अगर आपके घर मे लडकी है तो जरूर पढना अगर नही है तो भी पढना तांकि किसी दूसरे को सावधान किया जा सके :-
हिन्दू लडकियो की मानसिकता और लव जिहाद :-
जब किसी हिन्दू के घर मे बेटी पैदा होती है। तो ये देखा गया है माता पिता उसे विशेष धार्मिक संस्कार देना एक बडा बोझ समझते है। और अधिकतर माता पिता अपनी बच्चियो को जन्म से ही फिल्मी गानो की लत लगाकर बिगाडना शुरू कर देते है। उदहरण के लिए आप कही किसी रिश्तेदर के यहा जाओ तो कुछ परिवारो मे तो आपने देखा होगा कि माता पिता बच्ची को बोलते है कि "प्रिया बेटा वो फलाने गाने पर डाँस करके दिखाओ अंकल को", "अंकिता बेटा वो वाला गाना सुनाओ बुआ को जिसमे करीना कपूर और सैफ अली खान थे", "कृतिका बेटा जरा चाचू को वो चिकनी चमेली वाले गाने पर डाँस करके दिखाओ", "श्रेया बेटा ! मामीजी को वो बेबी डौल का गाना सुनाओ"। तो ऐसे कई उदाहरणो से स्पष्ट होगा कि माता पिता अपनी ही बच्ची को किस गंदगी मे खुद जाने अंजाने मे धकेल रहे है। तो बच्ची मे पहले ही संस्कार ऐसे पड रहे जो कि आगे जाकर उसके लिए नासूर बनने वाले है।
बच्ची थोड़ी बड़ी हो रही है तो माँ उसे अपने साथ बालीवुड के अलावा साँस बहू आदि के टीवी सीरियल दिखाने की लत डालती है। अब दोनो माँ बेटीया एकसाथ बैठकर टीवी देखने लगी है। और अधिकर घर मे एक सीरीयल समाप्त होता है तो दूसरा शुरू, दूसरा समाप्त तो तीसरा शुरू तो ऐसे ही अधिक समय टीवी सीरीयल देखने के कारण बेटी के संस्कार और बिगडने लगते है,और खाली समय मे भी माँ बेटीया आपसे मे सीरीयल की बाते करती मिलती है। जैसे "मम्मी काश जगिया और आनंदी की फिर से शादी हो जाए", "बेटी क्या कल अनुराग प्रेरणा को अपने दिल की बात कह पाएगा ? "इत्यादी बातचीत से पता लग रहा है कि टीवी का जुनून माँ बेटी के दिमाग कितना हावी हो चुका है।
साथ साथ हमारी सैकुलर शिक्षा पद्धति की मार बच्ची पर पडती रहती है। प्रतीदिन उसे सैकुलरिजम की डोज NCERT के सलेबस के माध्यम से मिल रही है। जिसमे बाबर, औरंगजेब बस एक लुटेरे थे, अकबर बादशाह बहुत महान था, देश को आजादी गाँधी और नेहरू की अहिंसा ने दिलाई जिससे डरकर अंग्रेज भाग गए, भगत सिंह, राजगुरू आदि आतंकवादी थे। वगैरा वगैरा रोज उसे ये दिलासा देने के लिए काफी है कि सब धर्म अच्छे होते है। और लडाईया युद्ध करके नही अहिंसा से जीती जाती है।
अब बेटी थोडी और बडी हो गई है, तो उसके पापा नया मोबाईल लेकर देते है जिसके साथ ही बेटी इंटरनैट की दुनिया मे कदम रखती है। लडकी अब एक नई ही दुनिया मे खोई रहने लगती है। अपने आपको Princess, Angel आदि समझने लगी है। हर समय कानो मे EarPhone ढूँस कर बलीवुड के प्यारे प्यारे गाने सुनना बडा अच्छा लगता है। और अपने दोस्तो के साथ मजा मस्ती करना, एक दूसरे को पार्टी देना, और ये सोचना कि एक ही तो Life मिली है Enjoy करो ! क्या करना देश धर्म वगैरा की Boaring Boaring बातो से ? तो ऐसे ये लडकी अपनी एक अलग ही दुनिया मे खोई रहती है। और बैड पर Teddy Bear साथ लेकर सोती है।
