corruption in the Police Department
अजय देवगन, आपका धन्यवाद
शाहरुख खान, आपका धन्यवाद
अक्षय कुमार, आपका धन्यवाद
सलमान खान, आपका धन्यवाद
अमिताभ बच्चन, आपका धन्यवाद
समाज के प्रति आपके योगदान के लिए धन्यवाद, जिसने आपको स्टार, सुपर स्टार और मेगा स्टार बनाया है।
"भारतीय रेलवे 'गुटखा' के दाग साफ करने पर हर साल 1200 करोड़ रुपये खर्च करती है।"
I experienced there is a nexus, as many times at the main time of the train such a lift or elevator stopped working so that passengers may get vendor services .... Numerous railway station
मैं अभी भोपाल से घर जाने के लिए भोपाल जंक्शन आया। तभी मैने देखा कि लिफ्ट बंद होने के कारण एक दिव्यांग बुजुर्ग महिला को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुछ लोगों ने ह्वीलचेयर को अपने हाथों से उठाकर ओवरब्रिज से नीचे प्लेटफार्म नंबर 4 में पहुंचाया।
हम विश्वगुरु बाद में बनते रहेंगे, पहले यह लिफ्ट चालू करवाइये। क्योंकि भोपाल जंक्शन एक व्यस्त रेल्वे स्टेशन में से एक है। की
@RailMinIndia@RailwaySeva
एक व्यक्ति रिश्तेदारों को छोड़ने रेलवे स्टेशन गया था. उसने प्लेटफॉर्म टिकट भी लिया, लेकिन फिर भी उसे 500 रुपये का जुर्माना देना पड़ा.
ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आने वाली ट्रेन 5 घंटे देरी से स्टेशन पहुंची थी. मामला महाराष्ट्र के कल्याण जंक्शन का है.
नियम के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति प्लेटफार्म टिकट लेने के बाद 2 घंटे से ज्यादा समय तक रेलवे स्टेशन पर रहता है. तो उस पर 250 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है.
जुर्माने के साथ ही सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन तक का किराया भी लिया जाता है. इस केस में भी यही हुआ है.
पूरी खबर: https://t.co/HtK2MwtrfD
दुनिया में कुत्ता इतना वफादार कोई नहीं हो सकता
लेकिन अफसोस धर्म का ठप्पा लगने के बावजूद भी उनकी स्थिति बहुत बदतर है
क्योंकि यह गौ माता की तरह हमें दूध और मांस नहीं दे सकते
एक आदमी ने ₹25 लाख का प्लॉट पसंद कर लिया था?
सेलर बार-बार कह रहा था कि जल्दी एडवांस दे दो, वरना कोई दूसरा खरीद लेगा।
लेकिन तभी उसके एक दोस्त ने कहा कि पैसे देने से पहले कागज जरूर चेक कर लेना।
आदमी बोला कि जमीन तो सामने दिख रही है, फिर कागजों की क्या जरूरत है।
दोस्त हंसकर बोला कि असली जमीन कागजों में होती है, मैदान में नहीं।
सबसे पहले उसने Mother Deed मांगी।
जिससे पता चलता है कि जमीन पहले किसकी थी और मालिकाना हक कैसे बदलता गया।
फिर उसने Sale Deed चेक की।
यही दस्तावेज साबित करता है कि जमीन कानूनी रूप से किसके नाम है।
इसके बाद Encumbrance Certificate निकलवाया।
ताकि पता चल सके कि जमीन पर कोई लोन, केस या कानूनी विवाद तो नहीं है।
फिर Khata Certificate देखा।
क्योंकि भविष्य में मकान बनाने और टैक्स भरने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है।
इसके बाद ROR (Record Of Rights) निकलवाया।
जिससे जमीन के रिकॉर्ड और असली मालिक की जानकारी मिल गई।
अब कैलकुलेशन शुरू हुआ।
प्लॉट की कीमत = ₹25,00,000
रजिस्ट्री खर्च लगभग = ₹1,75,000
स्टाम्प ड्यूटी और अन्य शुल्क = ₹50,000
कुल निवेश = ₹27,25,000
दोस्त बोला कि अगर एक जरूरी कागज भी गलत निकला।
तो ₹27 लाख का निवेश फंस सकता है।
फिर एक और बात सामने आई।
जिस आदमी से वह प्लॉट खरीद रहा था, वह असली मालिक नहीं था।
वह मालिक का रिश्तेदार था।
तब दोस्त ने तुरंत Power of Attorney (POA) मांगी।
क्योंकि बिना POA के वह जमीन बेच ही नहीं सकता था।
फिर सर्वे विभाग से Survey Sketch निकलवाया गया।
क्योंकि सेलर 100 गज बता रहा था।
लेकिन रिकॉर्ड में जमीन सिर्फ 92 गज निकली।
यानी 8 गज कम।
अगर उस इलाके में जमीन ₹25,000 प्रति गज थी।
तो नुकसान होता -
8 × ₹25,000 = ₹2,00,000
यानी सिर्फ एक सर्वे ने ₹2 लाख बचा दिए।
तब आदमी को समझ आया कि प्लॉट खरीदते समय सिर्फ लोकेशन और कीमत नहीं देखनी चाहिए।
कागजों की जांच कई बार लाखों रुपये के नुकसान से बचा सकती है।
अगर आपको प्लॉट खरीदना हो तो पहले एडवांस देंगे या पहले सारे दस्तावेज चेक करेंगे?
इतनी छोटी उम्र में पिता को खोने के
बाद भी इस बच्ची ने हार नहीं मानी!
खाने का ठेला लगाकर उसने अपनी और
अपने दो भाइयों की पढ़ाई का खर्च उठाया!
सलाम है इन बच्चों के
हिम्मत, संघर्ष और आत्मविश्वास को ❤️
रेप और हत्या अपराधी रसूखदार है।
बच्ची अग्रवाल समाज से है।
सड़क जाम करके 20 लाख रूपये और 1 सरकारी नौकरी की मांग करना इन्होंने कभी सीखा ही नहीं।
स्ट्रीट पावर 0 है।
15 वर्षीय मृतका को न्याय दिलाने के लिए अग्रवाल बंधुओं के साथ कोई खड़ा है तो वो हैं ब्राह्मण संगठन।
CBI जाँच हो।🙏