बालिवुड के गाने रोज Earphone लगाकर सुनने वाली लडकी तो खान हिरोज की दिवानी हो चुकी है। बालीवुड मे भी हिन्दी गानो मे रक्षा बंधन, माता पिता, आदि के गानो के स्थान पर अधिकतर अली मौला! अल्लाह अल्लाह! , जुम्मे की रात है !, भरदे झोली मेरी या मुहम्मद ! , मौला मेरे मौला !, या रब्बा दे दे कोई जान भी अगर !, इस शाने करम का क्या कहना ?,या आली रहम आली ! आदि सुन सुनकर तो वो लडकी के मन मे भगवान से भी अधिक अली, मौला, रब्ब की जगह बन जाती है। और वो तो सबको एक जैसा मानने लगती है। सारे धर्म अच्छे और एक जैसे होते है, ऐसा उसका विश्वास पक्का हो जाता है। पाठको को बहुत हद तक पता लग ही गया होगा कि किस प्रकार लडकी के संस्कार बिगड चुके है। और लडकी का मन एक भूमि की तरह है जो कि लव जिहाद की फसल को पैदा करने के लिए उपजाऊ हो चुकी है। जिसमे कोई जिहादी किसी भी समय बीज डाल सकता है और अपनी खेती कर सकता है।
अब High School या फिर Colledge मे ही लडकी जब जाती है तो उसकी भी इच्छा होती है कि उसका कोई Boyfriend हो, जो उसको महंगे महंगे Gifts लेकर दे, जो उसे घुमाने लेकर जाए, किसी बडे से Resort मे Treat दिलाए, जो उसके मोबाईल को रिचार्ज कराए। तो ये सब इच्छाए बालिवुड और टीवी सीरीयल को देख देखकर ही हुई है। अब ऐसे मे कोई न कोई तो ढूँढना ही था। तो पहले से ही घात लगाए कोई शौएब, कोई अय्युब, कोई साजिद, कोई अकरम, कोई सुहैल उसे मिल जाता है। जिसे मस्जिदो मे बकायदा ट्रेनिंग दी गई है, जो हिन्दू लडकी की Mentality को बखूबी जानता है, जो अरब देशो से बहुत सा पैसा All India Muslim Scholarship Fund मस्जिदो और मदरसो को मिलता है वही पैसा उस लडके को Pocket Money के रूप मे मिलता है जो वह उस लडकी पर खर्च करने वाला है।
न्यूयॉर्क | इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण शुरू करते ही विभिन्न देशों के प्रतिनिधि संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के हॉल से बाहर निकल गए।
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा:
शुरू करने से पहले, मैं बस एक छोटी-सी घोषणा करना चाहता हूं: यदि इस हॉल में अभी भी कोई और नैतिक कायर (moral coward) मौजूद है जो अभी तक बाहर नहीं गया है, तो कृपया अब चला जाए। बहुत-बहुत धन्यवाद।🔥😂😂
मानना पड़ेगा मोदी के आला दर्जे का दिमाग पाया है , ये दिमागी नक्सल , नाराज फूफा , चिरकुट , खटमल क्या ही इनसे कभी जीत पाएंगे..
आज फिर झूठ का पुलिंदा Indian Express ने चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को लेकर एक फर्जी खबर छापी.....लेकिन कुछ ही घंटों में चुनाव आयोग ने उस फर्जी खबर की बत्ती बनाकर इनके पि chh वाड़े मे घुसेड़ दिया...........Indian Express पिछले कुछ दिनों से लगातर फर्जी खबरें छाप रहा है.....
* RBI ने सोना बेच दिया
* E20 ethanol पर झूठी खबर
* मोहन यादव के उज्जैन मे जमीन खरीदने की फर्जी खबर
चुनाव आयोग पर हमला कोई नई बात नहीं है...चुनाव ना जीत पाओ तो कमी सिस्टम मे बताओ........बच्चों वाली हरकत....पेपर मे कम नंबर आए तो पेपर ही खराब था...बाहर से आया था....book के questions थे ही नहीं..........
असली दर्द क्या है......असली दर्द delimitation बिल का है....अगर delimitation बिल पास हो गया तो ये कहीं के नहीं रहेंगे....इस बिल के पास होने पर लोकसभा की सीटें 545 से बढ़कर 800+ हो जाएंगी....और यहीं से असली कहानी शुरू होती है....
सिर्फ BJP ही इकलौती पार्टी है जो इन 800 मे से 700+ सीटों पर मजबूत और जिताऊ उम्मीदवार उतारने की क्षमता रखती है....क्यूँकी पूरे देश में सिर्फ BJP का संगठन ही इतना मजबूत है.
ना कॉंग्रेस के पास ये क्षमता है...ना किसी क्षेत्रीय दल के पास...कॉंग्रेस तो अभी 545 सीट पर उम्मीदवार नहीं उतार पा रही....2024 के चुनाव मे 328 उम्मीदवार उतारे थे.....तो जब 800+ सीटें हो जाएंगी तो इनके पास उम्मीदवार ही नहीं होंगे.
BJP के पास पहले से ही पूरे देश में....बूथ कार्यकर्ता....चुनावी संसाधन...मजबूत उम्मीदवार औऱ चुनावी संगठन की पूरी पाइपलाइन मौजूद है.
तो delimitation बिल चुनावी गणित का पूरा गुना भाग बदल देगा...और अगर ये 2029 से पहले लागू हो गया......तो मोदी को ये पहले ही नहीं हरा पा रहे थे.......इसके बाद तो मोदी अजेय हो जाएंगे.....
पिछले सत्र मे जब ये बिल आया था तब भी चुनाव आयोग पर हमले शुरू किए गए थे....जब रुक गया तो हमले भी बंद हो गए.....अब सरकार ने नवरात्रों मे फिर से इसे लाने का प्लान बनाया है .....तो हमले फिर से शुरू हो गए...🚩
पूर्व CJI जस्टिस गवई ने खुलकर कहा—
SC/ST एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए संसद में संशोधन जरूरी हैं।
जब संसद नहीं सुन रही, तो समाज को दबाव बनाना चाहिए।
दलित समाज से आने वाले जस्टिस गवई भी अब इस कानून के मिसयूज पर बोल रहे हैं।
अब सवाल ये है कि सरकार और संसद कब जागेगी?
आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला को दलित छात्र की मौत की जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया गया है।
लेकिन आज कैंपस में कुछ अलग देखने को मिला।
अलग-अलग बैकग्राउंड के छात्रों ने प्रोफेसर डूल्ला के समर्थन में आकर उनके साथ एकजुटता दिखाई।
आईआईटी प्रशासन के अनुसार, प्रोफेसर डूल्ला ने उस छात्र को नकल करते पकड़ा था।
अगर ये आरोप सही हैं तो प्रोफेसर डूल्ला को बहाल किया जाना चाहिए और मुआवजा भी मिलना चाहिए।
• हाथ में iPhone, सेल्फी 📱
• IIT में आरक्षित सीट 🎓
• आरामदायक पारिवारिक पृष्ठभूमि
• परीक्षा में ChatGPT से नकल करते पकड़े गए
• परीक्षा हॉल से बाहर भेजे गए
• तत्काल कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई
• हॉस्टल लौटे और बाद में उनकी मौत हो गई
• इसके बाद प्रोफेसर पर SC/ST Act के तहत मामला दर्ज
अब सवाल यह है—नकल रोकने वाले प्रोफेसर को ही आरोपी के कटघरे में क्यों खड़ा किया जा रहा है?
अगर परीक्षा में नकल रोकना शिक्षक की जिम्मेदारी है, तो उसे निभाने पर शिक्षक को डराने का माहौल क्यों?
शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन की जगह आखिर किस चीज़ को दी जा रही है? 🤔
#IITBombayProtest
IIT मुंबई के छात्र खुलकर प्रोफेसर सूर्यनारायण के समर्थन में आ गए हैं और बता रहे हैं कि नकल करते हुए पकड़े जाने पर भी प्रोफेसर ने उस लड़के को केवल समझाया था, डांटा नहीं था और ना ही उसके खिलाफ कोई लिखित में एक्शन लिया था।
लड़के में शायद कुछ शर्म बाकी थी, इसलिए उसने आत्महत्या कर ली लेकिन पीछे बेशर्म बाप को छोड़ गया, जो बेचारे लड़के की लाश से भी पैसे वसूलने में लगा है।
अभिजीत दिपके का बयान
आईआईटी बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामले में ये कह रहे हैं कि नकल नहीं हुई, बस “गलती” हुई। प्रोफेसर को परीक्षा खत्म होने तक इंतजार करना चाहिए था।
बीच परीक्षा में पकड़ना और क्लास के सामने शर्मिंदा करना गलत था। इसलिए प्रोफेसर और डायरेक्टर को 10 साल जेल हो, परिवार को 3 करोड़ मुआवजा मिले।
नहीं तो CJP यूनिवर्सिटी के सामने प्रदर्शन करेगा
अब सवाल ये है —
परीक्षा में मोबाइल निकालकर पेपर ChatGPT पर डालना गलती है या नकल?
अगर प्रोफेसर नकल पकड़े तो वो खलनायक है?
अगर संस्थान नियमों के मुताबिक कार्रवाई करे तो डायरेक्टर को जेल होनी चाहिए?
एक तरफ जेएनयू में प्रोफेसर पर 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोप, दूसरी तरफ आईआईटी में प्रोफेसर नकल रोक रहा है।
देखिए कौन सा मामला ज्यादा गुस्सा पैदा कर रहा है और किसके खिलाफ जेल-मुआवजे की मांग हो रही है।
नकल पकड़ना अपराध नहीं है।
नकल को “गलती” बताकर शिक्षक के लिए जेल मांगना, शिक्षा व्यवस्था के साथ मजाक है।
#BREAKING
प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में IIT बॉम्बे के फैकल्टी सदस्यों ने मार्च निकाला।
फैकल्टी फोरम का कहना है कि 18 सितंबर को दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोड़े द्वारा कथित रूप से फोन इस्तेमाल किए जाने की रिपोर्ट करते समय प्रोफेसर डूला ने सीनेट द्वारा अनुमोदित परीक्षा प्रक्रिया का पालन किया था। वाकोड़े ने कुछ घंटों बाद आत्महत्या कर ली।
वाकोड़े के परिवार ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और SC/ST एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर में प्रोफेसर डूला का नाम लिया है और उन पर जाति आधारित उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
संस्थान ने जातिगत उत्पीड़न के आरोप को खारिज किया है। मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है।
IIT बॉम्बे की टॉपर प्रिया मिश्रा का बयान चर्चा में है।
तीसरे साल की छात्रा प्रिया मिश्रा ने कहा: "छात्र के परिवार के लिए दुख है। लेकिन सूर्यनारायण सर को सजा क्यों मिल रही है ? अगर नकल नहीं होती, तो सर कोई कार्रवाई नहीं करते, 30-40 पर्सेंटाइल लेकर IIT में आ जाते हो, और फिर परीक्षा में मोबाइल से नकल करना चाहते हो क्योंकि दबाव नहीं झेल सकते। मैं 90 प्रतिशत ला सकती हूँ, लेकिन मेरे पास आईफोन खरीदने के पैसे नहीं हैं!
विशेषाधिकार मुझे मिलना चाहिए, ऐसे बच्चों को नहीं।
केस उनके माता-पिता पर होना चाहिए, केस उस सिस्टम पर होना चाहिए जिसने एक कमजोर और अनपढ़ बच्चे को इतने बड़े संस्थान में भेज दिया, जहाँ दिमाग, IQ और दबाव झेलने की हिम्मत चाहिए!
अगर दबाव नहीं झेल सकते तो घर बैठो। सीट बर्बाद मत करो, सूर्यनारायण सर का इस्तीफा इस देश के हर ईमानदार शिक्षक का अंत है, और अब नकल शर्मनाक काम भी नहीं रहेगी"
#IIT #Bombay #Modiact #Scstact @narendramodi act
ये कैसी घटिया राजनीति है भाई? 😂
दो महीने पहले यही लोग Paper Leak के खिलाफ सड़क पर उतरकर ईमानदार परीक्षा की मांग कर रहे थे।
आज वही लोग परीक्षा में चीटिंग पकड़ने वाले प्रोफेसर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
पेपर लीक हो तो सिस्टम दोषी, नकल पकड़ी जाए तो प्रोफेसर दोषी!
मतलब परीक्षा में ईमानदारी चाहिए या अपनी सुविधा के हिसाब से नियम?
नकल रोकने वाला प्रोफेसर अपराधी और नकल करने वाला पीड़ित!
वाह भाई, ये कैसा न्याय है? 🤦♂️
अब Exam में नकल पकड़ने से पहले शायद प्रोफेसर को कॉपी नहीं, जाति देखनी पड़ेगी..
AI से नकल करते पकड़े गए छात्र को समझाना, परीक्षा के नियम बताना और चीटिंग रोकना,क्या ये भी अब किसी प्रोफेसर के लिए कानूनी जोखिम बन सकता है?
मामला SC/ST Act तक पहुंच गया है, इसलिए सवाल और बड़ा है....
क्या कानून का इस्तेमाल न्याय के लिए होगा या हर अनुशासनात्मक कार्रवाई को जातीय विवाद में बदलने के लिए?
नकल गलत है.
आत्महत्या बेहद दुखद है.
जातिगत भेदभाव भी गलत है.
लेकिन किसी की मौत को आधार बनाकर किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी तय करने से पहले सबूत और निष्पक्ष जांच जरूरी है..
क्योंकि कानून सुरक्षा के लिए है,डर पैदा करने के लिए नहीं..
#SCSTएक्ट
#IITBombay
#Rohitvemula
@iitbombay@iitalumni
BHU बना… तो उसके “कम्पटीशन” में AMU भी बना 🤔
नाम देखिए
📍 बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)
📍 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)
एक हिंदू, एक मुस्लिम
दोनों यूनिवर्सिटी, नाम भी धर्म आधारित।
पर फर्क कहाँ आ गया?
👉 BHU सबके लिए है
👉 AMU “अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय” है
अब ज़रा जोर से बोलिए
❓ अल्पसंख्यक कौन है?
संविधान में कहीं साफ़-साफ़ लिखा है क्या?
कोई कॉलम, कोई परिभाषा, कोई निश्चित मापदंड?
❌ नहीं।
फिर भी AMU माइनॉरिटी यूनिवर्सिटी है और BHU न माइनॉरिटी है, न मेजॉरिटी। बस — सबका साथ, सबका विकास।
अब ज़रा इतिहास की दूसरी लाइन पकड़ते हैं 📜
🗓️ 1925 — बना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
🗓️ 1926 — ठीक एक साल बाद बना एक और संगठन… 👉 तबलीगी जमात
अब गूगल कर लीजिए
🌍 दुनिया के कितने देशों ने तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगाया है?
👉 9 देश
किन-किन में?
किर्गिज़स्तान, अज़रबैजान, अरब के कुछ देश…
और हैरानी की बात यह कि जिस संगठन का
📌 मुख्यालय भारत में है
📌 सुप्रीम कोर्ट से ~3 किमी
📌 संसद से ~4 किमी
📌 निज़ामुद्दीन में
उसके बारे में
❌ न Gen-X जानती है
❌ न Gen-Y
❌ न Gen-Z
❌ न बुज़ुर्ग
❌ न आम जनता
कोविड नहीं आता, तो शायद
👉 यह नाम भी सामने नहीं आता 😷
अब ज़रा और सीधे सवाल ❓
🩸 भारत-पाक विभाजन में
सबसे बड़ी भूमिका किसकी थी?
🩸 बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार में?
🩸 अफ़ग़ानिस्तान में हिंदुओं के सफ़ाए में?
और फिर पूछिए
🌍 दुनिया की सबसे बड़ी जमात कौन-सी है?
👉 जवाब वही है।
फिर सवाल यह भी
❓ जब 9 देशों ने बैन किया
तो भारत में
✔️ न बैन
✔️ न संसद में चर्चा
✔️ न राष्ट्रीय बहस
तो हम
👉 वाकई सुरक्षित हैं?
या
👉 बस चुप हैं?
📊 1931 की जनगणना याद कीजिए
अंग्रेज़ों ने 1881 से हर 10 साल में कराई।
1931 में
📍 सिंध में हिंदू ~70%
📍 लरकाना सहित कई इलाकों में 65–70%
तो ज़रा सोचिए
❓ क्या उन्होंने कभी सोचा होगा कि 15 साल बाद क्या होगा?
जवाब ज़ोर से बोलिए
👉 नहीं।
🔚 निष्कर्ष
ये सवाल
❌ न नफ़रत के हैं
❌ न डर फैलाने के
ये सवाल हैं
👉 इतिहास की अनदेखी
👉 नीति की असमानता
👉 संविधान की व्याख्या
👉 और चुप्पी की कीमत
सवाल पूछना ग़लत नहीं है।
ग़लत है — सवालों से भागना।
🗣️ सोचिए। पूछिए। समझिए।
@AshwiniUpadhyay@ARanganathan72@HMOIndia
ममता बानो जिन किराए के हेलीकॉप्टर में घूमती है वो कंपनी का नाम है Carewell Aviation. ये कंपनी ममता ने 2021 में बनाई थी , कंपनी के पास पैसा नहीं था तो ममता ने 160 करोड़ रूपया उनको उधार दिया और कंपनी ने हेलीकॉप्टर और एक प्राइवेट जेट खरीद लिया।
फिर ये कंपनी जेट और हेलीकॉप्टर को किराए पर देती थी 7.5 लाख रूपया प्रति घंटा और ममता को जाना होता तो लेती थी 16 लाख प्रति घंटा
गजब का लूटा है ममता बानो ने पश्चिम बंगाल को
इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने NSA अजीत डोभाल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि डोभाल लोगों के फोन, WhatsApp और Facebook संचार नियंत्रित करते हैं, फोन टैपिंग करवाते हैं तथा इसकी जानकारी प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह तक पहुँचाते हैं।
तो सवाल सीधा है: इन गंभीर आरोपों के प्रमाण कहाँ हैं?
किस बातचीत का रिकॉर्ड है? किस तकनीकी या आधिकारिक दस्तावेज़ से यह साबित होता है? फोन टैपिंग का कौन-सा प्रमाण सार्वजनिक किया गया? 500 लोगों की निगरानी संबंधी दावे का आधार क्या है?
राजनीतिक आरोप लगाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर आरोप जितने गंभीर हों, प्रमाण भी उतने ही ठोस होने चाहिए। आरोप नहीं, प्रमाण बोलने चाहिए।
📌 राजदीप को कपिल देव से देशभक्ति का सबक मिला
प्रश्न: "अगर आप कप्तान होते, तो क्या आप मोहसिन नकवी से हाथ मिलाते?"
कपिल देव: "अगर मेरा क्रिकेट बोर्ड मुझे हाथ न मिलाने के लिए कहता है, तो मैं नहीं मिलाऊंगा।
अगर वह मुझे पाकिस्तान के खिलाफ न खेलने के लिए कहता है, तो मैं नहीं खेलूंगा।
लेकिन अगर बोर्ड या सरकार कहती है कि हमें खेलना चाहिए, तो मैं खेलूंगा। कभी-कभी यह वह नहीं होता जो आप चाहते हैं, लेकिन आपको इसे सरकार पर छोड़ देना चाहिए।"
"मैं व्यक्तिगत रूप से मानता हूं कि कभी ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए कि आप अगले दिन हाथ भी न मिला सकें।"
"मेरे निजी विचार देश से ऊपर नहीं हैं। जब बात देश की आती है, तो देश मुझसे पहले आता है।"
राजदीप: "लेकिन आपने इमरान खान के लिए एक पत्र लिखा था। क्या वह आपका व्यक्तिगत फैसला था?"
कपिल: "हमने उनके खिलाफ खेला और कई वर्षों तक उनकी प्रशंसा की, और वह प्रधानमंत्री भी थे।
मुझे पाकिस्तान के कानूनों की जानकारी नहीं है, लेकिन सामूहिक रूप से हमने केवल बुनियादी मानवीय शिष्टाचार की मांग की थी।
अगर आप उन्हें जेल भेजना चाहते हैं, तो यह आपका मामला है, लेकिन कुछ बुनियादी प्रक्रियाएं और शिष्टाचार हैं जिनका पालन किया जाना चाहिए।" 🔥
बहुत छोटी और बहुत दुखद कहानी, जरूर पढ़ें 😭🙏
आज DUSU चुनाव परिणाम आने वाले थे। शुरू में कांग्रेस (NSUI) बीजेपी (ABVP) से आगे चल रही थी।
कांग्रेस नेता रागिनी नाईक गिनती केंद्र पहुंचीं और नारे लगाकर जश्न मनाने लगीं —
मोदी जी को भेजो तार ABVP की हो गई हार 🔥
करीब 3-4 घंटे बाद अंतिम नतीजे आए और ABVP ने 4 में से 3 पद जीत लिए 💪
अब रागिनी नाईक कहीं नजर नहीं आ रही 😂😂
कुछ दिनों पहले तक एथनॉल वाले पेट्रोल को लेकर ऐसा माहौल बनाया जा रहा था, मानो देश की हर गाड़ी कल सुबह से कबाड़ होने वाली हो। 😂
कहीं बोतल में पेट्रोल और गन्ने का रस,
कहीं फ्यूल टैंक पर चींटियाँ,
कहीं नोजल पर मधुमक्खियाँ...
बस NASA को बताना बाकी था कि भारत में पेट्रोल नहीं, गन्ने का शरबत भरवाया जा रहा है! 😂
अब अचानक शिकायतें कम हो गईं,
माइलेज भी कई लोगों को पहले से बेहतर महसूस होने लगा।
तो सवाल उठना स्वाभाविक है...
क्या सरकार ने चुपके से E20 को E10 या E15 कर दिया?
या फिर बेचारे पेट्रोल में कोई चमत्कारी सुधार हो गया? 🤔
सरकारी स्पष्टीकरण के मुताबिक देश में E20 व्यवस्था कायम है और व्यापक इंजन-क्षति का कोई सत्यापित प्रमाण नहीं मिला है।
लेकिन इंटरनेट की प्रयोगशाला में तो निष्कर्ष पहले ही निकल चुका था!
ठीक यही कहानी UPI को लेकर भी देखने को मिली।
“₹2,000 से ऊपर UPI किया तो चार्ज लगेगा!”
“UPI खत्म होने वाला है!”
“अब हर भुगतान पर जेब कटेगी!”
फिर वास्तविक नियम सामने आया...
P2P भुगतान मुफ्त,
₹2,000 तक के अधिकांश P2M भुगतान मुफ्त,
और लगभग 96% P2M लेनदेन अप्रभावित।
यानी पहले डर का ट्रेलर,
फिर आधी-अधूरी जानकारी का इंटरवल,
और अंत में नियम पढ़ने पर पता चला...
फिल्म कुछ और थी,
ट्रेलर किसी और ने बनाया था! 😂
अब बस एक सवाल बचता है...
एथनॉल हो या UPI,
क्या हर बार नीति से पहले “प्रचार” लॉन्च करने वालों का भी कोई लॉन्च-इवेंट होता है? 😏
जयपुर मे हुई BJP की फजीहत ,
निर्दलीय मुस्लिम पार्षद BJP मे 2 घंटे भी नहीं टीका
ये है जयपुर के निर्दलीय पार्षद मोहम्मद रईस
मुस्लिम बहुल वार्ड 106 से आते है
परसों रात इन्होंने BJP प्रदेश अध्यक्ष की मौजदगी मे BJP जॉइन की
यह खबर मिलते ही इसके वार्ड के शांतिप्रिय लोग पार्षद के खिलाफ प्रदर्शन करने लग गए
उसके बाद रात मे ही निर्दलीय पार्षद मोहम्मद रईस ने
काँग्रेस का पट्टा डाल कर विडिओ जारी कर कहा --
मेरी विचारधारा सेकुलर है ,जो कॉंग्रेस से मेल खाती है
जब BJP को पता है इस समुदाय की सच्चाई ,तो क्यों इनको पार्टी मे लेती है जबकि BJP के पास जयपुर पहले से बहुमत है